मौसम अगर चुनावी हो तो यह स्वाभाविक ही है कि सभी सत्ताधारी दलों की सरकारें कर्मचारियों और आम जनता पर मेहरबान दिखाई देती हैं। कल सूबे की धामी सरकार की कैबिनेट की बैठक में कर्मचारियों और युवाओं से लेकर उघमियों तक के हितों से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। प्रमोशन में शिथिलीकरण की सुविधा की समय सीमा बढ़ाकर 30 जून 2024 कर दी गई। सरकार के फैसले से कर्मचारियों के प्रोन्नति का रास्ता खुल गया है जो 2022 से बंद पड़ा था जो बात सरकार हाई कोर्ट के निर्देश के बाद भी मानने को तैयार न हुई थी अब उसे सहज ही मान लिया गया है। सरकार के फैसले से प्रोन्नति होने से खाली हुए पदों को भरने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार द्वारा 2016 में रोडवेज विभाग में मृतक आश्रितों को नौकरी देने की जिस व्यवस्था पर रोक लगा दी गई थी उस रोक को भी हटाने का फैसला कल कैबिनेट की बैठक में लिया गया है। मृतक आश्रित रोडवेज के कर्मचारियों के जो बच्चे स्वयं को ठगा सा महसूस कर रहे थे अब उनको रोडवेज में नौकरी मिल सकेगी। 2016 से पूर्व की तरह अब सभी मृतक आश्रितों को नौकरियां मिल सकेगी इनकी संख्या 195 बताई जा रही है। कल हुई कैबिनेट की बैठक में सरकार ने कर्मचारियों की बीमा सुरक्षा को 20 लाख कर दिया है। सरकार अब कर्मचारियों के बीमा प्रीमियम को बढ़ाने को तैयार है। इसका लाभ सभी वर्ग के कर्मचारियों को मिल सकेगा। जिन्हें पहले एक लाख का बीमा लाभ मिलता था उन्हें अब 5 लाख मिलेगा और जिन्हें चार लाख मिलता था उन्हें अब 20 लाख का बीमा लाभ दिया जाएगा। कैबिनेट में 327 पुलिस कांस्टेबल व सब इंस्पेक्टरों के पदों को भरने की मंजूरी भी दे दी है जो युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। उघमियों के नक्शे पास अब स्टेट इंफ्रास्ट्रेक्चर डवलपमेंट अथॉरिटी करेगी, प्राधिकरण से नक्शे पास करने में आने वाली मुश्किलों का उन्हें सामना नहीं करना पड़ेगा। कल की बैठक में गरीबों के लिए सस्ता नमक उपलब्ध कराने का फैसला भी मान लिया गया है। राज्य सरकार लंबे समय से इस पर विचार कर रही थी जो नमक बाजार में 20—25 रुपए किलो मिलता है वह इन राज्य के गरीब परिवारों को मात्र 8 रूपये किलो में उपलब्ध कराया जाएगा। अभी कुछ ही समय पहले सरकार ने और भी बहुत सारे फैसले किए थे। जो सीधे—सीधे जनहित से जुड़े हुए हैं। राज्य सरकार ने कल की कैबिनेट बैठक में जो सबसे अहम फैसला लिया है वह ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेलवे स्टेशनों के आसपास नए निर्माण पर लगाए जाने वाली रोक का है। सरकार का इरादा है कि इन रेलवे लाइन के सभी 11 प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर नए शहरों को बसाया जाए जिससे लोगों का जीवन आसान बन सके। फैसले में स्टेशन के 400 मी. हवाई दूरी तक खाली रखने के आदेश हो सकते हैं। रेलवे लाइन और स्टेशन के पास विकसित किए जाने वाले इन शहरों को उनकी वहनीय क्षमता और नियोजित तरीके से बसाया जा सकेगा साथ ही इनमें बसने वालों के लिए पहाड़ का सफर आसान भी रहेगा। वही अभी कैबिनेट की यह बैठक लोकसभा चुनाव से पूर्व होने वाली कोई अंतिम बैठक नहीं है बीते कुछ महीनो से धामी सरकार द्वारा ताबड़तोड़ कैबिनेट बैठकें की जा रही है और उनमें जनहित से जुड़े मुद्दों पर बड़े—बड़े फैसले लिए जा रहे हैं। आने वाले समय में होने वाली कैबिनेट बैठकों में भी कुछ इसी तरह की राहतों की बरसात जारी रह सकती है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इन दिनों फुल एक्शन मोड में है उनके द्वारा यूसीसी जैसे अहम मुद्दों को लेकर भी स्थिति साफ की जा चुकी है और आंदोलनकारियों के क्ष्ौतिज आरक्षण पर यह साफ कर दिया गया है कि जनवरी व फरवरी तक इन सभी मुद्दों को अंजाम तक पहुंचा दिया जाएगा। बीजेपी इन दिनों अपनी पूरी ताकत के साथ मिशन 2024 की तैयारी में जुटी हुई है। चुनावी दौड़ में होने वाले जनहित के यह फैसले निश्चित ही जनता को भी भा रहे हैं क्योंकि चुनाव के कारण ही सही कुछ तो ऐसा हो रहा है जो उनके लिए फायदा पहुंचाने वाला है।



