June 13, 2026देहरादून। पुलिस ने हत्या के मामले में फरार 20—20 हजार के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार कोतवाली डालनवाला पर पिन्टू कुमार निवासी राजपुर रोड निकट सिल्वर सिटी, ठाकुर इंफ्रा हमीलिया, देहरादून ने एक लिखित तहरीर दी कि मौहम्मद हुसैन पुत्र नसीम निवासी— धमेला, सहारनपुर व उसके साथी मौहम्मद आसिफ पुत्र शराफत निवासी सरदाहेड़ी, सहारनपुर, द्वारा उसके चाचा रामफल ऋषि व उसके साथ काम करने वाले एक अन्य व्यक्ति हसन पुत्र यूनुष के साथ गाली—गलौज कर लोहे के सरिया से हमला किया गया, जिससे उसके साथी हसन के हाथ में फ्रैक्चर हो गया तथा उसके चाचा रामफल ऋषि को गम्भीर चोटें आई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। मुकदमें की जांच के दौरान विवेचक द्वारा पिन्टू व मौके पर उपस्थित अन्य गवाहों के साथ साथ घटना में घायल व्यक्तियों का उपचार कर रहे चिकित्सक के बयान लिए गए, घटना में वांछित आरोपी की गिरफ्तारी हेतु दबिशें दी गयी परन्तु दोनों आरोपी घटना के बाद से ही लगातार फरार चल रहे थे, जिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु विवेचक द्वारा न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त किये गये थे। उपचार के दौरान पिन्टू कुमार के चाचा रामफल ऋषि की उपचार के दौरान मृत्यु हो गयी, जिस पर मुकदमा उपरोक्त में धारा की बढ़ोत्तरी की गयी। आरोपियों के लगातार फरार चलने पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक द्वारा उनकी गिरफ्तारी पर 20—20 हजार रुपये का ईनाम घोषित करते हुए उनकी गिरफ्तारी हेतु कोतवाली डालनवाला पर पुलिस टीम गठित की गई। गठित टीम द्वारा सुरागरसी/ पतारसी करते हुए तथा सर्विलांस के माध्यम से भी दोनो आरोपियोंं के संबंध में जानकारियां एकत्रित की गई तथा प्राप्त जानकारी की सूचना पर मुकदमें में फरार चल रहे दोनों ईनामी आरोपियों को ग्राम सरदाहेड़ी, थाना फतेहपुर, जिला सहारनपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर मोहम्मद हुसैन द्वारा बताया कि वह शटरिंग का ठेकेदार है तथा मूल रूप से ग्राम सरदाहेडी सहारनपुर उत्तर प्रदेश का रहने वाला है। उसने राजपुर रोड में निर्माणाधीन ठाकुर इंफ्रा बिल्डिंग में शटरिंग का ठेका अभिषेक ठेकेदार से लिया था तथा अपने गाँव के मोहम्मद आसिफ तथा अन्य मजदूरों के साथ घटना से करीब 15 दिन पहले निर्माणाधीन साइट पर काम शुरू किया था। उस साइट पर पूर्व में फिरोज, जो कि सरिये का ठेकेदार है, उसका रिश्तेदार ही शटरिंग का काम करता था। काम शुरू करने के बाद उनके काम को देखते हुए साइट मैनेजर अभिषेक ने दूसरे शटरिंग के ठेकेदार को वहां से हटा दिया, जिस बात को लेकर फिरोज और उसके लेबर उनसे चिढ़ने लगे। घटना के दिन 24 मई 2026 को रात्रि करीब साढे आठ से 9 बजे के बीच वह अपने अन्य साथियों के साथ निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम रहा था, इस दौरान ठेकेदार फिरोज के लड़के मोहम्मद अन्ना से उसके लेबर मोहम्मद आसिफ के साथ सरिया की रिंग हटाने को लेकर विवाद हो गया था। जिस पर उन्होंने मौके पर झगड़े को समाप्त करने के उद्देश्य से अपने लेबर आसिफ व उसके साथ झगड़ रहे अन्ना और उसके साथ खड़े लड़के को गाली देते हुए वहाँ से जाने को कहा। इस बात को लेकर मोहम्मद अन्ना और उसके साथी का आरोपी से विवाद हो गया तथा आरोपी ने उन दोनों को गुस्से में थप्पड़ मार दिया। इतने में वहां पर काफी लोगों की भीड़ इकट्ठा होने पर आरोपी तथा उसके साथी आसिफ ने पास पड़ी लोहे की सरिया उठा ली और वहां खड़े लोगों पर सरिया से हमला करते हुए मौके से भाग गये। घटना के बाद दोनों आरोपी कमरे से अपना पैसा लेकर निर्माणाधीन साइट से निकल गए तथा घटना में प्रयुक्त लोहे की सरिया को अपने कमरे में ही छोड़ दिया और सीधे अपने गांव लौट गए। गांव लौटने के बाद उन्हें पता चला कि जिस आदमी को सरिया लगा था, वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। जिसके बाद दोनों आरोपी गांव से फरार हो गए और पुलिस से बचने के लिए अलग—अलग जगहो मे भटकते रहे। मामले को शांत समझ कर कल जैसे ही दोनो आरोपी गाँव मे वापस आए, पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशादेही पर पुलिस द्वारा मारपीट में प्रयुक्त लोहे के सरिया (जिससे मारने पर रामफल ऋषि की मृत्यु हुयी थी) को बरामद किया गया। पुलिस ने दोनों को न्यायालय में पेश किया जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
June 13, 2026डीएम ने रवाना किया मतदाता जागरूकता रथ देहरादून। मतदाता सूची को शुद्ध, अघतन एवं पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम के अंतर्गत आईटी पार्क, देहरादून में स्वीप कार्यक्रम के तहत मतदाता जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने की। इस अवसर पर उन्होंने मतदाता जागरूकता रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जागरूकता रथ जनपद के विभिन्न वार्डों एवं क्षेत्रों में भ्रमण कर नागरिकों को विशेष पुनरीक्षण अभियान की जानकारी देंगे तथा पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए प्रेरित करेंगे।गोष्ठी को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. चौहान ने जनप्रतिनिधियों, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों तथा आम नागरिकों से विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने बताया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का अभियान 7 जुलाई तक संचालित किया जा रहा है। इस दौरान सभी पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़े जाएंगे, जबकि मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित एवं डुप्लीकेट मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार मतदाता सूची को निर्धारित समयावधि में पूर्णतः अघतन और त्रुटिरहित बनाया जाना है। इसी क्रम में 8 जून से 7 जुलाई तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) घर—घर जाकर गणना प्रपत्रों का वितरण एवं संकलन कर रहे हैं। जिलाधिकारी ने बताया कि 1 जुलाई 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले नये पात्र नागरिकों के आवेदन फार्म—6 भी स्वीकार किए जा रहे हैं, ताकि वे मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकें। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद देहरादून की 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 1,882 मतदेय स्थल हैं तथा 13,76,813 मतदाता पंजीकृत हैं। अब तक 6,60,308 मतदाताओं, अर्थात लगभग 47.96 प्रतिशत मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए जा चुके हैं। साथ ही गणना प्रपत्रों के संकलन और डिजिटाइजेशन का कार्य भी तेजी से जारी है तथा अब तक 35,476 गणना प्रपत्र डिजिटाइज किए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि यह अभियान फास्ट ट्रैक मोड में संचालित किया जा रहा है। इसलिए सभी मतदाता अपने बीएलओ को सहयोग प्रदान करते हुए गणना प्रपत्र समय पर भरकर जमा करें, ताकि मतदाता सूची का शुद्धिकरण और अघतन कार्य समयबद्ध रूप से पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि कोई भी नागरिक उत्तराखंड निर्वाचन आयोग के ईसीआई—नेट प्लेटफॉर्म के माध्यम से मतदाता संबंधी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त ट्टट्टबुक ए कॉल विद बीएलओ’’ सुविधा के जरिए संबंधित बीएलओ से सीधे संपर्क किया जा सकता है। मतदाता सहायता के लिए निर्वाचन आयोग के टोल फ्री नंबर 1950 पर भी संपर्क किया जा सकता है। स्वीप कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ने जागरूकता गोष्ठी में उपस्थित सभी नागरिकों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान स्वीप कार्यक्रम के नोडल/मुख्य शिक्षा अधिकारी वीके ढ़ौडियाल, जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेन्द्र कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेन्द्र प्रसाद देवली, पार्षद संजीव बंसल, पार्षद अभिषेक पंत, बूथ लेवल ऑफिसर एवं बडी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद थे।
June 13, 2026जोरहट। असम में स्थित जोरहाट एयर फ़ोर्स स्टेशन पर बड़ा हादसा हो गया। शनिवार सुबह एयर फ़ोर्स स्टेशन पर भारतीय वायु सेना (आईएएफ) का एएन-32 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ़्ट क्रैश हो गया और उसमें आग लग गई, जिससे पाँच कर्मियों की मौत हो गई। वायु सेना ने इस हादसे में पाँच लोगों की मौत की पुष्टि की और घटना की जानकारी दी।हादसे में जान गंवाने वाले कर्मियों की पहचान स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ़्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम के तौर पर की गई है। को-पायलट बच गया है और इलाज चल रहा है। भारतीय वायु सेना ने क्रैश के कारणों का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं।पूर्वोत्तर क्षेत्र में भारतीय वायु सेना के लिए एक अहम ट्रांसपोर्ट और फ्रंटलाइन ऑपरेशन बेस है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, एयरबेस पर लैंडिंग के कुछ ही देर बाद एयरक्राफ़्ट दुर्घटनाग्रस्त हो गया।
June 13, 2026राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की गरिमामई उपस्थिति में आईएमए की पासिंग आउट परेड सम्पन्न आईएमए की पासिंग आउट परेड का निरीक्षण कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सलामी ली 481 भारतीय,16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट बने सैन्य अधिकारी, 9 महिला कैडेटों ने रचा इतिहास देहरादून। देश की राष्ट्रपति एवं सशस्त्र सेनाओं की सर्वाेच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी में आयोजित पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि एवं समीक्षा अधिकारी के रूप में शामिल हुईं। राष्ट्रपति ने भारतीय सैन्य अकादमी के 158वें नियमित और 141वें तकनीकी स्नातक पाठ्यक्रम की भव्य पासिंग आउट परेड की समीक्षा की और नवप्रशिक्षित सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने पास आउट होने वाले कैडेट्स को भारत माता की रक्षा के लिए कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति की भावना के साथ कार्य करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं के प्रहरी ही नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, सम्मान और आकांक्षाओं के भी संरक्षक हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने संबोधन में सभी कैडेट्स को सफल प्रशिक्षण के लिए बधाई दी। उन्होंने प्रशिक्षण देने वाले अधिकारियों की मेहनत की भी सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि यहां से केवल सैन्य प्रशिक्षण ही नहीं बल्कि दया और करुणा जैसे मानवीय मूल्य भी मिलते हैं, जिन्हें अधिकारी आगे अपने सेवा जीवन में अपनाएंगे। उन्होंने सभी ऑफिसर कैडेट्स को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।राष्ट्रपति ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी प्रगति के इस दौर में भारतीय सेना को निरंतर नवाचार, आधुनिकता और अनुकूलनशीलता के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने युवा अधिकारियों से अग्रिम मोर्चे से नेतृत्व करने, उच्च नैतिक मूल्यों का पालन करने तथा सैनिकों के कल्याण और सैन्य प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करने का आह्वान किया।इस अवसर पर उत्तराखण्ड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के समादेशक लेफ्टिनेंट जनरल नागेन्द्र सिंह सहित सैन्य एवं नागरिक प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, गणमान्य अतिथि तथा बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने इस ऐतिहासिक अवसर के साक्षी बनकर नवप्रशिक्षित अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया। आईएमए से पास आउट हुए देश-विदेश के 515 सैन्य अफसरआज भारतीय सैन्य अकादमी में 158वीं पासिंग आउट परेड संपन्न हो गई है। इस बार कुल 515 अधिकारी कैडेट पास आउट हुए। इनमें 481 भारतीय अधिकारी कैडेट और 16 मित्र देशों के 34 विदेशी अधिकारी कैडेट शामिल हैं। पासिंग आउट परेड में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस बार की पासिंग आउट परेड कई मायनों में ऐतिहासिक रही है। पहली बार आईएमए से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली 9 महिला कैडेट्स भी परेड में कदमताल करती दिखीं। इन 9 महिला कैडेट्स ने एक वर्ष का कठोर सैन्य प्रशिक्षण पूरा किया है। अब यह अंतिम पग पार कर सेना का हिस्सा बन गई हैं। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद ये सभी भारतीय सेना और अपने-अपने देशों की सेनाओं में अधिकारी के रूप में नई जिम्मेदारियां संभालेंगे। करीब सवा सात बजे उत्तराखंड के राज्यपाल गुरमीत सिंह रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आईएमए पासिंग आउट परेड में शामिल होने के लिए परेड स्थल पहुंचे। इसके बाद करीब 7 बजकर 30 मिनट पर आईएमए पीओपी की मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू परेड स्थल पर पहुंचीं। राष्ट्रपति ने विशेष घोड़ा बग्गी पटियाला कोच से परेड की समीक्षा की। पासआउट कैडेट्स पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षासमारोह के दौरान पासआउट कैडेट्स पर हेलीकाप्टर से पुष्पवर्षा की गई, जिससे पूरा माहौल उत्सव और गर्व से भर गया। इसके बाद तीन हेलीकाप्टरों ने भारतीय तिरंगा, सेना का ध्वज और आईएमए का ध्वज लेकर परेड ग्राउंड के ऊपर फ्लाईपास्ट किया। इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में विभिन्न कोर्सों के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित भी किया गया। स्वार्ड आफ आनर विशाल कुमार को मिला, जिन्होंने आरईजी कोर्स में प्रथम स्थान भी प्राप्त किया। प्रिंस राज को सिल्वर मेडल, तेजस भट्ट को ब्रान्ज मेडल, जबकि टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स में हृषभ मिश्रा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। इसके अलावा टीईएस कोर्स में करन पांडे और स्पेशल कमीशन में बोधराज थापा को भी सम्मान मिला। बांग्लादेश के कैडेट को बेस्ट फारेन कैडेट पुरस्कार दिया गया। देश को पहली बार आईएमए से मिलीं नौ महिला सैन्य अफसरआईएमए में शनिवार को एक और इतिहास रचा गया। अकादमी की पासिंग आउट परेड में पहली बार नौ महिला सैन्य अफसर पासआउट होकर भारतीय सेना का हिस्सा बनीं। कदमताल करते हुए कैडेट्स ने सैन्य अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रसेवा की भावना का प्रदर्शन किया। परेड का सबसे खास और ऐतिहासिक क्षण वह रहा, जब पहली बार आईएमए से प्रशिक्षित नौ महिला कैडेट्स सैन्य अफसर के रूप में पासआउट हुईं। इस वर्ष की पासिंग आउट परेड में शामिल 515 कैडेट्स में नौ महिला कैडेट्स सहित कुल 481 भारतीय कैडेट थे। इनके अलावा 16 मित्र देशों के 34 कैडेट्स ने भी प्रशिक्षण पूरा किया और अपने-अपने देशों की सेनाओं का हिस्सा बने। परेड के बाद पीपिंग सेरेमनी का आयोजन किया गया, जिसमें नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों के कंधों पर रैंक सजाई गई। यह दूसरा अवसर है जब किसी महिला राष्ट्रपति ने आईएमए की पासिंग आउट परेड में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इससे पहले पूर्व राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल भी परेड की सलामी ले चुकी हैं। इस बार की परेड ने न केवल 515 युवा अधिकारियों को सेना को सौंपा, बल्कि पहली बार नौ महिला सैन्य अफसरों के पासआउट होने के साथ भारतीय सैन्य इतिहास में एक नया अध्याय भी जोड़ दिया।
June 13, 2026देहरादून। एसटीएफ ने दो पिस्टल व 31 कारतूसों के साथ दो को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।मिली जानकारी के अनुसार फर्जी शस्त्र लाइसेंस प्रकरण में एसटीएफ बेहद गहनता और पेशेवर तरीके से जांच कर रही है। जांच में जिसकी भी संलिप्तता सामने आएगी, उसकी जगह जेल की सलाखों के पीछे होगी। एसटीएफ द्वारा की गई गहन जांच एवं साक्ष्यों के आधार परे जनपद ऊधमसिंहनगर के थाना कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज करायी गयी थी। उक्त मुकदमे की जांच के दौरान देर रात्रि एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन में कार्यवाही करते हुए एसटीएफ टीम ने जनपद ऊधमसिंहनगर के सितारगंज—रुद्रपुर क्षेत्र में दबिश देकर दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड ने बताया कि वर्ष 2026 के प्रारम्भ से ही राज्य में फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों तथा कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से अवैध शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले लगभग एक माह से एसटीएफ की टीमें इस पूरे नेटर्वक की परत—दर—परत जांच में जुटी हुई थीं। उन्होंने बताया कि टीम द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट एवं संकलित साक्ष्यों के आधार पर काशीपुर कोतवाली में अभियोग पंजीकृत कराया गया, जिसके बाद एसटीएफ लगातार एक के बाद एक प्रभावी कार्रवाई करते हुए इस संगठित नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी हुई है। एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह खेल केवल कानून का उल्लंघन नहीं बल्कि समाज और राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। एसटीएफ इस पूरे नेटवर्क की तह तक जाएगी। जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक अथवा सहयोगी की भूमिका सामने आएगी, उसके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। अब तक की एसटीएफ कार्रवाई राज्य के विभिन्न जनपदों में 03 मुकदमें दर्ज कर 09 आरापियों को गिरफ्तार कर जेल भेजे गए 14 अवैध शस्त्र बरामद 341 कारतूस बरामद बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किये गये। पूछताछ में उन्होंने अपने नाम करनजीत सिंह पुत्र नाजर सिंह, निवासी ग्राम भुड़िया कॉलोनी, थाना बहेड़ी, जनपद बरेली (उ0प्र0), हाल निवासी/संचालक रेस्टोरेंट सरदार जी, सितारगंज, ऊधमसिंहनगर व विक्रमजीत सिंह तूर पुत्र अजयपाल सिंह, निवासी नियर मंडी, सितारगंज, जनपद ऊधमसिंहनगर बताये। एसटीएफ ने दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उनको न्यायालय में पेश किया गया जहां से उनको न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।
June 13, 2026देश और देशवासियों को अच्छे दिन लाने का भरोसा देकर जब भाजपा ने प्रचंड बहुमत वाली सरकार बनाई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार संसद पहुंचे थे तो उन्होंने संसद की सीढ़ियों पर माथा टेककर दंडवत प्रणाम किया था। उनकी उस तस्वीर को देखकर देशवासियों को न सिर्फ वह भरोसा और मजबूत हुआ था कि वह देश व देशवासियों की अगर तकदीर नहीं बदल पाए तो कम से कम उनके जीवन की मुश्किलों को कुछ आसान तो जरूर कर देंगे। यही नहीं वह देश को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत बनाएंगे और लोकतंत्र को भी अधिक सबल बनाएंगे। उनका कहना था कि न खाऊंगा न खाने दूंगा, न सोऊंगा न सोने दूंगा। यानी उनकी सरकार में व्यभिचार और भ्रष्टाचार के लिए कोई जगह नहीं होगी किसानो की आए दो गुना करने तथा महंगाई को नियंत्रण में लाने तथा बेरोजगारों को रोजगार देने जैसी बातें उनकी प्राथमिकता में शामिल थी। यह सब कुछ सरकार को 5 सालों में ही करना था लेकिन अब उनके लगातार तीसरी बार तक सत्ता में बने रहने और सबसे अधिक समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड तोड़ने के बाद आम आदमी इस बात को सोचने पर विवश है कि उनके 12 साल के शासनकाल में उसकी दिशा और दशा में क्या कुछ सुधार आया है और क्या कुछ बदला है। भले ही वर्तमान स्थितियों और परिस्थितियों में कोई सत्ता से यह सवाल पूछने की हिम्मत न जुटा सकता हो और उनकी तथा सरकार की कोई जवाब देही न रही हो लेकिन आम लोगों की सोच पर सत्ता का कोई नियंत्रण संभव नहीं है। वह खुद ही सवाल भी कर रहे हैं और सरकार के कामकाज तथा तौर तरीकों के आधार पर यह तय भी कर रहे हैं कि भाजपा व मोदी सरकार के सपने का फैसला कितना गलत और सही था। वर्तमान दौर में जो एक सवाल भाजपा के नेताओं द्वारा उछाला जा रहा है कि अगर सरकार ने कुछ नहीं किया तो जनता उसे लगातार वोट देकर जिता क्यों रही है? इस सवाल का जवाब भी अब आम जनता तो जान ही चुकी है अनभिज्ञ तो सत्ता में बैठे वह नेता भी नहीं है जो प्रधानमंत्री मोदी के संसद सत्र में पहुंचने पर खड़े होकर मेजे थपथपा कर मोदी—मोदी के नारे लगाते हैं जिन्होंने संसद की कार्यश्ौली से लेकर संवैधानिक संस्थाओं के विधान और संविधान तक को अपने अनुकूल बना लिया है। देश के वह किसान जो सालों सालों तक सड़कों पर धरने प्रदर्शनों के बाद भी सरकार करे अपने एमएसपी के कानूनी अधिकार बनाने की बात नहीं मनवा पाये तथा तीन काले कानूनों को रोकने के लिए जान गवांने तक की हद तक डटे रहे। वह बेरोजगार जो परीक्षाएं देकर ओवर ऐज हो गए तथा उनकी सारी मेहनत पेपर लीक की कुव्यवस्था ने लील ली। वह आम आदमी जिसने अपने घर का सोना भी पेट की भूख के लिए गिरवी रख दिया फिर भी उसकी भूख नहीं मिट पाई। भले ही सरकार आज भी पांच ट्रिलियन वाली इकोनामी वाला देश और विकसित राष्ट्र बनाने का खूब जोर—जोर से प्रचार कर रहा हों और विकास की गाड़ी आंकड़ों में सरपट दौड़ रही हो लेकिन अब इसका सच भी सभी जान चुके हैं। पीएम केयर फंड जिसकी कोई जानकारी लेने का हक किसी को नहीं और वह इलेक्ट्रॉलक बाण्ड जिसे सर्वाेच्च न्यायालय ने असंवैधानिक बता कर रदद कर चुकी हो उसके भ्रष्टाचार का सच भी सभी जान चुके हैं। यही कारण है लोग अब पूछ रहे हैं कि सत्ता में बैठे लोगों के लिए राष्ट्र से ज्यादा जरूरी सत्ता क्यों हो चुकी है? क्या अब देश को लोकतंत्र और संविधान की जरूरत ही नहीं रह गई है? अथवा देश तानाशाही व्यवस्था की ओर कदम बढ़ा चुका है? ढेरो सवाल है जिनका जवाब आने का इंतजार यह देश कर रहा है।