नई दिल्ली। अमेरिका- इसराइल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी टीवी के प्रेजेंटर ने रोते हुए ख़ामेनेई की मौत की घोषणा की और बताया देश में 40 दिनों का शोक रहेगा। शनिवार को अमेरिका और इसराइल ने ईरान के कई शहरों पर हमले किए थे और रविवार तड़के अमेरिकी राष्ट्रपति ने टूथ सोशल पर ख़ामेनेई की मौत को लेकर दावा किया था। ट्रंप ने टूथ सोशल पर लिखा, “इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक ख़ामेनेई अब मर चुके हैं।”
सरकारी टीवी चैनलों पर प्रेजेंटर्स के पढ़े गए बयानों से ये पता चला है कि ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने बताया है कि आयतुल्लाह अली ख़ामेनेई की शनिवार तड़के उनके दफ़्तर में मौत हुई, जब वह “अपने कामकाज में व्यस्त थे।”
ईरान की इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कोर(आईआरजीसी) से जुड़ी तसनीम न्यूज़ एजेंसी ने कहा है कि ख़ामेनेई की अपने दफ़्तर में हुई मौत इस बात का सबूत है कि उनके कहीं छिप जाने की ख़बरें “दुश्मनों का मनोवैज्ञानिक युद्ध” थीं। वहीं अब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर का एक बयान सामने आया है जिसमें उसने चेतावनी दी है कि वो अमेरिकी अड्डों और इसराइल पर हमला करेगा। इस बयान में कहा गया है, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान की आर्ड फ़ोर्स के इतिहास का सबसे ख़तरनाक हमला कुछ ही पलों में कब्ज़े वाले इलाक़ों और अमेरिकी आतंकवादी अड्डों की ओर शुरू होगा।”




