Home News Posts उत्तराखंड इलाज में लापरवाही बरतने वालों पर शासन सख्त

इलाज में लापरवाही बरतने वालों पर शासन सख्त

0
433

  • अस्पताल दर अस्पताल भटकने पर भी इलाज न मिलने पर बच्चे की मौत का मामला

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बागेश्वर में इलाज के अभाव में एक वर्षीय बच्चे की मौत और अस्पतालों की लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए कुमाऊं कमिश्नर को जांच के आदेश देते हुए कहा गया है कि लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कड़ी कार्यवाही की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अभी बीते दिनों एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला प्रकाश में आया था। घटनाक्रम के अनुसार चमोली जिले के एक सैनिक दिनेश चंद्र के डेढ़ साल के बेटे की तबीयत खराब होने पर परिजन उसे ग्वालदम अस्पताल लेकर पहुंचे जहां से उसे कुमाऊँ मंडल के बैजनाथ रेफर कर दिया गया, वहां भी बच्चे को उचित इलाज नहीं मिल सका और उसे वहां से भी जिला अस्पताल बागेश्वर रेफर कर दिया गया। लेकिन बागेश्वर में बच्चे को इलाज नहीं मिल सका तथा उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। इसी दौरान बच्चें की मौत हो गई।
मामले के संज्ञान में आने पर शासन स्तर पर इस मामले की जांच के आदेश भी दिए गए और एक कमेटी का गठन भी किया गया मगर इस जांच में चिकित्सा अधिकारियों द्वारा सिर्फ खाना पूर्ति ही कर दी गई और इसका दोष 108 एंबुलेंस सेवा के सर मार दिया गया। मामले ने जब तूल पकड़ा तो मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा सख्त कदम उठाते हुए सचिव स्वास्थ्य राजेश कुमार को उचित कार्रवाई के आदेश दिए गए। स्वास्थ्य सचिव ने जांच रिपोर्ट तलब की और उसमें तमाम लापरवाही रेखांकित कर अब इस मामले की जांच कुमाऊं कमिश्नर से कराने और दोषियों के खिलाफ कार्यवाही सुनिश्चित करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि यह अत्यंत ही दुखद है। तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर पहले से ही गंभीर सवाल उठते रहे हैं लेकिन यह प्रकरण पहाड़ कर स्वास्थ्य सेवाओं का हकीकत उजागर करने वाला एक दुखद सच है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here