नौ साल बेमिसाल या हाल बेहाल

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने अपने कार्यकाल के नौ साल पूरे कर लिए हैं। भाजपा ने इन नौ सालों की उपलब्धियों की एक लंबी चौड़ी लिस्ट जारी की है वहीं मुख्य विपक्षी दल काग्रेस द्वारा सरकार और भाजपा से 9 सालों का जवाब मांगते हुए इन नौ सालों में देश को बदहाल बनाने की बात कही जा रही है। इसमें कोई संदेह नहीं है कि भाजपा की वर्तमान मोदी सरकार के द्वारा कुछ असाधारण कार्य भी किए गए जिसमें कश्मीर से धारा 370 को समाप्त करने और स्वच्छ भारत मिशन जैसे कार्यक्रमों को सराहा जा सकता है। देश में इन 9 सालों में कनेक्टिविटी सुहढ़ीकरण पर जो काम किया गया है वह बेहतर है और इससे बुनियादी ढांचे में सुधार आया है। धार्मिक विरासत को विकसित करने में भी मोदी सरकार अव्वल रही है विश्वनाथ कॉरिडोर और राम मंदिर निर्माण जैसे कामों को भाजपा सरकार ने बखूबी अंजाम तक पहुंचाया है। लेकिन उसकी उपलब्धियों पर भारी पड़ने वाली कमियों को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है भले ही केंद्र की भाजपा सरकार देश की अर्थव्यवस्था को पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने का दावा कर रही हो लेकिन जिस अर्थव्यवस्था ने गरीबों को और अधिक गरीब बना दिया हो उसे समाज के लिए हितकारी नहीं माना जा सकता है। इन 9 सालों में देश के 30 करोड़ से अधिक वह लोग जो गरीबी की रेखा से ऊपर आ चुके थे उन्हें फिर से गरीबी की भटृी में झोंक दिया गया है। सरकार द्वारा देश में नई टैक्स नीति यानी जीएसटी के जरिए आम आदमी को निचोड़ कर रख दिया है भले ही सरकार इसे बड़ी उपलब्धि माने बैठी हो कि उसकी जीएसटी से होने वाली आय कुलांचे भर रही है लेकिन खाने पीने की और आम जरूरत की चीजों पर जो टैक्स वसूली हो रही है उससे गरीबों की जिंदगी और बदहाल हो रही है। भाजपा सरकार ने सत्ता में आने से पहले हर साल 10 लाख बेरोजगारों को नौकरी देने का वादा किया था लेकिन उसके पास इस सवाल का कोई जवाब नहीं है कि उसने इन 9 सालों में कितने लोगों को रोजगार दिया है अब अपने कार्यकाल के दसवें साल में 10 लाख लोगों को रोजगार देने का जो काम रोजगार मेले लगाकर किया जा रहा है वह रोजगार देने का ढोल पीटने जैसा है। यह युवाओं का देश है जैसी बातें करने वाली भाजपा की मोदी सरकार युवाओं को काम देने में विफल साबित हुई है आज बेरोजगारी देश की एक बड़ी समस्या बन गई है। कहा जाता है कि भारत के विकास का रास्ता गांवों से होकर जाता है लेकिन आज ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक बदहाली किसी से छुपी नहीं है किसानों की आय दोगुना करने का जो वायदा किसानों से किया गया था वह झांसा साबित हो चुका है। 500 रूपये महीने की जो सम्मान निधि किसानों को दी जा रही है वह सिर्फ एक लॉलीपॉप है क्योंकि 500 रूपये में 6 लीटर डीजल भी नहीं आता है। भाजपा सरकार के इन 9 सालों के कार्यकाल में देश को जो सबसे बड़ी क्षति हुई है वह है सामाजिक विभाजन और सांप्रदायिक टकराव को बढ़ावा मिलना। मंदिर मस्जिद और जाति धर्म के नाम पर होने वाली राजनीति ने देश के सांप्रदायिक एकता के ढांचे को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। चुनावी लाभ के लिए धार्मिक कटृरवादिता को जिस तरह बढ़ावा मिला है वह देश की समरसता को समाप्त कर रहा है जो इस देश की पहचान रहा है। केंद्र की मोदी सरकार को इस पर गौर करने की जरूरत है।

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