July 1, 2026देहरादून। जज के पिता के साथ हुई मारपीट के मामले में तीन दिन बीत जाने के बाद भी मुकदमा दर्ज नहीं किए जाने के आरोपो के बीच एसएसपी देहरादून ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धारा चौकी इंचार्ज को लाइन हाजिर कर दिया है।जानकारी के अनुसार जज के पिता के साथ मारपीट की घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया जा रहा है की घटना के तीन दिन बाद भी धारा चौकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया। मामले में पुलिस की कार्यश्ौली पर सवाल उठने के बाद यह मामला वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धारा चौकी इंचार्ज विनीता चौहान को लाइन हाजिर करने के आदेश जारी कर दिए हैं। एसएसपी प्रमेन्द्र डोबाल का कहना है कि कानून सभी के लिए समान है, किसी भी शिकायत के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
July 1, 2026उत्तराखण्ड में आखिरकार मानसून ने दस्तक दे ही दी है। करीब 10 दिन की देरी से पहुंचे मानसून के साथ अब प्रदेश भर में बारिश का दौर शुरू हो गया है। मानसून के आने के साथ ही प्रदेश भर में लोगो को गर्मी से राहत मिली है। वहीं इस मानूसनी बारिश के झमाझम चलने के कारण राज्य के नदी नाले उफान पर आ गये है। जिस कारण लोगो को परेशानियों का सामना भी करना पड़ रहा है। राज्य की राजधानी देहरादून की बात करें तो यहंा देर रात से हो रही बारिश के कारण सड़कों पर पानी भर चुका है। जिसके चलते लोगों को आवागमन में भी दिक्कते आ रही है। कहने को तो राजधानी देहरादून को स्मार्ट सिटी बनाने की तो बात लम्बे समय से की जा रही है लेकिन बीते रोज से हो रही बरसात ने इसकी पोल खोलकर रख दी है। बात अगर राज्य के पहाड़ी जिलों की की जाये तो बीते वर्ष की मानसूनी बारिश के कारण पहाड़ो मेंं आपदा का दौर शुरू हो गया था। जिसमे कई लोगों को अपनी जान माल से हाथ धोना पड़ा था। उत्तराखण्ड में आपदा का यह कहर राज्य के दोनो मंडलों मेें देखने को मिला था। गढ़वाल मंडल मेें उत्तरकाशी जनपद सहित कई जिले जहंा आपदा की चपेट में आये थे वहीं कुमांऊ मंडल भी आपदा से अछुता नही रहा था। यहंा भी कई सड़के बह जाने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। जिस कारण खाघ सामग्री भी दूरस्थ क्षेत्रों में पहुंचाना शासन—प्रशासन के लिए मुश्किल हो गया था। हालांकि मानूसन काल समाप्त होते ही शासन प्रशासन द्वारा राज्य की कई सड़कों को ठीक कर दिया गया जबकि अब भी कई पुलो व पुलियाओं को ठीक करने का काम आज भी जारी है। राजधानी देहरादून में बीते वर्ष मानसून के दौरान हुई बारिश से कई घर मकान बह गये थे। जिनमें मालदेवता, सहस्त्रधारा गढ़ी कैंट के दुरस्त इलाके व रानीपोखरी शामिल थे। देखना होगा कि इस वर्ष मानूसनी बारिश जिसका इंतजार गर्मी के कारण सभी लोग कर रहे थे उत्तराखण्ड पर इसका क्या असर पैदा करता है।
June 30, 2026राज्य के सड़क विकास से सीमांत क्षेत्रों और पर्यटन को मिलेगी नई उड़ाननई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री श्री नितिन गडकरी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्रतिभाग किया। बैठक में उत्तराखण्ड राज्य से संबंधित सड़क एवं अवसंरचना विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया।मुख्यमंत्री ने राज्य की भौगोलिक परिस्थितियों, सीमांत क्षेत्रों की सामरिक एवं रणनीतिक महत्ता, तीर्थाटन, पर्यटन तथा आपदा प्रबंधन की आवश्यकताओं को दृष्टिगत रखते हुए राज्य में सुदृढ़ एवं आधुनिक सड़क नेटवर्क के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लंबित प्रस्तावों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय का अनुरोध किया।केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (CRIF) के अंतर्गत वर्ष 2026-27 हेतु राज्य सरकार को लगभग रूपये 750 करोड़ लागत की परियोजनाओं की स्वीकृति पर सहमति प्रदान की गई। इसके साथ ही NHO के अंतर्गत 05 प्रमुख परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई, जिनकी कुल अनुमानित लागत लगभग रूपये 2966 करोड़ है। इनमें श्रीनगर बाईपास का PMC, पुरकाजी–लक्सर–हरिद्वार मार्ग की चार-लेनिंग, लोहाघाट एवं पिथौरागढ़ बाईपास की alignment , मझोला से खटीमा के आबादी भाग में चार-लेन विस्तार तथा रामनगर–रानीखेत (मोहन) मार्ग का सुदृढ़ीकरण प्रमुख रूप से शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने वर्ष 2025-26 तक की रूपये 530.11 करोड़ की लंबित प्रतिपूर्ति राशि शीघ्र अवमुक्त किए जाने तथा का भी अनुरोध किया।मुख्यमंत्री ने आगामी अर्धकुंभ मेला 2027 के दृष्टिगत हरिद्वार बाईपास परियोजना को समयबद्ध रूप से पूर्ण किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि इससे यातायात दबाव में कमी आएगी तथा श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुगम आवागमन की सुविधा प्राप्त होगी। मुख्यमंत्री ने कोटद्वार बाईपास परियोजना के कार्यों में भी तेजी लाने का अनुरोध किया, जिससे क्षेत्रीय यातायात व्यवस्था सुगम हो सके तथा स्थानीय जनता को जाम की समस्या से राहत मिले।दोनों ही प्रस्तावों को सहमति प्रदान की गई।मुख्यमंत्री ने National Highways पर Spur के माध्यम से अन्य मार्गों के संयोजन हेतु कुछ परियोजनाओं के लिए लगभग रूपये 3000 करोड़ की सैद्धांतिक सहमति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया, जिस पर केंद्रीय मंत्री द्वारा सकारात्मक सहमति व्यक्त की गई। इसके अतिरिक्त अल्मोड़ा सिकुड़ा बैंड से एनएच-309 तक टनल सहित मोटर मार्ग निर्माण हेतु लगभग रूपये 300 करोड़ की परियोजना पर चर्चा और सैद्धान्तिक सहमति की गई।राज्य में आपदा प्रबन्धन में सफल और कुशल कार्यों के दृष्टिगत मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड लैंडस्लाइड मिटिगेशन मैनेजमेंट सेंटर (ULMMC) के माध्यम से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में उपचारात्मक कार्यों हेतु डीपीआर तैयार किए जाने हेतु MoU करने का अनुरोध किया जिससे संवेदनशील क्षेत्रों में स्थायी एवं वैज्ञानिक समाधान सुनिश्चित हो सके। मंत्रालय द्वारा इसे स्वीकृत किया गया है ।मुख्यमंत्री ने सीमा सड़क संगठन (BRO) से संबंधित लंबित मामलों, विशेषकर ऋषिकेश–गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग के हिना–तेखला–नेताला–गरमपानी खंड की डीपीआर तथा जोशीमठ बाईपास मार्ग के संशोधित प्रस्तावों ( COS) को शीघ्र स्वीकृति प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यंत कम दरों पर प्राप्त निविदाओं के मामलों में अतिरिक्त परफॉर्मेंस सिक्योरिटी की वर्तमान व्यवस्था में आवश्यक संशोधन किया जाए, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों में सड़क निर्माण एवं स्लोप ट्रीटमेंट कार्य समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से संपन्न हो सकें।मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन एवं केंद्र सरकार के सहयोग से इन सभी परियोजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन से उत्तराखण्ड में सड़क संपर्क एवं आधारभूत संरचना को नई मजबूती मिलेगी। इससे सीमांत क्षेत्रों का विकास, पर्यटन को बढ़ावा, आपदा प्रबंधन क्षमता में वृद्धि तथा राज्य की आर्थिक प्रगति को गति प्राप्त होगी।बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री श्री अजय टम्टा, सचिव लोक निर्माण विभाग डॉ. पंकज कुमार पांडेय, सचिव सड़क परिवहन श्री बृजेश कुमार संत, स्थानिक आयुक्त श्री अजय मिश्रा एवं अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
June 30, 2026देहरादून। उत्तराखण्ड रजत जयंती में इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है।उत्तराखंड की गौरवशाली संस्कृति और प्रकृति के जुड़ाव का प्रतीक ट्टहरेला पर्व’ इस वर्ष ऐतिहासिक होने जा रहा है। राज्य की रजत जयंती (25वें वर्ष) के उपलक्ष्य में आगामी 16 जुलाई से शुरू होने वाला यह लोक पर्व पूरे एक माह तक बेहद खास और यादगार अंदाज में मनाया जाएगा। इस बार दून जनपद में थीमैटिक (विषय—आधारित) तरीके से विशेष प्रजातियों के पौधे लगाकर ईको—टूरिज्म को एक नई ऊंचाई देने का संकल्प लिया गया है।हरेला पर्व की भव्य तैयारियों को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष का महा—अभियान केवल रस्म अदायगी नहीं, बल्कि धरती को हरा—भरा बनाने का एक जन—आंदोलन बनेगा। जिलाधिकारी ने सभी सरकारी विभागों को निर्देश दिए हैं कि वे अविलंब अपनी रोपण साइट्स का चयन कर लें। अभियान को पारदर्शी और सफल बनाने के लिए प्रत्येक विभाग में एक नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा, जो ट्टमाइक्रो लेवल प्रबंधन’ के तहत कार्ययोजना तैयार करेगा। इस महा—अभियान में आम जनमानस के साथ—साथ जनप्रतिनिधियों, युवाओं, महिला समूहों और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। इसके अलावा देश के प्रतिष्ठित संस्थान जैसे आईएमए, सर्वे ऑफ इंडिया, ओएनजीसी और आईटीबीपी को भी इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि जिले में क्षेत्र विशेष की मिटृी के अनुकूल ट्टक्वालिटी फॉरेस्ट’ (उच्च गुणवत्ता वाले वन) तैयार किए जा सकें। अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहे, इसके लिए एक अनूठी पहल की जा रही है। महीने भर चलने वाले इस रोपण अभियान की नियमित और कड़े स्तर पर मॉनिटरिंग करने के लिए एक विशेष ट्टहरित कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा।बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि इस वर्ष जिले में 15.50 लाख पौधे लगाने का विशाल लक्ष्य रखा गया है। खास बात यह है कि लगाए जाने वाले पौधों में 50 प्रतिशत पौधे फलदार और चारा प्रजाति के होंगे। इन पौधों को सिर्फ लगाया ही नहीं जाएगा, बल्कि अगले 5 वर्षों तक इनके रखरखाव और सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी तय की जाएगी। सभी रेखीय विभागों को आगामी 10 जुलाई तक गड्ढों की खुदाई, जैविक खाद, ट्री—गार्ड और पौधों के परिवहन की सभी व्यवस्थाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। वन विभाग के चार प्रभागों मसूरी, कालसी, चकराता और देहरादून के माध्यम से सभी विभागों को पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे।इस उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, प्रभागीय वनाधिकारी नीरज कुमार शर्मा, वैभव सिंह, मयंक कुमार, एसडीओ अभिषेक मैठाणी सहित कृषि, उघान, उघोग, शिक्षा, खेल, पेयजल और सड़क विभाग के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे।
June 30, 202650 हजार रूपये के छपे जाली नोट, लैपटाप, प्रिंटर व अन्य उपकरण बरामद हरिद्वार। नकली नोट छापकर देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने वाले संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जिनके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये के छपे जाली नोट, लैपटॉप, दो प्रिंटर, मोबाइल फोन तथा नकली नोट तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले अन्य उपकरण बरामद किए गये हैं।पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 27 जून 2026 को कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने 52,500 के नकली नोटों के साथ तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया था। मामले की गहन विवेचना और पूछताछ के दौरान कई अहम सुराग मिले, जिनके आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि कुछ लोग क्विड कार यूके 08 बीजी 6798 से नकली नोट छापने के उपकरण और तैयार जाली नोटों को ठिकाने लगाने के लिए बड़ापुर (बिजनौर) की ओर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस ने लालढांग तिराहे पर घेराबंदी कर वाहन को रोक लिया और तलाशी के दौरान तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में उन्होने अपना नाम देवेन्द्र कुमार (31), निवासी सरदारपुर छांमली, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश), गुलजार अहमद (30), निवासी टांडा सिक्कावाला, थाना बड़ापुर, जिला बिजनौर (उत्तर प्रदेश)व शगुन जोशी (26), निवासी लालढांग, थाना श्यामपुर, जिला हरिद्वार बताया। बताया कि गिरोह का सदस्य गुलजार ऑनलाइन विशेष कागज मंगाता था। शगुन जोशी असली नोटों की फोटो लेकर सॉफ्टवेयर और एप की मदद से उनकी गुणवत्ता बढ़ाता था, ताकि प्रिंट हूबहू असली जैसा दिखाई दे। वहीं देवेन्द्र ने बताया कि वह पहले भी गुलजार के साथ मिलकर बिजनौर के बड़ापुर क्षेत्र में करीब एक लाख रुपये के नकली नोट छाप चुका है, जिनमें से लगभग 60 हजार रुपये के नोट बाजार में चला दिए गए थे। इस सफलता के बाद गिरोह का लालच बढ़ा और उन्होंने अपने नेटवर्क में देवेन्द्र के जीजा शिवम को भी शामिल कर लिया। चारों मिलकर नकली नोट तैयार कर उन्हें बाजार में खपाने की साजिश रच रहे थे। पुलिस ने आरोपितों के पास से एक लैपटॉप व चार्जर, प्रिंटर, पांच मोबाइल फोन, 500 के चार असली नोट, 500 के नकली नोटों की 25 प्रिंटेड शीट (करीब 50 हजार मूल्य), गांधीजी के वॉटरमार्क वाली एक शीट बरामद की है।पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उनका चालान कर दिया है। साथ ही गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
June 30, 2026मंत्री के छापे से मचा हड़कंप, गैरहाजिर मिले कई अफसर—कर्मचारी उधमसिंहनगर। कैबिनेट मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बीते रोज जसपुर नगर पालिका परिषद का औचक निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। निरीक्षण के दौरान कई अधिकारी और कर्मचारी बिना सूचना के अनुपस्थित मिले, जबकि कार्यालय परिसर में शराब की खाली बोतलें और मदिरा सेवन से जुड़ी सामग्री मिलने पर मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई और जांच के आदेश दे दिये है।मंत्री ने उपस्थिति रजिस्टर की जांच कर अनुपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल जांच कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने साफ—सफाई, पेयजल, सड़क, प्रकाश व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की भी समीक्षा की और अधिकारियों को जनहित के सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि जनता को बेहतर सेवाएं देना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है और लापरवाही करने वाले किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।