- यातायात सुगम बनाने के लिए फोर लाइन बनाया जाएगा
- चकाचक सड़कों पर चलने के लिए देना पड़ेगा टोल टैक्स
देहरादून। उत्तराखंड में बढ़ते वाहनों के दबाव को कम करने के लिए सरकार द्वारा राज्य की कुछ प्रमुख सड़कों को निजी कंपनियों के हाथों में देने पर विचार किया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक तीन स्टेट रोड सहित चार सड़कों को इसके लिए चिन्हित किया गया है इन सड़कों पर यातायात का दबाव अधिक होने के कारण आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। राज्य सरकार अपने ही खर्च पर इन सड़कों को फोर लेन बनवा सके इतने पैसे सरकार के पास नहीं है और न इतने संसाधन है। यही कारण है कि वह इस काम को पीपीपी मोड में कराए जाने पर विचार कर रही है। रामनगर कालाढूंगी और बहादराबाद हरिद्वार सहित चार सड़कों को फोरलेन बनाने के लिए चिन्हित किया गया है।
इन सड़कों को फोरलेन बनाने के लिए जमीन अधिकार का काम सरकार ही करेगी। सरकार जमीन अधिग्रहण कर कंपनी को देगी और कंपनी सड़कों का निर्माण कराएगी। इन सड़कों के निर्माण पर जो भी खर्च आएगा उसकी वसूली कंपनी टोल टैक्स के जरिए करेगी। हालांकि अभी इस पूरी योजना को अमली जामा पहनाने में समय लगेगा और सरकार द्वारा अभी इसकी मंजूरी भी नहीं दी गई लेकिन विभागीय कार्यवाही शुरू कर दी गई है तथा चार सड़कों को इसके लिए चिन्हित भी किया जा चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की मंजूरी मिलने के बात ही इस पर काम शुरू हो सकेगा हां राज्य के लोगों को चकाचक सड़कों का आनंद लेना है तो उन्हें अपनी जेब भी ढीली करनी पड़ेगी लेकिन इसके साथ ही राज्य में यातायात तो सुचारू होगा ही साथ ही पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।



