संपादकीय

राजनीति! मतलब भ्रम और झूठ

आज कल देश की राजनीति में दो शब्दों की गूंज सबसे ज्यादा सुनाई दे रही है, भ्रम और झूठ। संसद से लेकर सड़कों तथा...

अभी बड़ा बदलाव शेष

भाजपा और संघ ने स्वप्न में भी उस तरह के चुनावी नतीजो की कल्पना नहीं की होगी जैसे 18वीं लोकसभा चुनाव के नतीजे रहे।...

संविधान व आपातकाल में फंसा देश

साल 2024 के आम चुनाव ने संविधान को राजनीतिक चर्चाओं में लाकर खड़ा कर दिया है। विपक्ष द्वारा अपने चुनाव को संविधान और लोकतंत्र...

अग्निवीर पर फंसी सरकार

बीते 10 सालों में मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा ट्टन खाता न बही जो सरकार कहे वही सही, की नीतियों पर चलते हुए...

महंगाई की मार, गरीबों का जीना मुहाल

भले ही सरकारी आंकड़ों में खाघ महंगाई दर नियंत्रण में दिखाई जा रही हो और वह आरबीआई द्वारा तय सीमा से नीचे 5 फीसदी...

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