- जेन-जी को साधने के लिए पीएम मोदी ने बदला अंदाज
- पीएम मोदी की देश के युवाओं को साधने की नई कोशिश
- 24 घंटे में पीएम का दूसरा वीडियो, युवाओं को कहा थैंक यू
देहरादून। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 घंटे के भीतर लगातार दूसरा वीडियो संदेश जारी कर एक बार फिर देश के युवाओं, खासकर जेन जी से सीधे संवाद करने की कोशिश की। पहले वीडियो में पेपर लीक और परीक्षा सुधारों पर बात करने के बाद अब उन्होंने दूसरे वीडियो में युवाओं द्वारा दिए गए सुझावों और प्रतिक्रिया के लिए धन्यवाद दिया। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि पिछले वीडियो पर मिले सकारात्मक सुझावों और समर्थन ने उनके साथ युवाओं के रिश्ते को और मजबूत किया है। यह पहली बार है जब प्रधानमंत्री ने इतने कम समय के अंतराल में एक ही मुद्दे पर लगातार दो वीडियो जारी किए हैं। यह केवल धन्यवाद संदेश नहीं, बल्कि उस युवा वर्ग तक पहुंचने की कोशिश है, जो पिछले कुछ दिनों से पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था को लेकर सबसे अधिक मुखर दिखाई दे रहा है।
अपने वीडियो में प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके पहले वीडियो पर युवाओं ने जिस तरह सकारात्मक सुझाव दिए, उससे उन्हें खुशी हुई। उन्होंने भरोसा जताया कि यह संवाद आगे भी जारी रहेगा और युवाओं का स्नेह तथा विश्वास बना रहेगा। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा प्रधानमंत्री की भाषा और अंदाज की रही। वर्षों तक मेरे प्यारे देशवासियों, भाइयों और बहनों और मित्रों से शुरुआत करने वाले प्रधानमंत्री ने अब सीधे थैंक यू फ्रेंड्स कहकर युवाओं को संबोधित किया। इसे सोशल मीडिया की भाषा और जेन जी से जुड़ने की एक नई शैली के रूप में देखा जा रहा है। प्रधानमंत्री का पहला वीडियो ऐसे समय आया था जब देशभर में पेपर लीक के मुद्दे पर छात्र आंदोलन तेज है। सरकार पहले ही परीक्षा प्रणाली में सुधार, कड़े कानून और फास्ट-ट्रैक अदालतों जैसी घोषणाएं कर चुकी है। दूसरे वीडियो में प्रधानमंत्री ने इन घोषणाओं को दोहराने के बजाय सीधे युवाओं की प्रतिक्रिया को महत्व दिया।
सरकार अब केवल प्रशासनिक फैसलों पर नहीं, बल्कि भावनात्मक संवाद के जरिए भी युवाओं का भरोसा जीतने की कोशिश कर रही है। प्रधानमंत्री के पहले वीडियो को सोशल मीडिया पर करोड़ों लोगों ने देखा और उसके बाद उनके सोशल मीडिया खातों पर बड़ी संख्या में नए फालोअर्स भी जुड़े। इसके बाद सरकार के भीतर भी डिजिटल माध्यमों पर युवाओं से संवाद बढ़ाने की रणनीति पर जोर दिया जा रहा है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि केवल वीडियो संदेशों से छात्रों की नाराजगी दूर नहीं होगी और सरकार को जवाबदेही तय करनी होगी। दूसरी ओर, सरकार का दावा है कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और युवाओं के साथ सीधा संवाद ही विश्वास बहाल करने का रास्ता है।
24 घंटे में दो वीडियो यह संकेत देते हैं कि केंद्र सरकार युवाओं के मुद्दों को लेकर संवाद की गति बढ़ाना चाहती है। अब देखना यह होगा कि यह डिजिटल संवाद केवल सोशल मीडिया तक सीमित रहता है या परीक्षा प्रणाली में दिखने वाले बदलावों के साथ युवाओं का भरोसा भी वापस ला पाता है। फिलहाल इतना तय है कि जेन जी केवल दर्शक नहीं, बल्कि एजेंडा तय करने वाली ताकत बनकर उभर रही है और प्रधानमंत्री का लगातार दूसरा वीडियो इसी बदलते राजनीतिक परिदृश्य का संकेत माना जा रहा है।




