- नाबालिक से रेप को लेकर बवाल जारी
- बाजार बंद, कमिश्नरी का घेराव
- नैनीताल में घटना को लेकर भारी तनाव
नैनीताल। नैनीताल के मल्ली ताल में 12 वर्षीय नाबालिक लड़की से रेप की घटना के बाद स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों में भारी आक्रोश है। बीती रात से सैकड़ो की संख्या में लोग सड़कों पर हैं दुकानों में तोड़फोड़ तथा एक धार्मिक स्थल पर पथराव की घटना के बाद मामले को शांत कराने में जुटी पुलिस ने भले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया हो लेकिन लोगों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। वह आरोपी को फांसी की मांग को लेकर अभी भी सड़कों पर डटे हैं।
बीते कल प्रकाश में आए इस सनसनीखेज मामले को लेकर आज नैनीताल के तल्लीताल और मल्लीताल के बाजार व्यापार मंडल के आह्वान पर पूरी तरह से बंद रहे। लोगों ने पहले कोतवाली जाकर जबरदस्त प्रदर्शन किया तथा उसके बाद कमिश्नरी का घेराव कर नारेबाजी की। खास बात यह है कि इस प्रदर्शन में अब स्थानीय महिलाएं भी शामिल हो चुकी हैं। जिनका कहना है कि यह हमारे बच्चों की सुरक्षा का मामला है। लोगों ने पहले बाहरी गैर हिंदुओं को अपनी जमीने बेची और अब वह लोग हमारी बच्चियों का रेप कर रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि आरोपी को फांसी की सजा मिले तथा उसके घर मकान पर बुलडोजर चलाया जाए।
उधर आज हिंदू संगठनों ने हिंदुओं से नैनीताल चलो की अपील की गई थी। कि वह आए और इस लड़ाई में उनका साथ दें। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और बाहर से आने वालों को रोकने के लिए काठगोदाम में बैरिकेडिंग लगाकर वाहनों की चेकिंग की जा रही है तथा उनकी आईडी चेक करने के बाद ही आगे जाने दिया जा रहा है। जिससे काठगोदाम में जाम की स्थिति बनी हुई है। पुलिस द्वारा इस मामले में आरोपी 76 वर्षीय उस्मान को गिरफ्तार कर लिया गया है तथा पीड़ित बच्ची का डीडी पांडे अस्पताल में मेडिकल कराया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी के खिलाफ कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारी लोगों से अपील कर रहे हैं कि वह शांति व्यवस्था को भंग न करें इस मामले में कड़ी कार्रवाई होगी लेकिन लोगों का हंगामा जारी है। लोगों का कहना है कि घटना का आरोपी नैनीताल में बिना पुलिस सत्यापन के रह रहा था, जो एक विशेष समुदाय से संबंध रखता है। यह घटना न केवल स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करती है, बल्कि क्षेत्र में बाहरी प्रभावों के बढ़ते खतरे की भी ओर संकेत करती है। उन्होंने नैनीताल क्षेत्र में रह रहे सभी बाहरी लोगों का सत्यापन करने और अभियान चलाने की मांग की है। साथ ही कहा कि यदि जिले में कोई रोहिंग्या, बांग्लादेशी अथवा पाकिस्तानी मूल का व्यक्ति अवैध रूप से निवासरत हैं, तो उनकी पहचान कर तत्काल देश से बाहर भेजने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाए, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थानीय व्यवस्था दोनों सुदृढ़ रह सकें।




