पलवल। नाबालिग किशोरी का मस्जिद में धर्म परिवर्तन कराने के दबाब बनाने के मामले में त्वरित कार्यवाही करते हुए पुलिस ने एक किशोर आरोपीं को संरक्षण में लेते हुए मुख्य आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार सदर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को तहरीर देकर बताया गया था कि 25 सितंबर को शाम करीब 6 बजे वह घर पहुंचा तो उसकी 15—16 वर्षीय नाबालिग बेटी घर पर नहीं थी, जिसको वह, उसकी पत्नी और एक अन्य खोजने के लिए गांव में निकले तो बड़ी मस्जिद से उसकी बेटी के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। बेटी की आवाज सुनकर वे जब मस्जिद के अंदर गए तो देखा कि मस्जिद मौलवी व एक अन्य व्यक्ति दोनों लड़की से झगड़ा कर रहे थे। उस समय वहां पर 4 अन्य नामजद और दो महिलाएं योजनाबद तरीके से अपने हाथों में कुरान लेकर धर्म परिवर्तन करा रही थी। उन्होंने अंदर जाकर बच्ची को उनके चंगुल से छुडाकर शोर मचाया। उन्हें देखकर लड़की रोई और बताया कि मौलवी ने उसके हाथ से कलावा काट दिया और उसके माथे से तिलक को मिटा दिया है। इसके बाद इन्होंने उसपर नमाज पढ़ने और धर्म परिवर्तन करने का दबाब बनाते हुए मौलवी ने उसके साथ बदतमीजी की और छेड़छाड़ की है। जब वे मस्जिद से बाहर निकले तो इनके पक्ष के अन्य लोगों ने उनका रास्ता रोक लिया, जिन्होंने हाथ में लाठी, डंडा ले रखे थे, उन्हें धमकी दी कि मामले को ज्यादा बढ़ाया तो तुम्हें जान से खत्म कर देंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने नाबालिग के पिता की शिकायत पर मौलवी, 2 महिलाएं सहित सभी नामजद 8 के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी मौलवी को गिरफ्तार करने के साथ ही एक किशोर आरोपी को अभिरक्षा में—लिया गया, जिसमें मुख्य आरोपी मौलवी को जेल भेजा जा चुका है तथा किशोर अपराधी को बाल सुधार गृह में भेजा गया है।




