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हरियाली तीज के अवसर पर भारतीय वैश्य महासंघ ने किया वृहद वृक्षारोपण का आयोजन

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देहरादून। हरियाली तीज के अवसर पर भारतीय वैश्य महासंघ,जी एम एस मंडल देहरादून की ओर से निरंजनपुर सब्जी मंडी के समीप गोयल भवन में वृहद वृक्षारोपण का आयोजन किया गया।
अपने उद्बबोधन की शुरुआत वंदे मातरम की पंक्तियां शस्य श्यामलां मलयज शीतलाम* से प्रारंभ करते हुए भारतीय वैश्य महासंघ उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष विनय गोयल ने कहा कि भारत वर्ष अपनी प्राकृतिक सौंदर्यता, सुरमयता, रमणीयता एवं बासंती वैभव के लिए जग प्रसिद्ध रहा है। हिमालय की हरीतिमा संपूर्ण विश्व को आकर्षित करती है। हमारी भारतीय संस्कृति एवं दर्शन में वृक्षों को देवत्व का दर्जा प्राप्त है।देवताओं की भांति पीपल के वृक्ष की पूजा की जाती है।प्रातः काल भगवान की पूजा अर्चना करने के पश्चात बचे हुए जल को तुलसी के पौधे में चढ़ाकर प्रणाम किया जाता है। भगवान सत्यनारायण जी की कथा में भी केले तथा आम के पत्तों की पूजा का प्रावधान है। बेल की पत्तियों तो भगवान शिव के मस्तिष्क पर चढ़ाई जाती हैं तथा कदब के वृक्ष को भी भगवान श्री कृष्ण का प्रिय समझकर उसे प्रणाम किया जाता है। लेकिन औद्योगिकीकरण के इस युग में वृक्षों एवं वनों को बड़ी निर्दयता के साथ काटे जाने लगा,जिसके दुष्परिणाम अब सामने आने लगे हैं। संपूर्ण विश्व का तापमान बढ़ रहा है जिससे ग्लेशियर पिघल रहे हैं तथा समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है।इस भयावह स्थिति से बचने के लिए हम सबको पेड़ लगाने चाहिए क्योंकि हमारे पुराने ग्रंथों में भी कहा गया है *एक वृक्ष सौ पुत्र समान।
जीएमएस मंडल के महासचिव शिखर कुछल ने बताया कि आज फलदार छायादार एवं सजावटी लगभग 50 वृक्ष लगाए गए। संस्था द्वारा आज शाम 5 बजे आजादी के अमृत काल के अवसर पर 75 वर्ष की आयु पार चुके बुजुर्गों का तथा मेधावी बालक बालिकाओं का सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किया जा रहा है।
इस अवसर पर जी एम एस मंडल अध्यक्ष संजय गुप्ता, शिखर कुछल, अभिनव गोयल ,मनोज गोयल आलोक अग्रवाल, एस के मित्तल, सी एम गर्ग,प्रमोद गोयल,अनूप गोयल आनंद मोहन कंसल,अनुज अग्रवाल श्रीमती संगीता मित्रल,श्रीमती चारू गोयल,श्रीमती अंजू अग्रवाल तथा मीडिया प्रभारी संजय गर्ग आदि ने पौधे लगाए तथा उनकी देखभाल का संकल्प लिया।

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