- केंद्र से क्लीयरेंस न मिलने से रुकी हेली सेवाः सोनिका
- चारधाम यात्री परेशान, घोड़े खच्चर भी बीमार
देहरादून। आज सुबह से राज्य की हेली सेवाओं को सस्पेंड किए जाने की खबर आई तो इसे लेकर राज्य में चल रही चारधाम यात्रा पर आये यात्रियों में हड़कंप मच गया। दोपहर ढाई—तीन बजे तक इस खबर को लेकर कई तरह की चर्चाएं बनी रही लेकिन स्थिति स्पष्ट न हो सकी।
तमाम टीवी चैनलों और अखबारों की वेबसाइट पर इस खबर को ऑपरेशन सिंदूर से जोड़कर सुरक्षा के मद्देनजर हेली सेवाओं को केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों पर सस्पेंड किए जाने की खबर प्रमुखता से दिखाई गई। इस बाबत हेलीपैड अधिकारियों से संपर्क करने पर सेवाएं बंद किए जाने की पुष्टि तो की गई मगर इसका कारण नहीं बताया गया। राज्य के सूचना विभाग द्वारा भी इसके बारे में कोई स्पष्ट स्थिति नहीं बताई गई।
केंद्र सरकार द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन सिंदूर के तहत ही हेली सेवाओं को सुरक्षा के मद्देनजर बंद किए जाने की खबर से चारधाम यात्रियों में भी खलबली स्वाभाविक थी। क्योंकि कुछ यात्रियों द्वारा इसकी एडवांस बुकिंग कराई हुई थी ऐसी स्थिति में उन्हें लगा कि शायद अब उन्हें अपनी यात्रा कैंसिल ही करनी पड़ेगी। इसके साथ ही यह भी खबर आई कि सिर्फ चारधाम हेली सेवा ही सस्पेंड नहीं की गई है बल्कि राज्य के दूसरे हिस्सों में संचालित होने वाली हेली सेवाएं भी अगले आदेश तक रोक दी गई है।
इस बाबत युकाडा की हेड श्रीमती सोनिका से जब संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि चारधाम हेली सेवा को आज रोका गया था लेकिन उन्होंने इसका कारण इन हेली कंपनियों को किसी क्लीयरेंस का न मिलना बताया गया। साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी दी कि अब केंद्रीय उड्यन मंत्रालय से क्लीयरेंस मिल गया है और इन हेली सेवाओं को शुरू किया जा रहा है। राज्य में मौसम भी खराब चल रहा है समाचार लिखे जाने तक हेली सेवाएं शुरू नहीं की जा सकी है। हेली सेवाओं के बंद होने से यात्रियों को परेशानी होना इसलिए भी स्वाभाविक है क्योंकि घोड़े खच्चर पहले से ही बीमार चल रहे हैं जिसके कारण यह सेवा भी सुचारू रूप से नहीं चल पा रही है।




