- मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में हो रही हैं भारी अनियमितताएं : डा. हरक सिंह
देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस के चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि उत्तराखंड के इतिहास का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में हो रहा है। अगर मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए ताकि सच्चाई जनता के सामने आ सके।
पत्रकारों से बातचीत में डा.रावत ने सूचना के अधिकार के तहत मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के प्राप्त दस्तावेजों को प्रस्तुत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष में भारी अनियमितता हुई है। दस्तावेजों के अनुसार केवल उधम सिंह नगर और चंपावत जिलों के आंकड़े ही यह दिखाने के लिए पर्याप्त हैं कि इस कोष की किस प्रकार बंदरबांट की जा रही है। उन्होंने बताया कि सूचना के अधिकार में उधम सिंह नगर और चम्पावत जनपद से सूचनाएं मागी गई कि किन-किन लाभार्थियों को मुख्यमंत्री विवेकाधिन कोष का लाभ मिला है। पहले तो सूचनाएं देने में विलंब किया गया फिर आधी अधूरी सूचनाएं दी गई, लेकिन जो सूचनाए प्राप्त हुईई वह बहुत चौकाने वाली व लंबी सूची है।
उन्होंने बताया कि उधमसिह नगर और चम्पावत जनपद मुख्यमंत्री से संबंधित जनपद है, क्योकि खटीमा से वह पहले विधायक रहे है और चम्पावत से वर्तमान में विधायक है और दोनो ही जनपदों में भाजपा से जुडे हुए पदाधिकारियों और उनके परिजनों को प्रतिवर्ष मुख्यमंत्री विवेकाधीनकोष से लाभ दिया जा रहा है जो जनता के धन का दुरुप्रयोग है।
उन्होंने सीएम विवेकाधीन कोष के लाभार्थियों के नाम भी गिनाये, जिसमें सुबोध मजुमदार, भारत सिह, गोदावरी, कान्ता रानी, भरत बांगा, कामील खान, गजेन्द्र सिह बिष्ट, पूरन सिह, संतोष कुमार अग्रवाल,ं मुकेश शर्मा, शान्ता बडोला, राजेन्द्र प्रसाद आदि को 05 लाख रुपए और हयात सिह मेहरा जो भाजपा कापरेटिव से संबंधित है, को 04 लाख रुपए की सहायता दी गईई है। इसके अतिरिक्त तारा देवी, जसवीर चौधरी, निकिता खडायत, कुसुम देवी, हेम लता जैसे लाभार्थियों को भी 04 लाख, 03 लाख, 02 लाख जैसी बडी रकम दी गई। चम्पावत में बिना नाम के व्यक्ति को 2023-24 में 03 लाख और एक जगह चम्पावत में ही अध्यक्ष नाम से 02 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी गई है। उन्होंने कहा कि यह तो मात्र चंद उदाहरण रखे गए है, पूरी सूची चौकाने वाली है। इससे साबित होता है कि उत्तराखंड के इतिहास का यह सबसे बड़ा भ्रष्टाचार है।
कांग्रेस का ट्रैक रिकार्ड जगजाहिर
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष को लेकर कांग्रेस का ट्रैक रिकार्ड जगजाहिर है और उसे दो कार्यकाल मे जनता ने इसी वजह से सबक सिखाया था। कांग्रेस को पुराने कार्यकाल को याद करने की जरूरत है। चौहान ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि पहली निर्वाचित कांग्रेस सरकार मे राज्य से बाहर दूसरे प्रदेश मे भी राहत कोष बंटा और जमकर सरकारी धन की बंदरबांट हुई। यही कारण रहा कि आखिकार जनता ने कांग्रेस को विदा कर दिया। उन्होंने कहा कि 2012 मे कांग्रेस सरकार आई तो सिलसिला नहीं रुका। सीएम के अलावा तत्कालीन विस अध्यक्ष ने अपनी विस क्षेत्र में करोड़ो रुपये अपने चहेतों को बांट दिये। लेकिन तब जनता ने ऐसा सबक कांग्रेस को सिखाया कि वह अस्तित्व की तलाश मे जूझ रही है। अब भाजपा को विवेकाधीन कोष के मामले मे कांग्रेस मिथ्या आरोपों के जरिये घेरने की कोशिश कर रही है।




