देहरादून। सरकार तभी लोकप्रिय होती है जब ब्यूरोक्रेट्स ईमानदारी से अपना कर्तव्य निभाते हैं। योजनाएं तभी सफल होती हैं जब प्रशासन खुद जनता के बीच जाकर सीधा संवाद बनाते हैं। राजधानी देहरादून के जिलाधिकारी सविन बंसल ने भी वही कर्तव्य और प्रशासनिक फर्ज निभाया जिससे लोगों के बीच उनकी छवि बेहद प्रभावशाली बनी है। यह इसलिए सम्भव हुआ क्योंकि उन्होंने अपनी ऊर्जावान और समर्पित प्रशासनिक टीम तैयार की और अपने काम से साबित किया है कि प्रशासन अगर ईमानदारी से काम करे तो जनता का भरोसा खुद बन जाता है।
बात चाहे आपदा की रही हो या बेटियों की शिक्षा तथा भिक्षा मांग रहे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना हो और जनता दरबार के माध्यम से हर सोमवार को बुजुर्गों , महिलाओं और पीड़ितों को बिना समय गँवाए राहत देना, डीएम बंसल के सभी अफसरों ने बेहतरीन नतीजे दिए हैं जिनमें सीडीओ अभिनव शाह, एडीएम कृष्ण कुमार मिश्रा, एसडीएम अपूर्वा सिंह , एसडीएम कुमकुम जोशी , देहरादून एसडीएम सदर हरिगिरि , एसडीएम अपर्णा ढौंढियाल , सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्युष सिंह की भूमिका शानदार रही है।
बीते दिनों गैस संकट के दौरान भी डीएम बंसल की कार्यश्ौली ने जनता को राहत दी तो वहीँ देहरादून में हाईटेक पार्किंग , महिलाओं के लिए वाहन, स्वयंसेवी संगठनों को योजनाओं का लाभ और कार्यालयों में वर्क कल्चर सुधारने में डीएम सविन बंसल का असर साफ दिखाई देता है। हांलाकि निजी स्वार्थ कहिये या पर्दे के पीछे की गोलबंदी सरकार पर दबाव डालकर ऐसे जनहित में काम करने वाले अधिकारी को किसी भी दबाव में हटाने की सोच कुछ सुनाई देती है तो ये बेहद अफसोस की बात है बीते कुछ ही महीनों में जिस तरह से डीएम बंसल ने गाँव गाँव , पहाड़ों , और दुरस्थ तहसीलों मे पहुंच कर जनता के सीधे सम्पर्क करते हुए ग्राउंड पर सरकार की योजनाओं को प्रभावी बनाया है वो आईएएस अफसरों के लिए एक नजीर से कम नहीं है।




