जम्मू। श्रीनगर साइबर पुलिस ने पीडीपी लीडर इल्तिजा मुफ्ती और दूसरों के खिलाफ अलगाववादियों से जुड़े सोशल मीडिया कंटेंट को कथित तौर पर सर्कुलेट करने के लिए एक एफआईआर दर्ज की है, जिसमें दिवंगत अलगाववादी नेता सैयद अली शाह गिलानी का एक वीडियो भी शामिल है। यह मामला अलगाववादी विचारधारा और गलत जानकारी को बढ़ावा देने वाले वीडियो से जुड़ा है, जिसका मकसद भारत की संप्रभुता, शांति और अखंडता को नुकसान पहुंचाना है।
एक पुलिस सोर्स ने बताया कि एफआईआर उन लोगों को टारगेट करती है जो डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए गैर—कानूनी गतिविधियों, लोगों में अशांति फैलाने और देश की एकता को कमजोर करने वाला कंटेंट शेयर करते हैं। शुरुआती जांच से पता चलता है कि जानबूझकर बांटने वाली सोच फैलाने की कोशिश की गई थी, जिसमें भारतीय न्याय संहिता (ठछै) की धारा 152, 196(1), और 353(1)(इ), (ब), (2) के तहत आरोप लगाए गए हैं, जो संप्रभुता को खतरे में डालने और देशद्रोह जैसी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले कामों को कवर करते हैं। इसे फैलाने के इरादे और पहुंच का पता लगाने के लिए श्रीनगर के साइबर पुलिस स्टेशन में जांच चल रही है।
यह कार्रवाई इल्तिजा मुफ्ती के एक्स पोस्ट के बाद हुई, जिसमें उन्होंने गिलानी का एक पुराना वीडियो शेयर किया था, जिसमें उन्होंने उनकी विचारधारा से असहमति जताई थी, लेकिन हाल के भाषा विवाद के विरोध प्रदर्शनों के बीच उर्दू के महत्व पर उनके विचारों को हाईलाइट किया था। पुलिस इसे एक बैन संगठन के अलगाववादी का महिमामंडन मान रही है। ऑनलाइन सामग्री को बढ़ावा देने के लिए अज्ञात लोगों का भी नाम लिया गया है। अधिकारियों ने जनता से सोशल मीडिया पर इस तरह की गैर—कानूनी सामग्री बनाने या शेयर करने से बचने की अपील की है, और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।




