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आयुर्वेदिक के छात्र ने गंगा में कूदकर की आत्महत्या

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  • सुसाइड नोट में लिखा “जीवन में कुछ नहीं कर पाया”

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के बी.ए.एम.एस. द्वितीय वर्ष के एक छात्र ने मानसिक तनाव के चलते गंगा में कूदकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस को छात्र के कमरे से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें उसने जीवन से हताश होने की बात लिखी है।
जानकारी के अनुसार, मृतक छात्र की पहचान यशपाल (21 वर्ष), पुत्र पुष्पेंद्र पाल के रूप में हुई है। यशपाल मूल रूप से शाही भवन, इंदिरा नगर, पेंडलेगंज, गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) का निवासी था और यहाँ हरिद्वार की विकास कॉलोनी, मायापुर में किराए पर कमरा लेकर रहता था। सुबह यशपाल अपने कमरे से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। परिजनों और परिचितों की चिंता बढ़ने पर जब उसके कमरे की तलाशी ली गई, तो वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ। नोट में यशपाल ने अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए लिखा कि वह अपने जीवन में कुछ नहीं कर पाया है और वह अपनी जिंदगी से खुश नहीं है। इसी हताशा के कारण उसने गंगा जी में कूदकर आत्मघाती कदम उठाने का निर्णय लिया।
सूचना मिलते ही पुलिस और कंट्रोल रूम (112) सक्रिय हुए। खोजबीन के दौरान पथरी पावर हाउस के पास गंगा जी में एक युवक का शव बरामद हुआ, जिसकी पहचान यशपाल के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मेला अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और गोरखपुर में रह रहे परिजनों को सूचित कर दिया गया है। यशपाल की मौत की खबर फैलते ही ऋषिकुल आयुर्वेदिक कॉलेज के छात्रों में शोक और आक्रोश की लहर दौड़ गई। साथी छात्रों ने कॉलेज परिसर और अस्पताल के बाहर प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच होनी चाहिए ताकि आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों और किसी संभावित दबाव का पता चल सके।

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