- हत्या को दुर्घटना दिखाने की नीयत से शव को नदी के किनारे रखा था
देहरादून। पुलिस ने सात माह बाद हत्या के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार 21 जनवरी 2024 को थाना सेलाकुई को सूचना प्राप्त हुई थी कि आसन नदी श्मशान घाट के पीछे एक व्यक्ति मृत अवस्था में पड़ा है, सूचना पर तत्काल सेलाकुई पुलिस मौके पर पहुंची तथा मृतक के विषय में जानकारी करने पर मृतक की पहचान इमरान पुत्र शब्बीर निवासी हसनपुर थाना सहसपुर के रूप में हुई। युवक के सर पर आई चोटों को देखकर उक्त घटना की संदिग्धता के दृष्टिगत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा थानाध्यक्ष सेलाकुई को घटना की विस्तृत जांच के निर्देश दिए गए, घटना की जांच के दौरान घटना स्थल के निरीक्षण तथा मृतक के परिजनों व आस—पास के लोगो से पूछताछ में पुलिस टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि मृतक इमरान 20 जनवरी की रात्रि में ईदगाह के पास वाली बस्ती में चोरी की नीयत से साजिद के घर गया था, जहां अचानक लोगों के जाग जाने के कारण उक्त घर में रहने वाले साजिद व उसके पुत्र ने मृतक को पकड़ लिया तथा उसके साथ मारपीट की गयी। पुलिस द्वारा साजिद पुत्र शौकत को हिरासत में लेकर उससे सख्ती से पूछताछ की गई तो उसके द्वारा अपने पुत्र उमर तथा जावेद व मोहल्ले में रहने वाले सहबान व अन्य लोगो के साथ मिलकर मृतक के साथ मारपीट करना तथा घटना में उसकी मृत्यु होने पर उसे नदी के किनारे पिलर के पास रख देना स्वीकार किया गया, पूछताछ के आधार पर साजिद को पुलिस द्वारा मौके से गिरफ्तार करते हुए उसकी निशानदेही पर घटनास्थल के पास से घटना में इस्तेमाल किया गया आलाकत्ल डंडा बरामद कर लिया। घटना में शामिल अन्य आरोपी लगातार फरार चल रहे थे, जिनके गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहे थे। थाना सेलाकुई पर गठित पुलिस टीम द्वारा उक्त मुकदमें में वांछित चल रहे आरोपियों के सम्बंध में सर्विलांस के माध्यम से जानकारी एकत्रित की गई, गत दिवस मिली सूचना पर धूलकोट तिराहा सेलाकुई क्षेत्र से घटना में शामिल 2 आरोपियों उमर पुत्र साजिद तथा आमिर पुत्र मांगा को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उमर द्वारा बताया गया वह पीओपी का कार्य करता है तथा 20 जनवरी को मृतक इमरान रात्रि के समय उनके घर में चोरी की नीयत से घुस आया था, जिसे उसने तथा उसके पिता साजिद द्वारा पीछा कर नदी के पास से पकड़ लिया और वापस बस्ती में लेकर आए, जहां उनके द्वारा बस्ती के कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे लाठी डंडों से पीटा गया तथा उसकी मृत्यु होने पर साक्ष्य छुपाने की नीयत से उसने, आमिर तथा 2 अन्य लोगो के साथ मिलकर मृतक के शव को नदी के किनारे पिलर से लगाकर रख दिया तथा मौके से फरार हो गए थे। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।




