देहरादून। सिडकुल आईटी पार्क देेहरादून में 98.5 एकड़ सरकारी भूमि के आवंटन में कथित गड़बड़ियों और चार हजार करोड़ के मुल्य की जमीन से जुड़े दस्तावेज गायब है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए यह बात वरिष्ठ कांग्रेस नेता व अधिवक्ता अभिनव थापर द्वारा कही गयी। उन्होने इस मामले को उत्तराखण्ड के इतिहास के सबसे बड़े संभावित भूमि घोटालो में से एक बताते हुए कहा है कि इस पर तत्काल मुकदमा दर्ज कर इसकी जांच स्वतंत्र ऐजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होने बताया कि बीते 27 नवम्बर को कांग्रेस मुख्यालय में हुई उनकी पत्रकार वार्ता के अगले ही दिन सिडकुल प्रबन्धन ने दस्तावेज उपलब्ध कराने के नाम पर सिर्फ दो पन्नो की नोटशील उपलब्ध करायी वह भी वर्ष 2002 तक की है। उन्होने कहा कि वर्ष 2002 से 2025 तक के सभी दस्तावेज गायब है।




