August 20, 2026चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्रीचम्पावत। जिला चिकित्सालय में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण किया गया।आज यहां जिला चिकित्सालय में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकताओं में है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इस सुविधा के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक रक्त घटक समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। चंपावत जिले में पहली बार यह सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित की जा चुकी हैं। जिला चिकित्सालय में लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग तथा प्रथम एवं द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चंपावत के विकास का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा और जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पाण्डेय, दायित्वधारी सुभाष बगौली, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश चन्द्र तिवारी, भाजपा नेता सतीश पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत आनन्द सिंह अधिकारी, चम्पावत के भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद लोहाघाट गोविन्द वर्मा, दायित्वधारी श्याम नारायण पाण्डेय, मनोज कालाकोटी, मुकेश महराना, श्रीमती हेमा जोशी, श्रीमती किरन देवी, बलॉक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।
August 20, 2026एसएसपी ने किया चौकी इंचार्ज व सिपाही को लाइन हाजिर नैनीताल। जिले के ज्योलीकोट क्षेत्र में एक गंभीर घटना सामने आई है, जिसमें स्थानीय पुलिस पर महिला छेड़छाड़ के आरोपी पर्यटकों से पैसे लेकर मामला रफादफा करने का आरोप लगा है। स्थानीय लोगों के विरोध और सोशल मीडिया पर चर्चा के बाद मामला एसएसपी तक पहुंचा, जिसके बाद चौकी इंचार्ज और एक कांस्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया गया है।जानकारी केे अनुसार बीते दिनों ज्योलीकोट क्षेत्र के कुछ ग्रामीणों ने चौकी पुलिस को सूचना दी कि स्कार्पियो कार में सवार चार पर्यटकों ने एक महिला के साथ छेड़छाड़ की है। सूचना मिलते ही पुलिस ने वायरलेस संदेश भेजकर रानीबाग क्षेत्र में उस वाहन को पकड़ लिया। आरोपी पर्यटकों को ज्योलीकोट चौकी लाया गया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि चौकी पर पहुंचने के बाद पुलिस ने आरोपियों से 18 हजार रुपये लेकर उन्हें छोड़ दिया। जब शिकायतकर्ताओं ने कार्रवाई की मांग की और पर्यटकों के खिलाफ कोई औपचारिक कार्रवाई नहीं हुई, तो क्षेत्रवासियों में आक्रोश फैल गया। दबाव बढ़ने पर पुलिस ने कथित तौर पर लिए गए 18 हजार रुपये ऑनलाइन माध्यम से वापस कर दिए। रकम वापस मिलने के बावजूद स्थानीय लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उन्होंने पुलिस की निष्पक्षता पर सवाल उठाए। इंटरनेट और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस मामले को लेकर पुलिस के खिलाफ कई आरोप लगाए गए। चर्चा इतनी तेज हुई कि मामला एसएसपी तक पहुंच गया। एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई की। उन्होंने ज्योलीकोट चौकी इंचार्ज श्याम बोरा और कांस्टेबल धमेंद्र साहनी को लाइन हाजिर कर दिया। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि महिला छेड़छाड़ के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय रुपये के लेन—देन की शिकायत मिली थी। ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से इसकी पुष्टि भी हो गई, जिसके आधार पर दोनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, महिला छेड़छाड़ के मूल आरोप की भी जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
August 20, 202628—29 अगस्त को रोडवेज बसों में मुफ्त सफर करेंगी बहनेंः बत्रा देहरादून। रक्षाबंधन के पर्व पर उत्तराखंड सरकार ने प्रदेश की महिलाओं को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश की महिलाएं 28 और 29 अगस्त को उत्तराखंड परिवहन निगम की बसों में प्रदेश के भीतर निःशुल्क यात्रा कर सकेंगी। दोनों दिनों महिलाओं से बस किराया नहीं लिया जाएगा।सरकार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी करते हुए उत्तराखंड परिवहन निगम को आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा ने कहा कि रक्षाबंधन भाई—बहन के स्नेह और विश्वास का पर्व है। प्रदेश की बहनों को अपने मायके और स्वजनों तक पहुंचने में किसी तरह की परेशानी न हो, इसी उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में हमारी सरकार मातृशक्ति के सम्मान, सुरक्षा और सुविधा के लिए लगातार काम कर रही है। रक्षाबंधन के अवसर पर 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को परिवहन निगम की बसों में निःशुल्क यात्रा की सुविधा देना सरकार की ओर से बहनों के लिए एक छोटा—सा उपहार है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की हर बहन सुरक्षित और सुगम तरीके से अपने मायके और परिवार तक पहुंच सके। प्रदीप बत्रा ने कहा कि परिवहन निगम को दोनों दिनों बसों के संचालन और यात्रियों की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य सार्वजनिक परिवहन को महिलाओं के लिए अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।
August 20, 2026नैनीताल। पुलिस महकमें को खुली चुनौती देते हुए बदमाशों ने बीती रात शहर में तमंचों के बल पर लाखों रूपये की लूट की घटना को अंजाम दे डाला। गोरापड़ाव क्षेत्र में देर रात कार से पहुंचे करीब 10 से 12 बदमाशों ने खुद को एसओजी टीम बताकर कमर्शियल ऑफिस में धावा बोल दिया। तमंचों के बल पर लोगों को आतंकित कर बदमाश करीब आठ लाख रुपये की नकदी, दो सोने की चेन, अंगूठियां और 12 मोबाइल फोन लूटकर बरेली रोड की ओर फरार हो गए। वारदात से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।जानकारी के अनुसार बीती देर रात गोरापड़ाव क्षेत्र स्थित ऑफिस में लोग मौजूद थे। इसी दौरान एक कार आकर रुकी और उसमें से हथियारों से लैस बदमाश बाहर निकले। बदमाशों ने ऑफिस में घुसते ही लोगों पर तमंचे तान दिए और खुद को पुलिस की एसओजी टीम बताया। हथियारों के साये में मौजूद लोग सहम गए और बदमाशों का विरोध नहीं कर सके। बदमाशों ने ऑफिस में रखी करीब आठ लाख रुपये की नकदी अपने कब्जे में ले ली। इसके बाद वहां मौजूद लोगों से सोने की दो चेन और अंगूठियां उतरवा लीं। बदमाश करीब 12 मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। मोबाइल लूटने का मकसद लोगों को तत्काल पुलिस को सूचना देने से रोकना माना जा रहा है। वारदात के बाद सभी बदमाश कार से बरेली रोड की ओर भाग निकले। घटना की सूचना मिलते ही एसपी सिटी मनोज कत्याल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए बदमाशों की गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। बदमाश किस रास्ते से आए और वारदात के बाद किस दिशा में फरार हुए, इसकी जानकारी जुटाई जा रही है। कार की पहचान के साथ बदमाशों तक पहुंचने के लिए पुलिस संभावित सुराग तलाश रही है।
August 20, 2026वंदे मातरम यह सिर्फ एक गीत नहीं, भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की स्मृतियों से जुड़ा वह स्वर है जिसने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ करोड़ों भारतीयों में राष्ट्रीय चेतना जगाई। ऐसे में जब यह खबर सामने आती है कि कांग्रेस के नेता या कार्यकर्ता वंदे मातरम के केवल दो अंतरे ही गाएंगे, तो सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर राष्ट्रगीत भी अब राजनीतिक रणनीति का हिस्सा क्यों बनता जा रहा है? देशभक्ति का प्रमाण किसी गीत की पंक्तियों की संख्या से तय नहीं होना चाहिए। लेकिन जब कोई राजनीतिक दल यह तय करने लगे कि राष्ट्रगीत का कौन सा हिस्सा गाया जाएगा और कौन सा नहीं, तब बहस केवल सांस्कृतिक नहीं रहती, बल्कि राजनीतिक हो जाती है। भाजपा निश्चित रूप से इस मुद्दे को कांग्रेस के खिलाफ इस्तेमाल करेगी। कांग्रेस पर राष्ट्रवाद के सवाल पर घेरा कसने की कोशिश होगी। सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक मंचों तक यह संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि कांग्रेस वंदे मातरम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं है। कांग्रेस को यह समझना होगा कि प्रतीकों की राजनीति में आधा कदम भी कई बार विपक्ष को पूरा नैरेटिव दे देता है। लेकिन दूसरी तरफ भाजपा से भी सवाल पूछा जाना चाहिए क्या राष्ट्रगीत को राजनीतिक हथियार बनाना उचित है? क्या देशभक्ति का पैमाना यह होना चाहिए कि कौन कितनी पंक्तियां गाता है? क्या राष्ट्रवाद का प्रमाण केवल मंच पर नारे लगाने और गीत गाने से तय होगा? वंदे मातरम का इतिहास स्वयं बताता है कि इस गीत का भाव भारत की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय चेतना से जुड़ा रहा है। इसलिए इसके सम्मान को किसी दल विशेष की संपत्ति बना देना भी उतना ही गलत है, जितना इसे लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा करना। कांग्रेस यदि दो अंतरे गाने का फैसला करती है तो उसे इसकी स्पष्ट वजह जनता के सामने रखनी चाहिए। यदि यह किसी कार्यक्रम की निर्धारित परंपरा, समय या आयोजन की व्यवस्था से जुड़ा निर्णय है, तो उसे साफ-साफ बताया जाना चाहिए। लेकिन यदि यह राजनीतिक सुविधा के हिसाब से राष्ट्रगीत के चयन का मामला है, तो कांग्रेस को आत्ममंथन करना होगा। क्योंकि राजनीति में कुछ मुद्दे ऐसे होते हैं जहां अस्पष्टता नुकसान करती है। वंदे मातरम उन्हीं मुद्दों में से एक है। दूसरी ओर भाजपा को भी यह याद रखना होगा कि देशभक्ति किसी पार्टी का कापीराइट नहीं है। भारत की आजादी में कांग्रेस की भूमिका का इतिहास है, स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका का इतिहास है और राष्ट्रवाद की अपनी व्यापक भारतीय परंपरा है। इसे केवल चुनावी मंच का नारा बना देना उस विरासत को छोटा करता है। आज जरूरत इस बात की है कि वंदे मातरम को चुनावी विवाद से ऊपर रखा जाए, जो गाए, पूरे सम्मान के साथ गाए। जो न गाए, उससे सवाल हो सकता है, लेकिन देशभक्ति का प्रमाणपत्र बांटने की राजनीति से बचना चाहिए। क्योंकि अंततः सवाल यह नहीं है कि वंदे मातरम् के कितने अंतरे गाए गए। सवाल यह है कि देश के लिए उसमें व्यक्त भावना को राजनीति और समाज ने कितना आत्मसात किया। राष्ट्रगीत की पंक्तियां मंच पर खत्म हो जाती हैं, लेकिन राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी उसके बाद शुरू होती है। अगर राजनीति इस फर्क को समझ ले, तो शायद वंदे मातरम पर विवाद कम और उसके सम्मान पर सहमति ज्यादा दिखाई दे।
August 19, 2026देहरादून। पुलिस ने लाखों रूपये के जेवरात व नगदी के साथ ठेले वाले को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार मंशाा देवी, गुमानीवाला निवासी सुमन राणा ने ऋषिकेश कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराते हुए बताया कि उनके द्वारा तीन सोने की चैन, एक सोने का गले का नेकलेस, एक जोड़ी सोने की झुमकी, दो जोड़ी सोने के कान के टॉप्स, एक चांदी का ब्रेसलेट, जिसे उन्होंने अपनी पुत्री की शादी के लिए रखा था, उसे बैंक से लेकर वापस अपने घर आ रही थी। उक्त सभी आभूषणों व 64 हजार रूपये नगद उनके द्वारा एक भूरे रंग के पर्स में रखकर उसे काले रंग के एक बड़े पर्स में रखा था। रास्ते मे भरत विहार गेट के पास केले की ठेली पर केले लेने के दौरान उनके द्वारा अपने पर्स को ठेली में रखकर ठेली संचालक राजकुमार को गूगल—पे के माध्यम से भुगतान किया गया। घर पहुंचने पर उन्होंने देखा तो काले रंग के बड़े पर्स में रखा भूरे रंग का पर्स व उसमे रखे सोने—चांदी के आभूषण एवं नगदी चोरी हो गए थे। उसके द्वारा ठेली संचालक राजकुमार पर चोरी करने का शक व्यक्त किया गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। घटना की गंभीरता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा घटना के शीघ्र खुलासे एवं गिरफ्तारी हेतु दिये गए निर्देशों पर प्रभारी निरीक्षक कोतवाली ऋषिकेश द्वारा चौकी आईडीपीएल के नेतृत्व में पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के अवलोकन कर स्थानीय तंत्र सक्रिय किया गया।पुलिस द्वारा किये जा रहे प्रयासों के दौरान पुलिस टीम को सूचना प्राप्त हुई कि घटना में संदिग्ध राजकुमार योगनगरी रेलवे स्टेशन की ओर गया है, जो बिहार भागने की फिराक में है। प्राप्त सूचना पुलिस टीम द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास से घटना में संदिग्ध राजकुमार पुत्र स्व. शिव शाह, निवासी सिसवा सरियामन, थाना बैरिया, जनपद बेतिया, बिहार, को हिरासत में लिया गया, जिसकी तलाशी लेने पर उसके कब्जे से ज्वैलरी व नगदी बरामद हुई। बरामद ज्वेलरी व नगदी के संबंध में उससे सख्ती से पूछताछ करने पर उसके द्वारा उक्त ज्वैलरी व नगदी को अपनी ठेली में सामान लेने आई एक महिला के पर्स से चोरी करना बताया गया, जिस पर उसको मौके से गिरफ्तार करते हुए बरामद ज्वेलरी व नगदी को पुलिस द्वारा कब्जे में लिया गया। पूछताछ में उसके द्वारा बताया गया कि सुमन राणा उसकी ठेली पर केले लेने आई थी। इस दौरान उसके द्वारा महिला को बातचीत में उलझाकर उनके काले रंग के बड़े पर्स के अंदर रखा भूरे रंग का पर्स चोरी कर लिया था, जिसमे से उसे सोने के कीमती आभूषण एवं नगदी मिली। चोरी किए गए माल को लेकर बिहार भागने की फिराक में था, पर उससे पूर्व ही पुलिस द्वारा उसे योगनगरी रेलवे स्टेशन के पास पकड़ लिया। पुलिस ने उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसको न्यायालय में पेश किया जहां से उसको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।