- टीसीएस ने ओपनएआई के साथ किया रणनीतिक समझौता
नई दिल्ली। देश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई के क्षेत्र में एक अहम कदम उठाया गया है। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस ) ने अमेरिकी टेक कंपनी ओपनएआई के साथ रणनीतिक समझौता किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य भारत और दुनिया भर में एआई तकनीक को ज्यादा उपयोगी, आसान और बड़े स्तर पर लागू करना है। जानकार मानते हैं कि इससे भारत का टेक सेक्टर नई ऊंचाई छू सकता है। इस करार के बाद टाटा समूह के हजारों कर्मचारियों को एंटरप्राइज स्तर का चेटजीपीटी इस्तेमाल करने का मौका मिलेगा। इससे डेटा विश्लेषण, रिपोर्ट तैयार करना, प्रेजेंटेशन बनाना और प्लानिंग जैसे काम पहले से तेज हो सकेंगे। टीसीएस अपने टेक एक्सपर्ट्स के लिए एडवांस एआई टूल्स का उपयोग करेगी, जिससे सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट और कोडिंग का काम ज्यादा सटीक और तेज होगा। दोनों कंपनियां मिलकर ऐसे स्मार्ट एआई समाधान तैयार करेंगी जो बैंकिंग, हेल्थ, रिटेल और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सीधे इस्तेमाल हो सकें।
इस साझेदारी का बड़ा हिस्सा इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना है। टीसीएस की हाइपरवॉल्ट यूनिट ओपन एआई के साथ मिलकर भारत में बड़े और आधुनिक डेटा सेंटर स्थापित करेगी। शुरुआती चरण में 100 मेगावाट की क्षमता विकसित की जाएगी, जिसे आगे चलकर 1 गीगावाट तक बढ़ाने की योजना है। इन डेटा सेंटरों में नई तकनीक का इस्तेमाल होगा, जैसे बेहतर कूलिंग सिस्टम और ऊर्जा की बचत करने वाले उपकरण। खास बात यह है कि इन्हें पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा स्रोतों से चलाने पर भी जोर दिया जाएगा। इस पहल का एक सामाजिक पहलू भी है। ओपन एआई फाउंडेशन और टीसीएस मिलकर देश के युवाओं को एआई से जुड़ी ट्रेनिंग देंगे। स्कूल, कॉलेज और सामाजिक संगठनों के साथ मिलकर ऐसे प्रोग्राम चलाए जाएंगे, जिनसे लाखों युवाओं को नई तकनीक सीखने का अवसर मिलेगा। इससे भविष्य में रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।




