उत्तराखंड युवा एकता मंच का ऐलान :
अन्याय के खिलाफ जारी रहेगा आंदोलन

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छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस ले
भर्ती घोटाले की सीबीआई जांच हो
नकल विरोधी कानून में संशोधन करें

हल्द्वानी। नकल विरोधी कानून पर भाजपा द्वारा आयोजित की जा रही आभार रैलियों के बीच उत्तराखंड युवा एकता मंच के सदस्यों द्वारा सीएम को एक ज्ञापन देकर नकल विरोधी कानून की विसंगतियों को दूर करने और छात्रों पर दर्ज मुकदमों को वापस लेने तथा अब तक हुई उन तमाम भर्तियों की सीबीआई जांच करने की मांग की गई है जिनमें घपले घोटाले सामने आए हैं।
मुख्यमंत्री को दिए गए ज्ञापन में युवा मंच के कार्यकर्ताओं ने अपनी 4 सूत्रीय मांगों में कहा है कि सरकार द्वारा जो नकल विरोधी कानून लाया गया है उसमें कहा गया है कि अगर नकल होने, प्रश्न पत्र लीक होने या इससे संबंधित कोई भी भ्रामक समाचार फैलाने की शिकायत की जाती है तो उस छात्र के ऊपर व इस तरह की खबर को प्रकाशित करने वाले मीडिया ग्रुप के ऊपर प्रत्यक्ष तौर पर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं का कहना है कि क्या सरकार यह चाहती है कि कहीं भी किसी भी तरह की धांधली होती रहे। अगर कोई इसकी सूचना देगा या फिर उसका समाचार छापेगा तो उस पर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इसका मतलब तो यह है कि सरकार धांधली का खुलासा करने वालों को धमकाकर चुप करा देना चाहती है। उन्होंने कहा कि इस कानून में कई ऐसी खामियां हैं जिन्हें दूर करने की जरूरत है।
युवा मंच के कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकार को उन सभी भर्ती परीक्षाओं की सीबीआई से जांच करानी चाहिए जिनमें धांधली के मामले प्रकाश में आए हैं। उन्होंने मांग की है कि जो छात्र भर्ती घोटालों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे थे शासन—प्रशासन द्वारा उन पर लाठियां बरसाई गई और उन पर मुकदमे दर्ज कर दिए गए यह कैसा इंसाफ है कि छात्र इंसाफ की मांग करें और उन पर मुकदमा दर्ज कर दिए जाएं। छात्रों पर दर्ज मुकदमे तुरंत वापस लिए जाए। युवा मंच का कहना है कि युवाओं पर लाठी चार्ज करने और मुकदमे दर्ज करने वाली सरकार को इस अन्याय के बीच आभार रैलियों की जगह क्षमा याचना रैलियां निकालनी चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों का यह आंदोलन और संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी सभी मांगें नहीं मान ली जाती हैं।

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