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दायित्वों का पिटारा फिर खुला

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  • सरकार ने सात और लोगों को दायित्व बांटे दायित्व
  • सूची में 80 के करीब पहुंचा आंकड़ा
  • आयोगों, बोर्डों व परिषदों में जिम्मेदारियां दी

देहरादून। चुनावी साल में भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को खुश करने में लगी है और इसके लिए उत्तराखंड में कार्यकर्ताओं को सरकार में दायित्व बांटे जा रहे हैं। अभी तक धामी सरकार ने लगभग 80 भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारियां दी हैं। धामी सरकार ने प्रदेश में दायित्वधारियों की दूसरी सूची भी जारी की है। सरकार ने सात और लोगों को दायित्व बांटे हैं। वही, इससे पहले शुक्रवार को ही विभिन्न आयोगों, परिषदों और समितियों में 14 लोगों को नियुक्त कर कर दायित्व बांटे गए थे।
बता दें कि कैबिनेट विस्तार के बाद सरकार और संगठन से जुड़े नेताओं और कार्यकर्ताओं को समायोजित करने के लिए दायित्वों का वितरण किया जा रहा है। चुनावी साल में संगठन की रणनीति है कि आमजन के बीच जाने के लिए लंबी फोज तैयार की जाए। इसके लिए धामी सरकार ने दायित्वों का पिटारा खोल दिया है। नई सूची के अनुसार राजपाल कश्यप, रुचि गिरी, राव खाले खां, प्रेमलता, दीप प्रकाश नेवलिया, योगेश रजवार और मनोज गौतम को सरकार ने दायित्व बांटे है।
राजनैतिक विशेषज्ञों की माने तो प्रदेश में यह अनुमान लगाया जा रहा है कि अब तक करीब 80 के आसपास नेताओं को विभिन्न आयोगों, बोर्डों और परिषदों में जिम्मेदारियां दी जा चुकी हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में दायित्वों की सूची और लंबी हो सकती है। चुनावी साल में सरकारों द्वारा इस प्रकार के प्रयोग किए जाते रहे हैं।

इन्हें मिली जिम्मेदारी
राव खाले खां – सदस्य, किसान आयोग
योगेश रजवार – सदस्य, बाल संरक्षक आयोग
दीप प्रकाश नेवलिया – सदस्य, समाज कल्याण अनुश्रवण समिति
मनोज गौतम दृ सदस्य, अनुसूचित जाति आयोग
प्रेमलता दृ सदस्य, महिला आयोग
रूचि गिरी दृ सदस्य, अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग
राजपाल कश्यप दृ सदस्य, अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण परिषद

तिवारी सरकार ने बांटे थे 200 से अधिक दायित्व
राज्य गठन के बाद पहली निर्वाचित सरकार ने कार्यकर्ताओं को खुश करने के लिए दायित्व बांटने की प्रथा शुरू की थी। यह उस समय चर्चा का विषय बन गया था। उसके बाद से लगातार जिसकी सरकार रही उसने पार्टी कार्यकर्ताओं को जमकर मलाई खिलाई है। नारायण दत्त तिवारी के नेतृत्व वाली सरकार ने 200 से अधिक नेताओं को विभिन्न पदों पर दायित्व दिया था। उस समय प्रदेश से लेकर राष्ट्रीय मीडिया में यह खबर जमकर ट्रोल हुई थी।

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