August 10, 2026मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में शामिल हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी सीएम बोले – आज के विद्यार्थी ही भविष्य में उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन, में आयोजित मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने “मुख्यमंत्री युवा विद्यार्थी मंथन” पोर्टल का भी शुभारंभ किया। इसी के साथ विद्यालयी छात्र छात्राओं के बीच होने वाली “मेरे सपनों का उत्तराखण्ड: एक विकसित राज्य हेतु मेरा दृष्टिकोण” विषय की निबंध प्रतियोगिता का शुभारंभ हो गया है।आयोजन के दौरान विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस निबंध प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के 140 बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही इन चयनित छात्र- छात्राओं का NEET, JEE, CLAT, SAT जैसी प्रतिष्ठित प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग सहित एवं अन्य आवश्यक शुल्कों का वहन भी राज्य सरकार द्वारा किया जाएगा।इस कार्यक्रम में प्रदेश भर के 2828 सरकारी / गैर सरकारी स्कूलों के 11 एवं 12 वीं के 3 लाख से अधिक छात्र- छात्राओं ने वर्चुअल तरीके से प्रतिभाग किया। मुख्यमंत्री से संवाद के दौरान छात्र-छात्राओं ने खेलों को बढ़ावा देने, सप्ताह में चार दिन खेल पीरियड आयोजित करने, विद्यालयों में मिल रहे विभिन्न अवसरों को और बढ़ाने, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उत्तराखंड को अग्रणी बनाने, राज्य में पर्यटन गतिविधियों को प्रोत्साहित करने तथा विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण को प्राथमिकता देने सहित विभिन्न सुझाव दिए। मुख्यमंत्री ने छात्रों के सुझावों को गंभीरता से लेते हुए स्वयं नोट किया और अधिकारियों को इनके अनुरूप कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्र-छात्राओं द्वारा दिए गए सुझावों को सरकार की नीतियों में भी शामिल किया जाएगा।संवाद के दौरान मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्र-छात्राएं देश का वर्तमान और भविष्य हैं। उन्होंने कहा विद्यार्थियों को अपने सपनों को साकार करने की ओर आगे बढ़ना चाहिए। परीक्षा में नंबरों से ज्यादा विषयों की समझ होना जरूरी है। जीवन में संस्कार और अनुशासन अपनाने से सफलता अवश्य मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा छात्र छात्राओं को पढ़ने के तरीके को बदलने की आवश्यकता है। पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि भविष्य संवारने के रास्ते के तौर पर देखना होगा।मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि छात्र – छात्राओं को अपने जीवन में लीडर बनकर आगे बढ़ना है। लीडर वो होता है जो अपने क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ काम करता है। उन्होंने कहा अपने काम, समाज के प्रति संवेदना, और कार्य के प्रति लगन किसी के नाम को भी अमर बना सकती है। उन्होंने कहा कि जीवन में सफलता स्वयं आगे बढ़ने में नहीं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ाने में है। उन्होंने कहा कि हम सभी को अपनी प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करते हुए समाज और प्रदेश के विकास में योगदान देना चाहिए।मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर प्रयास करने और चुनौतियों से सीख लेकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा हमें अपने जीवन में संकल्प लेना चाहिए और उस संकल्प में कोई विकल्प नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा जब हम बिना विकल्प के संकल्प लेते हैं तो हमें और तेजी से सफलता मिलती है। मुख्यमंत्री ने कहा आज के विद्यार्थी ही भविष्य के उत्तराखंड और देश का नेतृत्व करेंगे।मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तभी करें, जब उसकी वास्तव में आवश्यकता हो। उन्होंने कहा कि AI हमारे लिए उपयोगी और ज्ञानवर्धक है, लेकिन इसके अत्यधिक उपयोग के कुछ दुष्परिणाम भी हो सकते हैं। उन्होंने छात्रों से कहा कि किसी भी विषय पर सबसे पहले अपने विवेक, बुद्धि और सोचने की क्षमता का उपयोग करें तथा गुरुजनों के मार्गदर्शन और अनुभव से सीखें, इसके बाद आवश्यकता पड़ने पर AI की सहायता लें। उन्होंने कहा कि तकनीक हमारी सहयोगी होनी चाहिए, हमारी सोचने और सीखने की क्षमता का विकल्प नहीं।मुख्यमंत्री ने कहा कि पढ़ाई के साथ-साथ खेलों को भी बढ़ावा देना जरूरी है। उत्तराखंड में राष्ट्रीय खेलों के सफल आयोजन के साथ ही खेलों के प्रति युवाओं और समाज में नई जागरूकता पैदा हुई है। अब हमारे छात्र खेलों में भी अपना भविष्य देख रहे हैं और विभिन्न खेल विधाओं में आगे बढ़ने के लिए निरंतर मेहनत कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी उन्नयन योजना भी लागू की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि वे विद्यार्थियों की सोच, उनकी आकांक्षाओं और भविष्य को लेकर उनके मन में चल रहे विचारों से भली-भांति परिचित हैं। उन्होंने कहा कि उनके घर में स्वयं जैन अल्फा और जैन जी हैं, इसलिए वे नई पीढ़ी की सोच, उनकी रुचियों और भविष्य को लेकर उनकी आकांक्षाओं को करीब से समझते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि छात्रों के लिए संवाद का रास्ता हमेशा खुला है। विद्यार्थी अपनी समस्याओं, सुझावों और विचारों को खुलकर साझा कर सकते हैं। सरकार युवाओं की बात सुनने और उनके सुझावों पर विचार करने के लिए हमेशा तत्पर है। उन्होंने कहा कि निरंतर संवाद से ही बेहतर समझ और बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।इस अवसर पर मीडिया सलाहकार समिति के अध्यक्ष प्रो.गोविंद सिंह, सचिव शिक्षा श्रीमती ज्योति यादव, अपर सचिव श्रीमती नमामि बंसल, महानिदेशक शिक्षा आकांक्षा कोंडे, श्री गोविंद राम जायसवाल, राहुल अग्रवाल, रिया अग्रवाल एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
August 10, 202615 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को किया जाए गड्ढामुक्त देहरादून । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को मुख्यमंत्री आवास से प्रदेश के समस्त जिलाधिकारियों के साथ वर्चुअल बैठक कर मानसून की स्थिति, चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा, आपदा प्रबन्धन, जन-जन के द्वार कार्यक्रम, सत्यापन अभियान, गड्ढा मुक्त सड़के जैसे विभिन्न विषयों पर दिशा निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि मानसून के दृष्टिगत सतर्कता बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन तंत्र को पूरी तरह अलर्ट मोड पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी अपने फोन चालू रखें और किसी भी परिस्थिति में संपर्क से बाहर न रहें। किसी भी तरह की अनहोनी से निपटने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं एवं तैयारियां सुनिश्चित की जाएं, ताकि मानसून के दौरान आमजन को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून के दौरान आपदा अथवा अत्यधिक वर्षा के कारण जहां-जहां सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, मार्ग अवरुद्ध या टूटे हैं तथा ड्रेनेज सिस्टम में किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न हुई है, उनका जिलाधिकारी स्तर पर विस्तृत विवरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा ऐसे स्थानों का चिन्हीकरण कर मानसून समाप्त होते ही क्षतिग्रस्त सड़कों, मार्गों एवं ड्रेनेज व्यवस्था के पुनर्निर्माण और मरम्मत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शुरू किया जाए।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होते ही प्रदेशभर की सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान शुरू किया जाए। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिये कि अपने-अपने जिलों में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करते हुए समिति गठित करें और कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मानसून समाप्त होने के बाद 15 अक्टूबर तक किसी भी स्थिति में प्रदेश की सभी सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ कार्यक्रम में मानसून के बाद और तेजी लाई जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों एवं ग्रामों में अभी तक इन शिविरों का आयोजन नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कैंप आयोजित कर अधिक से अधिक लोगों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ पहुंचाया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये शिविर महज औपचारिकता नहीं, बल्कि आमजन की सुविधा और उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान का माध्यम हैं।मुख्यमंत्री ने 1905 मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चल रहे सत्यापन अभियान में भी तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि राशन कार्ड, आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं में अपात्र लोगों का चिन्हीकरण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंच सके। उन्होंने राज्य में स्टेट सेक्टर फिजिकल वेरिफिकेशन में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत राज्यभर में 5 वर्ष की अवधि पूर्ण कर चुकी एवं खराब स्थिति वाली सड़कों को चिन्हित करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी सड़कों की स्थिति का आकलन कर उनके डामरीकरण एवं सुधार के लिए कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही, आवश्यकता के अनुसार इन सड़कों को लोक निर्माण विभाग को हस्तांतरित करने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाए। जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर एवं सुगम सड़क सुविधा सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री घोषणाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर उतारने के निर्देश दिए। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि विकास कार्य समयबद्ध रूप से पूर्ण हो सकें और उनका लाभ आमजन तक पहुंच सके।मुख्यमंत्री ने कांवड़ यात्रा के बाद स्वच्छता अभियान में और तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने नशे के खिलाफ अभियान को प्रभावी बनाते हुए अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री एवं तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करने तथा ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के भी निर्देश दिए।मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को कृषि, बागवानी एवं पशुपालन से जुड़ी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को इनसे जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं का लाभ समयबद्ध एवं प्रभावी तरीके से किसानों, पशुपालकों और ग्रामीणों तक पहुंचाया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ-साथ उत्तराखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री आर.के सुधांशु, वर्चुअल माध्यम से आयुक्त कुमाऊं श्री दीपक रावत, गढ़वाल श्री आनंद स्वरूप, आईजी कुमाऊं निवेदिता कुकरेती, गढ़वाल श्री राजीव स्वरूप, एवं सभी जिलों के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं पुलिस अधीक्षक मौजद रहे।
August 10, 2026नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में पिछले दो हफ्तों सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा देखने को मिला। इस बीच अब सरकार ने एक बार फिर विपक्ष को साफ संदेश दिया है। सरकार ने कहा है कि विपक्ष सदन चलने दे, गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर जवाब देने के लिए तैयार हैं।लोकसभा की बिजनेस एडवाइजरी कमिटी की बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार चर्चा के लिए तैयार है और गृह मंत्री सदन में जवाब देंगे। हालांकि, गृह मंत्री किस दिन और किस समय सदन में जवाब देंगे, अभी इसका फैसला नहीं हुआ है। पिछले दो हफ्तों से संसद में जारी गतिरोध के बीच अब सरकार ने गृह मंत्री अमित शाह के जवाब को लेकर तस्वीर साफ कर दी है। विपक्ष लगातार मांग कर रहा था कि गृह मंत्री सदन में आएं और छात्र आंदोलन को लेकर सरकार का पक्ष रखें। अब सरकार की तरफ से कहा गया है कि गृह मंत्री जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं, लेकिन इसके लिए विपक्ष को सदन चलने देना होगा। हालांकि अभी तक ये तय नहीं हुआ है कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में कब जवाब देंगे। सूत्रों के मुताबिक, सरकार इसी सप्ताह लोकसभा में एफसीआरए संशोधन विधेयक पर चर्चा शुरू कर सकती है। संभावना है कि एफसीआरए बिल पर चर्चा के दौरान ही गृह मंत्री अमित शाह छात्र आंदोलन से जुड़े मुद्दों पर सदन में सरकार का पक्ष रख सकते हैं। पिछले दो हफ्तों से संसद में जारी गतिरोध के बीच अब सरकार ने गेंद विपक्ष के पाले में डाल दी है। अब देखना होगा कि सरकार के इस प्रस्ताव पर विपक्ष का रुख क्या होता है। क्या विपक्ष सदन चलने देगा और गृह मंत्री के जवाब के लिए तैयार होगा, या फिर गतिरोध आगे भी जारी रहेगा।
August 10, 2026देहरादून। मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) के सहायक अभियंता राजेंद्र बहुगुणा की सड़क दुर्घटना में दर्दनाक मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कांवड़ियों के वाहन से टक्कर के बाद यह हादसा हुआ। दुर्घटना की सूचना मिलते ही परिवार और एमडीडीए में शोक की लहर दौड़ गई।राजेंद्र बहुगुणा देहरादून के शास्त्रीनगर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। सड़क हादसे में उनकी मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, एमडीडीए के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी घटना पर गहरा दुख जताया है।प्रारंभिक जानकारी के अनुसार राजेंद्र बहुगुणा सड़क से गुजर रहे थे, इसी दौरान कांवड़ियों के वाहन से उनकी टक्कर हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि वह बुरी तरह घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए ले जाया गया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। हालांकि हादसे के सटीक स्थान, समय और दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। दुर्घटना में शामिल वाहन और हादसे के कारणों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद दुर्घटना की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी।
August 10, 2026यशपाल आर्य को सीएम फेस बनाकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी सत्ता की लड़ाई में कांग्रेस का नया कार्ड, हाईकमान की मुहर का इंतजार कांग्रेस की तराई से पहाड़ तक सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश देहरादून। उत्तराखंड की सियासत में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब तेज होती जा रही है। भाजपा जहां मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता में वापसी की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं कांग्रेस अब ऐसा चेहरा तलाश रही है जो भाजपा के चुनावी नैरेटिव को सीधे चुनौती दे सके। पार्टी के भीतर से निकल रही चर्चाओं और सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस वरिष्ठ नेता यशपाल आर्य को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाकर चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर गंभीरता से विचार कर रही है। अगर यह रणनीति अंतिम रूप लेती है तो उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव माना जाएगा। कांग्रेस पहली बार चुनाव से पहले मुख्यमंत्री चेहरे को स्पष्ट कर भाजपा के सामने सीधी राजनीतिक लड़ाई खड़ी कर सकती है। हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है और अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान को करना है।कांग्रेस की रणनीति का सबसे बड़ा हिस्सा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने एक ऐसा चेहरा खड़ा करना है, जिसके पास लंबा राजनीतिक अनुभव हो और जो प्रदेश के अलग-अलग सामाजिक समीकरणों में स्वीकार्यता रखता हो। यशपाल आर्य उत्तराखंड की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय हैं। वह कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं और प्रदेश सरकार में मंत्री भी रहे हैं। इसके अलावा उनकी राजनीतिक पकड़ कुमाऊं के साथ-साथ तराई क्षेत्र में भी मानी जाती है। कांग्रेस के रणनीतिकारों को लगता है कि आर्य को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर पेश करने से चुनाव का विमर्श केवल धामी बनाम कौन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि सामाजिक प्रतिनिधित्व, क्षेत्रीय संतुलन और सरकार के प्रदर्शन जैसे मुद्दे भी केंद्र में आ सकते हैं।आर्य को आगे करने की चर्चा के पीछे सामाजिक समीकरण भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उत्तराखंड में दलित मतदाता चुनावी गणित में निर्णायक भूमिका निभाते हैं। कांग्रेस अगर आर्य को मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर आगे करती है तो पार्टी इसे सामाजिक प्रतिनिधित्व के बड़े संदेश के रूप में पेश कर सकती है। कांग्रेस के सामने चुनौती यह है कि भाजपा पिछले दो विधानसभा चुनावों से लगातार मजबूत स्थिति में है। ऐसे में केवल सरकार विरोधी माहौल के भरोसे सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है। पार्टी को ऐसा नैरेटिव तैयार करना होगा जो मतदाताओं को यह भरोसा दिला सके कि उसके पास सरकार चलाने का स्पष्ट नेतृत्व और रोडमैप दोनों मौजूद हैं। यहीं पर आर्य का नाम कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण हो जाता है।आर्य को मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करना कांग्रेस के लिए जितना बड़ा राजनीतिक दांव होगा, उतनी ही बड़ी चुनौती पार्टी के भीतर पैदा हो सकती है। उत्तराखंड कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद के कई दावेदार माने जाते हैं। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता, विधायक और संगठन के कई प्रभावशाली चेहरे लंबे समय से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय हैं। ऐसे में किसी एक चेहरे को चुनाव से पहले मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने के बाद बाकी नेताओं को साथ लेकर चलना कांग्रेस नेतृत्व के लिए सबसे बड़ी परीक्षा होगी। कांग्रेस अगर आर्य के नाम पर आगे बढ़ती है तो उसे यह भी सुनिश्चित करना होगा कि पार्टी का चुनावी अभियान किसी एक नेता की महत्वाकांक्षा के बजाय सामूहिक नेतृत्व के संदेश के साथ आगे बढ़े।भाजपा की रणनीति फिलहाल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व और सरकार की उपलब्धियों को केंद्र में रखकर आगे बढ़ने की है। पार्टी संगठन बूथ स्तर तक अपनी तैयारियां तेज कर चुका है। ऐसे में कांग्रेस अगर आर्य को सामने रखती है तो मुकाबला सीधे दो राजनीतिक चेहरों के बीच दिखाई देने लगेगा। धामी की सबसे बड़ी ताकत उनकी युवा छवि और भाजपा संगठन का मजबूत नेटवर्क है। वहीं आर्य के पक्ष में लंबा प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव तथा विभिन्न सामाजिक समूहों में उनकी पहचान को रखा जा सकता है। यानी कांग्रेस की रणनीति सफल हुई तो 2027 का चुनाव केवल भाजपा बनाम कांग्रेस नहीं, बल्कि धामी बनाम आर्य की राजनीतिक लड़ाई के रूप में भी पेश हो सकता है।यशपाल आर्य को आगे करने का एक और राजनीतिक संदेश क्षेत्रीय संतुलन से जुड़ा है। उत्तराखंड की राजनीति में कुमाऊं और गढ़वाल के बीच नेतृत्व के संतुलन का सवाल हमेशा महत्वपूर्ण रहा है। आर्य के चेहरे के साथ कांग्रेस तराई और कुमाऊं के मतदाताओं को साधने की कोशिश कर सकती है। साथ ही पहाड़ में पार्टी के पुराने जनाधार को वापस खड़ा करने के लिए अलग रणनीति अपनाई जा सकती है। कांग्रेस के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उत्तराखंड में सत्ता परिवर्तन की परंपरा को वह अपने पक्ष में भुनाने की कोशिश करेगी। पार्टी का संदेश हो सकता है कि भाजपा को लगातार दो कार्यकाल देने के बाद अब मतदाता बदलाव की ओर देख रहे हैं।फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कांग्रेस हाईकमान वास्तव में यशपाल आर्य को मुख्यमंत्री चेहरे के रूप में घोषित करेगा? सूत्रों की चर्चा को अगर राजनीतिक संकेत मानें तो कांग्रेस नेतृत्व उत्तराखंड के चुनाव को इस बार अधिक स्पष्ट नेतृत्व के साथ लड़ने की तैयारी में है। लेकिन पार्टी के भीतर की खींचतान और टिकट वितरण से लेकर नेतृत्व के सवाल तक कई ऐसे मोर्चे हैं, जिन पर अंतिम फैसला आसान नहीं होगा। कांग्रेस यदि आर्य को आगे करती है तो यह केवल एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाना नहीं होगा। यह उत्तराखंड की जातीय, क्षेत्रीय और राजनीतिक गणित को नए सिरे से व्यवस्थित करने की कोशिश होगी।आखिरकार चुनाव केवल चेहरों से नहीं जीते जाते। बेरोजगारी, पलायन, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, आपदा, महंगाई, भ्रष्टाचार, चारधाम यात्रा और पहाड़ की बुनियादी जरूरतें भी मतदाता के सामने होंगी। भाजपा अपने विकास माडल और धामी सरकार के कामकाज को लेकर मैदान में उतरेगी। कांग्रेस को जवाब में केवल चेहरे की राजनीति नहीं, बल्कि एक स्पष्ट वैकल्पिक एजेंडा भी देना होगा। अगर कांग्रेस आर्य को सामने रखती है तो उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती यही होगी कि चेहरा आकर्षण बने, बोझ नहीं। फिलहाल यशपाल आर्य का नाम कांग्रेस की संभावित […]
August 10, 2026देहरादूून। सड़क दुर्घटना में देर रात एक टै्रक्टर की चपेट में आकर एक छात्रा की मौत हो गयी। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अग्रिम कार्यवाही शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार बीती रात एक सड़क हादसे में बीटेक प्रथम वर्ष की 18 वर्षीय छात्रा की मौत हो गई। क्लेमेंटटाउन थाना क्षेत्र के चार खंबा चौक के पास पैदल जा रही छात्रा को पीछे से आए मिक्सर ट्रैक्टर ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि छात्रा ट्रैक्टर के नीचे आ गई और गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही क्लेमेंटटाउन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल छात्रा को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि, डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मिक्सर ट्रैक्टर और उसके चालक को हिरासत में लेकर हादसे की जांच शुरू कर दी है।पुलिस के अनुसार बीती रात करीब 8ः45 बजे चार खंबा चौक के पास सड़क हादसे की सूचना मिली थी। बताया गया कि एक युवती मिक्सर ट्रैक्टर की चपेट में आने के बाद उसके नीचे आ गई है। सूचना मिलते ही थाना क्लेमेंटटाउन की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवती को बाहर निकाला और एंबुलेंस के जरिए वेलमेड अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने युवती को मृत घोषित कर दिया। हादसे में जान गंवाने वाली छात्रा की पहचान वैष्णवी रावत ,उम्र 18 वर्ष के रूप में हुई है। वह मूल रूप से दिल्ली की रहने वाली थी।वैष्णवी देहरादून स्थित ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में बीटेक प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पढ़ाई के लिए वह देहरादून में रह रही थी। पुलिस के अनुसार, हादसे के समय वैष्णवी अपनी बड़ी बहन कृतिका रावत के साथ थी। दोनों बहनें चार खंबा चौक से पैदल अपने कमरे की ओर जा रही थीं। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आए मिक्सर ट्रैक्टर ने वैष्णवी को टक्कर मार दी।टक्कर लगने के बाद वह सड़क पर गिर गई और ट्रैक्टर के नीचे आ गई। हादसे के बाद मौके पर चीख—पुकार मच गई और आसपास मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने हादसे में शामिल मिक्सर ट्रैक्टर को कब्जे में लेने के साथ ही चालक को हिरासत में लिया है। साथ ही मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मामले में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।