- आस्था व सनातन पर खड़े हो रहे हैं सवाल
- पुलिस के लिए कानून व्यवस्था की चुनौती
देहरादून। हुड़दंगी कांवड़ियों ने जहां एक और पुलिस प्रशासन के सामने कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती खड़ी कर दी है, वहीं यह हुड़दंगी कांवड़िये अब सनातन व आस्था को बदनाम करने का कारण बनते जा रहे हैं। यही कारण है कि आईजी लॉ एंड ऑर्डर नीलेश आनंद भरणे ने ऐसे अराजक तत्वों से कड़ाई से निपटने की बात कही है।
आईजी भरणे ने कहा कि आस्था की आड में हुड़दंग मचाने वाले कांवड़ियों को कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना है कि कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश करने वालों को कतई भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस—प्रशासन द्वारा कांवड़ियों को हर तरह की सुविधा और सुरक्षा प्रदान करने के इंतजाम किए गए हैं लेकिन कुछ कांवड़िये यह मान रहे हैं कि वह कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र हैं और उन्हें कोई न रोकेगा न टोकेगा तो इस तरह का कोई भी हरकत बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उल्लेखनीय है कि अब तक हर रोज कोई न कोई ऐसी वारदात सामने आती है जो कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ जैसी है। मंगलौर टोल प्लाजा पर उपद्रव और तोड़फोड़ तथा एक कार सवार परिवार के साथ अभद्रता व तोड़—फोड़ तथा एक महिला के साथ मारपीट से लेकर हरिद्वार में एक दुकान में तोड़फोड़ व मारपीट की घटना से पुलिस हैरान है। खास बात यह है कि जो व्यवस्था पुलिस द्वारा बनाई गई है उसे भी यह कांवड़िये मानने को तैयार नहीं है। हाईवे पर कब्जे और कांवड़ पटरी से न जाने को लेकर पुलिस के साथ हुई भिड़ंत जिसमे पुलिस को लाठी चार्ज करनी पड़े जैसी घटनाएं निश्चित तौर पर दुर्भाग्यपूर्ण है।
एक तरफ शासन—प्रशासन द्वारा कांवड़ियों का भव्य स्वागत किया जाता है उन पर हेलीकॉप्टर से फूल बरसाए जाते हैं तथा मुख्यमंत्री उनके पैर पखार कर उनका स्वागत करते हैं वहीं दूसरी तरफ आस्था की आड़ में कांवड़ियें इस तरह की तस्वीर पेश करें जैसा कि इस बार देखा जा रहा है तो इसे न तो सनातन के अनुरूप कहा जा सकता है और न इस तरह के आचरण को आस्था का नाम दिया जा सकता है। कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए प्रशासन को कुछ न कुछ तो करना ही पड़ेगा। आईजी भरणें का यह बयान भी यही दर्शाता है।




