- एक विधायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर दी बगावत की धमकी
- कांग्रेस में छह बडे़ भाजपा नेताओं के शामिल होने के बाद से कांग्रेस में विवाद
- ‘हरदा’ के राजनीतिक अवकाश के बाद कई कांग्रेसी नेता आये उनके पक्ष में
देहरादून। चुनावी साल में राजनैतिक पार्टियां जहां अपना कुनबा बढ़ाने में लगे हुए हैं। राजनैतिक द्वंद में कांग्रेस ने भाजपा के छह बडे़ नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल कर भाजपा को बड़ा झटका दिया है। इसके बाद से उत्तराखंड कांग्रेस में ‘महाभारत’ शुरू हो गई है।
बता दें कि 28 मार्च को उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा के छह बडे़ नेताओं को पार्टी में शामिल किया था। उसके बाद से कांग्रेस में महाभारत शुरू हो गई है। सूत्र बताते हैं कि कांग्रेस के बडे़ नेता हरीश रावत इस बात से ‘नाखुश’ हैं। उनकी नाराजगी के बाद कांग्रेस में विवाद गहरा गया है। इससे नाराज होकर जहां हरदा 15 दिन के राजनीतिक अवकाश पर चले गए है। वहीं कांग्रेस के एक विधायक ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर बगावत की धमकी दे दी है।
विवाद शुरू होने के पीछे का कारण हरीश रावत के नाराज होकर राजनीतिक अवकाश माना जा रहा है। हरदा की इस घोषणा के बाद कांग्रेसी उनके समर्थन में खुलकर सामने आ गये है। पहले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने हरीश रावत का समर्थन किया। दूसरी ओर पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने पलटवार किया तो अब धारचूला से कांग्रेस विधायक हरीश धामी ने तो सीधे ही मोर्चा खोल दिया है। खुलकर पूर्व सीएम हरीश रावत के समर्थन में आए हरीश धामी ने सोशल मीडिया पर पार्टी को चेतावनी देते हुए खुली पोस्ट लिख डाली है। हरीश धामी ने हरीश रावत समर्थकों से कांग्रेस से सामूहिक इस्तीफे की अपील तक कर डाली है।
कांग्रेस पार्टी के अंदर चल रहे अंतकलह के कारण यह महाभारत सड़क पर आ गई है। वही विपक्ष को भी मौका मिल गया है। कांग्रेस के अंदर चल रहे महाभारत को लेकर भाजपा इसे खुद के लिए अच्छे संकेत मान रही है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि अगर कांग्रेस में ऐसा ही चलता रहा तो आने वाले चुनाव में भाजपा को कांग्रेस से लड़ने की जरूरत ही नहीं होगी। कांग्रेसी तो अपने-अपने में ही लडे़गी और इसका फायदा भाजपा को मिलना स्वाभाविक है। वैसे भी कांग्रेस का विकास से कोई लेना-देना नहीं है। वह तो सिर्फ आपस में उलझने में ही मस्त रहती है।
हरक सिंह दलबदल वाले महापापी : हरीश धामी
विधायक हरीश धामी ने सोशल मीडिया पोस्ट में सीधे पूर्व हरक सिंह रावत के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कहा कि दलबदल करने वाले हरक सिंह भरोसे लायक नेता नहीं हैं। वह 2016 में कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने वाले नेता हैं। रावत ने ही इस देवभूमि में दलबदल का महापाप हुआ था, इससे वह महापापी बन गए है, जिसके बाद कांग्रेस को बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। हरक सिंह दोबारा भी कांग्रेस को धोखा दे सकते है। इसलिए कांग्रेस पार्टी को उनसे संभलकर रहना होगा।




