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राजधानी गैरसैंण के मुद्दे पर जस्टिस राकेश ने नेताओं को लताड़ा

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  • जनता को बेवकूफ समझ रहे है नेता
  • सारा विकास देहरादून तक सिमटा

देहरादून। राज्य गठन से भी पहले उत्तराखंड की राजधानी गैरसैंण में बनाने का जो सपना राज्य के लोगों ने संजोया था वह आज तक भी पूरा क्यों नहीं हो सका? इस सवाल पर राज्य हाईकोर्ट के जज राकेश थपलियाल ने अपनी बेहद तल्ख टिप्पणी के जरिए सूबे के नेताओं को आइना दिखाया गया है। उनका साफ कहना है कि अगर सूबे की राजधानी गैरसैंण बनाई गई होती तो आज राज्य की तस्वीर कुछ अलग ही होती।
जस्टिस राकेश थपलियाल का कहना है कि नेताओं द्वारा 25 सालों से राज्य की जनता को बेवकूफ बनाया जा रहा है। इन नेताओं ने राज्य के लोगों को बेवकूफ समझा हुआ है अब यह नेता कह रहे हैं कि 2027 में हमें चुनाव जिताईए हम गैरसैंण को राजधानी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर गैरसंैण को शुरू में ही राजधानी बनाया गया होता तो आज हर गांव में अस्पताल होता और स्कूल तथा बिजली—पानी होता। राज्य की तस्वीर ही अलग होती।
वह कहते हैं कि राज्य के लोगों को इसके खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए और मानसून सत्र के आयोजन का विरोध करना चाहिए। उनका कहना है कि गैरसैंण में 8000 करोड़ का इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार है। इन नेताओं को सिर्फ एक सूटकेस उठाकर जाना है लेकिन वह ढांचागत सुविधाओं के अभाव की बात कहकर वहां जाने तक से कतराते हैं। उनका कहना है कि आज प्रदेश का विकास सिर्फ देहरादून तक सीमित होकर रह गया है। वह राज्य के नेताओं को लताड़ते हुए कहते हैं कि जनता को इनके खिलाफ सड़कों पर उतरना चाहिए। वही नेताओं को कहते हैं कि जनता को वह बेवकूफ बनाना बंद करें। जस्टिस राकेश थपलियाल के इस तल्ख बयान के बाद अब राजधानी गैरसैंण का मुद्दा फिर चर्चाओं के केंद्र में आ गया है।

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