चंडीगढ़। हरियाणा के सीनियर आईपीएस अफसर वाई पूरन कुमार के सुसाइड मामले में एक नया खुलासा हुआ है। दो दिन पूर्व हरियाणा के अर्बन स्टेट थाने में एक मुकदमा दर्ज किया गया था। जिसमें रोहतक रेंज के आईजी रहे वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील कुमार खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। सुशील कुमार पर एक शराब कारोबारी से रिश्वत मांगने का आरोप था। पूछताछ में आरोपी सुशील कुमार ने आईपीएस वाई पूरन कुमार का नाम लिया गया जिसके बाद उनका ट्रांसफर हुआ था।
बताया जा रहा है कि वाई पूरन कुमार के गनमैन सुशील ने एक शराब कारोबारी से दो से ढाई लाख रुपए मंथली रिश्वत मांगी थी। इससे जुड़ी एक ऑडियो क्लिप मिलने के बाद सुशील को अरेस्ट किया गया। पूछताछ में सुशील द्वारा वाई पूरन कुमार का नाम लिया गया। जिसके बाद वाई पूरन कुमार का ट्रंासफर किया गया। वहीं रोहतक पुलिस ने सुशील को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरन कुमार के सुसाइड की यही वजह मानी जा रही है। पूरन कुमार को 29 सितंबर को सरकार ने रोहतक रेंज के आईजी पद से हटाते हुए पुलिस ट्रेनिंग कॉलेज कर दिया गया था। जिसे एक तरह की पनिशमेंट ट्रांसफर समझा जा रहा था। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से जारी प्रेस नोट के मुताबिक, पुलिस को मौके से एक वसीयत और एक फाइनल नोट बरामद हुआ है। इन्हें बाकी सबूतों के साथ जब्त कर लिया गया।




