नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को देहरादून के जिम मालिक दीपक कुमार को अंतरिम राहत दी। कोर्ट ने उत्तराखंड में बजरंग दल के सदस्यों के साथ हुई बहस के बाद उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर पर आगे की कार्रवाई पर रोक लगा दी, गौरतलब है कि इंटरनेट वो मोहम्मद दीपक के नाम से मशहूर हैं। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने एफआईआर को चुनौती देने वाली दीपक की याचिका पर नोटिस जारी किया और आदेश दिया कि इस मामले से जुड़ी कार्यवाही पर रोक लगी रहेगी। कोर्ट ने उत्तराखंड हाईकोर्ट के उस पुराने आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसमें दीपक को इस मामले के बारे में सार्वजनिक बयान देने या सोशल मीडिया पर पोस्ट करने से मना किया गया था। दीपक ने एफआईआर रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, कोर्ट ने मामला रद्द करने से इनकार कर दिया और इसके बजाय उन्हें जांच में सहयोग करने को कहा। कोर्ट ने दीपक और मामले में शामिल एक दूसरे शक्स को घटना से जुड़े वीडियो पोस्ट करने या बयान देने से भी रोक दिया था।
ये मामला फरवरी में बजरंग दल के सदस्यों और एक मुस्लिम दुकानदार के बीच हुई बहस से जुड़ा है। बताया जाता है कि समूह ने दुकान के नाम में बाबा शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई थी। बहस के दौरान दीपक को ये कहते हुए सुना गया, मेरा नाम मोहम्मद दीपक है। इस बातचीत का एक वीडियो बाद में वायरल हो गया, जिससे उन्हें काफी चर्चा मिली। विवाद के बाद दीपक को लोगों का समर्थन मिला। कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनसे मिले और उनके रुख की तारीफ की। उन्होंने दीपक के जिम को मोहब्बत की दुकान कहा और इसके सदस्य बनने की इच्छा जताई। सीपीआई (एम) सांसद जॉन ब्रिटास ने भी जिम का दौरा किया और सदस्य बने।




