बीते कल जब राजधानी दून की सड़कों पर कांग्रेसी नेताओं द्वारा कानून व्यवस्था के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, उसी समय दिनदहाड़े धर्मनगरी हरिद्वार के शिवालिक नगर में हथियारबंद बदमाश एक कांग्रेसी नेता की बेटी को बंधक बनाकर उसके घर में लूटपाट कर रहे थे। घर में घुसे यह बदमाश तमंचे की नोक पर घर से लाखों के जेवरात और नगदी लूटकर गृह स्वामी की कार को लेकर फरार हो गए। सुशासन और भय मुक्त समाज का राग अलापने वाली सूबे की सरकार कितनी नाकाम और कामयाब हो सकती है यह घटना इसका उदाहरण है। विकास के दावों की अगर बात की जाए तो सत्ता में बैठे लोग देवभूमि को विकसित राज्य का मॉडल बनाने की घोषणा से पूर्व नहीं रुकते हैं लेकिन यह विकास कहां हो रहा है पूरे राज्य में कहीं ढूंढे भी दिखाई नहीं आएगा। राजधानी दून इसके बारे में कभी यह कहा जाता था कि राज्य का पूरा विकास सिर्फ दून तक ही सिमट कर रह गया है उसकी सड़कों की हालत शायद इससे बेहतर कभी किसी ने भी नहीं देखे होंगे। देहरादून के लोग दून की सड़कों पर कैसे आवाजाही कर रहे हैं इसका जायजा लेना है तो दून का एक चक्कर काट कर देख लीजिए सारी हकीकत सामने आ जाएगी कि जिस दून को स्मार्ट सिटी बनाने के नाम पर हजारों करोड़ रुपये बहा दिए गए वह कितना स्मार्ट बन पाया है। इस मानसून काल में तालाब में तब्दील होने वाली सड़कों से आप एक दो बार तो अवश्य ही गुजरे होंगे। गली मोहल्लो में या तो जल भराव की स्थिति बनी रहती है और अगर बारिश न हो तो पूरा शहर धूल—धूल हो जाता है। राज्य की चार धाम यात्रा को बारहमासी बनाने की जिद पर अड़ी सरकार को एक बार चार धाम यात्रा मार्गों का निरीक्षण और सर्वे जरूर कराना चाहिए कम से कम उसे इस बात का पता तो चल सकेगा की इस दौरान चार धाम यात्रा कितने सुचारू ढंग से संचालित हो रही है तथा यात्रियों को कितना जोखिम उठाना पड़ रहा है। कितने धामों तक यात्रियों का आसानी से पहुंच पाना संभव हो पा रहा है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम की यात्रा विगत 20—25 दिनों से ठप पड़ी है वहीं केदार धाम और बद्रीनाथ धामों तक पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या नगण्य रह गई है। कल कांग्रेस नेताओं द्वारा कानून व्यवस्था की खराब हालत तथा आपदा प्रबंधन की विफलता और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों को लेकर अपने राज भवन कूच के जरिये सरकार को झकझोरने का प्रयास किया गया। कांग्रेस नेताओं ने इन तमाम समस्याओं पर चिंता जताते हुए सरकार पर आरोप लगाये कि क्या यह राज्य नेताओं और अफसरों की मौज मस्ती के लिए बनाया गया था? जहां राज्य गठन से लेकर अब तक आम आदमी अपनी समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रहा है। यह दीगर बात है कि सरकार पर तमाम तरह के आरोप लगाने वाली कांग्रेस ने भी सूबे की सत्ता चलाई है। तथा आज वर्तमान की सभी समस्याओं के लिए सिर्फ बीजेपी ही जिम्मेदार नहीं है कांग्रेस भी बराबर की जिम्मेदार है लेकिन बीते कुछ सालों में जिस तरह से भाजपा के नेताओं और पदाधिकारियों की हर एक भ्रष्टाचार और आपराधिक मामलों में संलिप्ता सामने आई है वह हैरान करने वाली है तथा कांग्रेस को हमलावर होने का जो मौका मिला है वह भाजपा द्वारा ही दिया गया है लेकिन अब पानी नाक तक आ चुका है इसलिए चीख पुकार मचना स्वाभाविक ही है।




