देहरादून। राज्य सरकार ने केन्द्र सरकार से टिहरी हाइड्राम इंजीनियरिंग कॉलेज को आईआईटी का स्वरूप देने की मांग की।
आज यहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केन्द्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर राज्य में तकनीकी शिक्षा के उन्नयन हेतु टिहरी हाइड्रो इंजीनियरिंग कालेज को आईआईटी का स्वरूप प्रदान किये जाने की मांग की। अपने पत्र में लिखा है कि राज्य सरकार के द्वारा 30 जून 2023 के द्वारा अवगत कराया गया है कि देश के प्रत्येक राज्य में केवल एक भारतीय प्रौघोगिक संस्थान (ेआईआईटी) ही कार्यात्मक है। वर्तमान में उत्तराखण्ड में कियी पश्े भारतीय प्रौघोगिक संस्थान की स्थाापना किसी संस्थान के रूपान्तरण का कोई प्रस्ताव नही ंहै। उल्लेखनीय है कि टिहरी स्थित टीएचडीसी परियोजना के व्यापक रूवरूप के दृष्टिगत सम्पूर्ण क्षेत्र पर्यटन की दृष्टि से राष्ट्रीय एवं अर्न्राष्ट्रीय गतिविधियों में निरंतर प्रगतिशील है। इस हिमालयी जनपद में तकनीकी शिक्षा को बढावा देने के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा टीएचडीसी इंजीनियश्रिंग कालेज सफलतापूर्वक संचालित किया जा रहा है। इस क्षेत्र को व्यापक महत्व दिये जाने के लिए राज्य सरकार विविध क्षेत्रों में प्रयासरत है। इसी व्रQम में श्ौक्षिक दृष्टिकोण से भी क्षेत्र का उन्नयन किया जाना श्ौक्षिक दृष्टिकोण से कारगर सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नीति के अनुरूप यदि एक राज्य में एक से अधिक भारतीय प्रौघोगिकी संस्थान (आईआईटी) स्थापित किये जाने का प्राविधान न होने के कारण प्रकरण पर देशहित में नई पहल करते हुए प्रदेश में संचालित आईआईटी रूडकी के हिल कैम्पस के रूप में टीएचडीसी इंजीनियरिंग कालेज टिहरी को संचालित किये जाने का अनुरोध किया।




