नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली के द्वारका में यमुना पुनरुद्धार से जुड़ी 8,941 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने पूर्ववर्ती आम आदमी पार्टी और कांग्रेस सरकारों पर निशाना साधा। अमित शाह ने कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां सिर्फ बहाने की राजनीति करती हैं। उन्होंने कहा, “इससे पहले दिल्ली में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस की सरकार थी। वो बहाने बनाते थे कि हमें यह मदद नहीं मिली, वह मदद नहीं मिली। केजरीवाल जी मेरे पास आपकी हर बात का जवाब है मगर मैं जवाब तब दूंगा, जब पंजाब में भी आपकी सरकार को हम उखाड़कर फेंक देंगे।” उन्होंने कहा कि वह मंगलवार को पंजाब गए थे और वहां आप सरकार के नेतृत्व में नशे का व्यापार जिस तरह पला-बढ़ा है, उसे देखा। पंजाब की जनता ने तय कर लिया है कि इस बार वहां एनडीए की सरकार बनने वाली है। अमित शाह ने कहा, “केजरीवाल जी आप याद रखना कि बहाने की राजनीति लंबी नहीं चलती बल्कि परिणाम लाने पड़ते हैं। दिल्ली से हार गए, पंजाब में डेरा जमाकर वहां के मुख्यमंत्री को काम भी नहीं करने देते हो, वहां का काम बिगाड़ रहे हो।” उन्होंने कहा, “आप मेरी बात ध्यान से सुन लो, अगले चुनाव में आप पार्टी का वहां सूपड़ा साफ होने वाला है और हम 2029 तक पंजाब में नशे के काले कारोबार को समाप्त कर देंगे।”
यमुना की सफाई को लेकर अमित शाह ने बड़ा वादा किया। उन्होंने कहा कि 2029 से पहले हम यमुना के पानी को शुद्ध करके आपके पास आएंगे। केजरीवाल पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, “केजरीवाल जी आपने 3 बार यमुना में डुबकी लगाने का झूठा वादा किया। आपने तो डुबकी नहीं लगाई लेकिन आपके कटआउट को डुबकी लगवाई तो वो भी बीमार हो गया और एम्स में भर्ती करना पड़ा।”
उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने आंदोलन के नाम पर सत्ता हथियाई और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं किया। कूड़े के पहाड़ों को लेकर उन्होंने कहा कि पिछली सरकार सिर्फ राजनीति करती रही जबकि भाजपा ने कूड़े के पहाड़ों को नीचे लाने का काम किया है। गृह मंत्री ने कहा, मैं आज यह कहकर जाता हूं कि 2 साल बाद आपको वहां बगीचा दिखाई देगा।” उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की सरकार ने मोदी सरकार की मदद से 2.17 करोड़ मीट्रिक टन कचरा साफ कर दिया है और 100 एकड़ जमीन को कचरे के पहाड़ से मुक्त कराया है। उन्होंने कहा, “केजरीवाल जी इसको प्रशासन कहते हैं और बहाने बनाने से कोई काम नहीं होता।





