- टनकपुर पिथौरागढ़ हाईवे हल्के वाहनों के लिए खोला
- केदारनाथ पैदल मार्ग पर पैदल यात्रा भी शुरू
देहरादून। भले ही उत्तराखंड में बारिश का सिलसिला थमता दिख रहा हो लेकिन पहाड़ों के दरकने की घटनाओं में कोई कमी आई नहीं दिख रही है। अभी केदारनाथ हाईवे और टनकपुर—पिथौरागढ़ हाईवे को खोलने का काम चल ही रहा है कि आज सुबह भारत तिब्बत सीमा को जोड़ने वाले मलारी हाईवे पर पहाड़ का एक बड़ा हिस्सा टूटकर गिरने से यातायात पूरी तरह से ठप हो गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार लाता से लगभग 30 किलोमीटर आगे आज सुबह पहाड़ का बड़ा हिस्सा टूटकर सड़क पर आ गया। गनीमत यह रही कि उस समय कोई वहां वहां से नहीं गुजर रहा था अब मार्ग के बंद होने से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद हो चुकी है तथा एक बड़े क्षेत्र का संपर्क टूट गया है। अब इसे खोलने का काम किया जा रहा है। उल्लेखनीय है कि अभी 2 दिन पहले केदारनाथ पैदल मार्ग पर हुए भूस्खलन के कारण आवाजाही बंद हो गई थी सड़क का 20 मीटर का हिस्सा टूट जाने से इसकी मरम्मत का काम भी मुश्किल हो रहा था। यात्रियों के फंसे होने के कारण लोग परेशान थे आज इस मार्ग को आने—जाने लायक बना लिया गया तथा पैदल यात्रियों को सुरक्षा बालों की देखरेख में केदारनाथ भेजा जा रहा है।
उधर टनकपुर—पिथौरागढ़ मार्ग भी भूस्खलन के बाद अभी तक बंद पड़ा है। इस पर भी अभी भारी वाहनों की आवाजाही बहाल नहीं हो सकी है। तथा इसमें सिर्फ हल्के वाहनों को ही आने दिया जा रहा है अधिकारियों का कहना है कि अभी इसे पूरी तरह दुरुस्त करने में 2 से 3 दिन का समय लग जाएगा पहाड़ पर भले ही अभी बारिश का दौर हल्का हो गया हो लेकिन भूस्खलन के कारण समस्या गंभीर बनी हुई है।




