कैंटोनमेंट बोर्ड व्यवस्था को समाप्त किया जाएगाः भट्ट

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  • छावनी परिषदों की संपत्तियों को भी निकायों के अधिकार में दिया जाएगा

नई दिल्ली/देहरादून। केंद्र सरकार देश के सभी कैंटोनमेंट बोर्डों (छावनी परिषदों)को समाप्त करने जा रही है। कैंटोनमेंट बोर्डो की परिसंपत्तियों को भी स्थानीय निकायों को सौंपने की तैयारी की जा रही है इस आशय की जानकारी केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट द्वारा देते हुए कहा गया है कि इसके बारे में सभी राज्यों से रिपोर्ट मांगी गई है।
यहां यह उल्लेखनीय है कि देशभर में 100 से अधिक छावनी परिषद है। जिन शहरों में यह कैंटोनमेंट बोर्ड है वहां आए दिन नगर निगम और नगर पालिकाओं के साथ अपने—अपने अधिकारों को लेकर टकराव और तकरार की स्थितियां बनी रही है। अधिकांश कैंटोनमेंट बोर्ड में सैन्य अधिकारी छावनी क्षेत्रों में अपनी तानाशाही के कारण आम जनता के साथ भिड़ंत के लिए तैयार हो जाते हैं। आम रास्तों पर आम आदमी की आवाजाही को लेकर भी आपत्तियों की जाती है तथा बोर्ड के अधिकार वाले क्षेत्रों में किसी भी तरह की सामान्य गतिविधियां उन्हें नागवार गुजरती है जिसके कारण आम आदमी को कई तरह की समस्या और परेशानियां उठानी पड़ती है। जिनकी शिकायतें रक्षा मंत्रालय तक भी पहुंचती रही हैं।
अजय भटृ का कहना है कि इस विषय में रक्षा मंत्रालय से भी केंद्र सरकार ने सुझाव मांगा है तथा राज्य सरकारों से भी सुझाव मांगे गए हैं। केंद्र सरकार इन सुझावों का इंतजार कर रही है जिसके आधार पर कैंटोनमेंट बोर्डो को समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। केंद्र सरकार देश के लगभग 100 के करीब इन छावनी परिषदों को समाप्त करना चाहती है तथा इन परिषदों की परिसंपत्तियों को भी निकायों के अधिकार क्षेत्र में देना चाहती है। इसमें भले ही अभी थोड़ा समय लग सकता है लेकिन सरकार इसकी प्रक्रिया शुरू कर चुकी है तथा अंग्रेजों के समय के कैंटोनमेंट बोर्ड व्यवस्था को समाप्त करना चाहती है।

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