नई दिल्ली। अफगानिस्तान में रविवार की आधी रात को 6.0 तीव्रता का भूंकप आया जिससे अब तक एक हजार से अधिक लोगों के जान जाने की खबर है। वहीं 3 हजार से ज्यादा लोग घायल बताए जा रहे हैं। जर्मन रिसर्च फॉर जियोसाइंसेज के मुताबिक, भूकंप का केंद्र जालालाबाद शहर से 27 किमी पूर्व में था। इसकी गहराई मात्र 10 किमी थी। भूकंप इतना खतरनाक था कि इससे कई गांव पूरी तरह से तबाह हो गए हैं। इस भूकंप में कम से कम 1,100 लोगों की मौत हो गई है जबकि 3,500 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। रिपोर्ट की मानें तो सबसे ज्यादा मौतें कुनार प्रांत में हुई हैं।
रविवार के अलावा सोमवार को भी 4.6 तीव्रता का भूकंप आया जो कि जमीन से 65 किमी नीचे था। अल जजीरा के अनुसार, इसके झटके पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब प्रात में भी महसूस हुए। यही नहीं, ये झटके भारत के गुरुग्राम में भी महसूस किए गए।
इससे पहले पीएम मोदी ने भूकंप की घटना पर दुख जताया। उन्होंने अपने एक्स हैंडल पर ट्वीट कर लिखा, ‘अफगानिस्तान में आए भूकंप में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। इस कठिन घड़ी में हमारी संवेदनाएं और प्रार्थनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं, और हम घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हैं। भारत प्रभावित लोगों को हर संभव मानवीय सहायता और राहत प्रदान करने के लिए तत्पर है।’
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि उन्होंने अफगानिस्तान के विदेश मंत्री मौलवी आमिर खान मुत्तकी से फोन पर बात की। भारत ने मदद के लिए टेंट पहुंचाएं हैं। साथ ही 15 टन खाने का सामान काबुल से कुनार भेजा गया है।




