वाशिंगटन। अमेरिका की यूटा यूनिवर्सिटी में छात्रों की भारी भीड़ के बीच कंजरवेटिव एक्टिविस्ट और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी दोस्त चार्ली कर्क की हत्या कर दी गई। जिस समय उन्हें गोली मारी गई, वह कैंपस के भीतर एक पोडियम से छात्रों को संबोधित कर रहे थे कि तभी एक गोली आकर उनके गले पर लगी। चार्ली कर्क ट्रंप की पार्टी रिपब्लिकन के कट्टर समर्थक हैं और 2024 राष्ट्रपति चुनाव में ट्रंप को युवाओं का वोट दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। रिपोर्ट के मुताबिक, चार्ली कर्क को बुधवार दोपहर 12 बजे के आसपास गोली मारी गई।
चुनाव प्रचार के दिनों से ही अमेरिका फर्स्ट ट्रंप का बड़ा एजेंडा रहा है। चार्ली भी इसे आगे बढ़ा रहे थे। 2 सितंबर को ही उन्होंने एक्स पर लिखा था, ‘अमेरिका को भारत से आने वाले लोगों के लिए वीजा देने की जरूरत नहीं है। शायद किसी भी तरह के अवैध आव्रजन (इमीग्रेशन) ने अमेरिका कामगारों को प्रभावित नहीं किया है, जितना भारतीयों ने किया है। बहुत हो गया। हम पूरी तरह भर चुके हैं और अपने लोगों को प्राथमिकता देते हैं।’ सोशल मीडिया पर लाखों फॉलोअर्स वाले चार्ली को टर्निंग पॉइंट यूएसए के संस्थापक के तौर पर जाना जाता है। उन्होंने इसकी स्थापना 2012 में महज 18 साल की उम्र में की थी। उनका जन्म शिकागो के एक उपनगरीय क्षेत्र में हुआ था। लॉन्चिंग के बाद से ही संगठन तेजी से बढ़ा और अमेरिका के कॉलेजों में इसका विस्तार हुआ। कहा जाता है कि इसके 800 से ज्यादा चैप्टर हैं, जो अलग-अलग कॉलेजों में काम कर रहे हैं। चार्ली इजरायल का भी खुलकर समर्थन करते थे। चार्ली खुद इजरायल जा चुके हैं, जहां उन्हें मुल्क के लिए ट्रंप की नीतियों की तारीफ की थी।




