Home उत्तराखंड देहरादून मोदी के निशाने पर सिर्फ राहुल

मोदी के निशाने पर सिर्फ राहुल

0
68


राहुल गांधी और कांग्रेस को नाकाम करने और कमजोर करने की भाजपा की कोशिशे लगातार जारी है। भाजपा नेताओं और सरकार के निशाने पर अगर हमेशा राहुल गांधी और कांग्रेस ही रहती है तो इसकी खास वजह यही है कि वह जानते हैं कि उनके सामने अगर कोई चुनौती है तो वह राहुल गांधी और कांग्रेस ही है बाकी किसी में भी इतना दम है ही नहीं। राहुल गांधी को पप्पू साबित करने और भारत को कांग्रेस मुक्त करने की भाजपा की एक दशक की कोशिशें नाकाम हो चुकी है। जितनी मुखरता से भाजपा ने इस मुद्दे पर काम किया है और राहुल गांधी ने जितनी दृढ़ता और धैर्य से भाजपा के हमलों का जवाब दिया है उसका नतीजा हमारे सामने है राहुल गांधी को नेता विपक्ष पद पर पहुंचने तथा कांग्रेस का फिर से 44 से 100 सांसदों की संख्या तक पहुंचाना उनके लिए आसान सफर नहीं था। 2019 के चुनाव के दौरान मोदी कांग्रेस का यह कहकर मजाक बनाते थे कि कौन राहुल तथा कांग्रेस तो मुख्य विपक्षी दल बनने के लायक नहीं रही। यही नहीं विपक्ष को दर्शक दीर्घा में नजर आने की बात करने वाले मोदी आज किसी से डरते हैं तो वह केवल राहुल गांधी ही है। बाकी अन्य किसी नेता की मजाल नहीं जो उनकी आंखों में आंखें डालकर बात भी कर सके। राहुल गांधी को जितना डराया गया वह उतनी ही मजबूती से खड़े रहे और वह तब भी नहीं डरे जब उनकी संसद सदस्यता छीनने और जेल जाने की नौबत आ गई। लेकिन अभी भी भाजपा ने उनके खिलाफ यह अभियान बंद नहीं किया है। बीते दिन एनडीए की बैठक से पहले दिल्ली में लगे वह पोस्टर इसकी तस्दीक करते हैं। जिनके जरिए उन्हें अक्षम और गैर जिम्मेवार ठहराए जाने की कोशिश की गई। लेकिन अब इस तरह की कोशिशो का कोई असर किसी पर नहीं पढ़ने वाला है। दिल्ली में जिस इंडिया ब्लॉक की यह बैठक हुई है उसमें आप और डीएमके को छोड़कर सभी प्रमुख दलों की उपस्थिति ही भाजपा को बेचैन करने के लिए काफी है। क्योंकि इंडिया ब्लॉक अब तक सही मायने में कभी गठित और संगठित हुआ ही नहीं था भाजपा को भी पता है ऐसे माहौल में जब हवा का रुख उसके खिलाफ है तथा देश का यूथ वह चाहे एनएसयूआई के छात्रों के रूप में रहे या यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के रूप में हो अथवा अभी—अभी चर्चाओं के केंद्र में आई सीजेपी जिसके सदस्य स्वयं को कॉकरोच कहते हुए नहीं झिझक रहे हैं कि हां मैं भी कॉकरोच हूं। इस देश की युवा शक्ति जिसे वर्तमान दौर में जेन जे के नाम से जाना जाता है और कई पड़ोसी देशों में सत्ता को अपनी शक्ति का एहसास करा चुके हैं आज देश भर में सड़कों पर उतर आया है। मोदी की वर्तमान सरकार को इस बात का बखूबी एहसास हो चुका है उसने बीते 12 सालों में भले ही कितनी शक्तियां संवैधानिक व्यवस्था के खिलाफ जाकर अपने पक्ष में कर लिया हो लेकिन उनकी सत्ता जाने में कोई देर नहीं लगेगी सत्ता में बैठे नेताओं को अब इसका डर भी कम नहीं सता रहा है कि अगर कॉकरोच कांग्रेस का हाथ और साथ पकड़ लेते हैं या इंडिया गठबंधन वास्तव में धरातल पर अस्तित्व में आ गया तो उसकी हार सुनिश्चित है। सीजेपी को सरकार कतई भी हल्के में नहीं ले रही है अभिजीत की अमेरिका से वापसी के बाद जिस तरह का उनको वीआईपी ट्रीटमेंट दिया गया इसका कारण युवाओं के आक्रोश का भय ही था। इसमें कोई संदेह नहीं है कि सत्ता में बैठे लोग अब समझ चुके हैं कि हालात चौतरफा बिगड़ चुके हैं। भले ही सरकार जोड़—तोड़ के जरिए अपना कार्यकाल पूरा करने की कोशिशें कर रही हो लेकिन 2029 के बाद उसकी विदाई तय हो चुकी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here