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दून में भीषण आपदा, 10 से ज्यादा मौत

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– पुल—पुलिया व सड़के बही दर्जन भर लापता
– चकराता में ट्रैक्टर सहित 10 मजदूर नदी में बहें
– मंसूरी हाईवे बंद यात्रियों से होटल में रहने की अपील

देहरादून। बीती रात एक बार फिर उत्तराखंड पर मानसूनी आपदा का ऐसा कहर बरपा कि शासन—प्रशासन के भी हाथ पांव फूल गए। एक के बाद एक जगह से कंट्रोल रूम को बादल फटने और तबाही होने की खबरें आने से बचाव व राहत कर्मी भी यह सोचने पर विवश हो गये कि कहां जाएं और क्या करें। खुद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी ग्राउंड जीरो पर उतरना पड़ा।


बीती रात लगभग 12 बजे सहत्रधारा क्षेत्र में बादल फटने की जानकारी प्रशासन को मिली। राहत व बचाव टीमें घटना स्थल के लिए रवाना हुई तो आईटी पार्क तक पहुंचते ही उनका आपदा से सामना हो गया। क्षेत्र में भारी बारिश के साथ आए मलवे ने उनकी राह रोक ली। इस क्षेत्र के दो गांव कारलीगाढ़ और मचियार में बादल फटने के कारण पहाड़ से आये पानी और मलबे ने इन दोनों ही गांवों में भारी तबाही मचाई है। लोगों के घर मकान और वाहन ही नहीं वह खुद भी मलबे में जिंदा दफन हो गए जिन्हें समाचार लिखे जाने तक नहीं निकाला जा सका था। मचियार गांव में एक घर पर आए मलबे में तीन लोगों के दबने की खबर है तथा दर्जनों घर मकान व दुकान तो क्षतिग्रस्त हो ही गई है कई होमस्टे और होटल को भी नुकसान पहुंचा है। ऊपर से जब यह आपदा सहत्रधारा की तरफ आयी तो उसने यहां भी भारी तबाही मचा दी तथा नदी के किनारे बनी दुकानों व होटलों को ध्वस्त कर दिया। इस पूरे क्षेत्र से 6 लोगों के लापता होने तथा एक का शव भी बरामद होने की बात कही जा रही है।
इसके साथ ही सौंग नदी में भी उफान आने के कारण आसपास के क्षेत्र को भारी नुकसान हुआ है। मालदेवता में सड़कों को भारी नुकसान पहुंचा है कई पुल व पुलिया भी टूट गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खुद इस क्षेत्र में जाकर स्थिति का जायजा लिया और बताया कि लोगों को बहुत नुकसान पहुंचा है। उन्होंने इस आपदा के बारे में पीएम मोदी व गृहमंत्री अमित शाह से भी वार्ता की है। उधर राजधानी दून के कई क्षेत्रों में जहां जल भराव की खबरें आई है वहीं कैंट क्षेत्र स्थित टपकेश्वर महादेव मंदिर में भी तमसा नदी के उफान पर आने से भारी नुकसान होने की खबर है। मंदिर की दूसरी मंजिल तक जल भराव हो गया है तथा गुफा में भी पानी भर गया है। तमसा नदी पर बना पुल तथा मंदिर की सुरक्षा दीवार व रेलिंग भी पानी के तेज बहाव में बह गई है। यहां मौजूद संतों व पुजारी का कहना है कि उन्होंने जैसे तैसे अपनी जान बचाई है।


विकासनगर से आज एक ऐसा ही हृदय विदारक वीडियो सामने आया है जहां टॉस नदी में ट्रैक्टर पर बैठे 10 मजदूर देखते ही देखते नदी के तेज बहाव में ट्रैक्टर के साथ रह गए तथा उनके परिजन किनारे पर खड़े चीत्कार करते रहे हैं। 10 लोग में से कितने बचे और कितनों ने जल समाधि ले ली इसकी पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी। अपुष्ट खबरों के अनुसार यहां से 6 लोगों के शच बरामद करने की बात सामने आई है, जबकि चार लोग लापता है। वही मसूरी में भी एक मजदूर के मलबे में दबकर मरने की खबर है। मसूरी—दूनं हाईवे पर पहाड़ी से मलवा आने के कारण हाथी पांव पर रोड बंद हो गया है। होटल एसोसिएशन ने पर्यटकों से अपील की है कि वह होटल व होमस्टे में ही रुके रहे। उनके खाने रहने का खर्चा प्रशासन उठेगा। उधर टिहरी ऋषिकेश हाईवे का एक बड़ा हिस्सा भारी बारिश के कारण पास आउट हो गया है, जिससे इस मार्ग में आवा जाही बंद हो गई है। कालाढूंगी से प्राप्त समाचार के अनुसार यहां एक जीप तीन पर्यटकों सहित नाले के तेज बहाव में बह गई जिसमें दो को रेस्क्यू कर लिया गया लेकिन एक का पता नहीं चल सका है।
बीती रात एक विस्तृत क्षेत्र में हुई इस भीषण तबाही की सारी तस्वीरें और जानकारी को समेट पाना भी मुश्किल हो गया है। कितने पुल व पुलिया टूटे कितने लोगों की जान गई तथा कितने लापता हैं इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आ सकी है। बचाव व राहत का काम जारी है। पुलिस—प्रशासन व शासन बचाओ व राहत कार्य में जुटा है दून के आज सभी 12वीं तक के स्कूलों को बंद रखा गया है। वही अभी भी राज्य में भारी बारिश का अलर्ट है।

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