Home संपादकीय सरकारी योजनाओं से भी धन उगाही

सरकारी योजनाओं से भी धन उगाही

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पीएमओ को सेवा तीर्थ का नाम देने वाली केंद्र सरकार और पीएम मोदी और उनके सांसद तथा मंत्री भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा के जिस तरह से उदाहरण पेश कर रहे हैं उन पर होने वाले नित नए खुलासे भले ही उनके लिए शर्मिंदगी की बात हो न हो लेकिन देशवासियों को शर्मिंदा जरूर कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संसद की सीढ़ियों पर दंडवत लेट कर प्रणाम करते देखने वाले लोगों को आज इस बात पर हैरानी हो रही होगी कि क्या यह वही नेता है जिन्होंने दावा किया था कि न खाऊंगा न खाने दूंगा न सोऊंगा न सोने दूंगा। भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करने वाले इन नेताओं ने इस देश को जिस तरह दोनों हाथों से लूटा है उसके कई खुलासे अब तक सामने आ चुके हैं जिसमें कोरोना काल में पीएमओ यानी की सेवा तीर्थ के पते पर खोले गए पीएम केयर फंड के जरिये चंदे के तौर पर बटोरे गए करोड़ों के दान का कोई हिसाब न ले सकता है और न दिया जाएगा कितना पैसा डकार लिया गया कुछ अता—पता नहीं है। इसका खुलासा तब हुआ जब लोगों को पता चला कि पीएमओ के पते पर कोरोना पीड़ितों की मदद के लिए समेटे गए इस धन का सरकार से कोई मतलब नहीं है। इस फंड में बड़ी—बड़ी हस्तियों द्वारा करोड़ों का दान दिया गया था। सरकार द्वारा पार्टी फंड जुटाने के लिए लाये गए चुनावी बांड कानून जिसके जरिए भाजपा ने देश के तमाम औघोगिक घरानों और व्यवसाईयों से लाखों करोड़ रुपये जुटाए गए उसे असवैधानिक ठहरा कर निरस्त करने वाले देश के सुप्रीम कोर्ट ने इस लूट को बंद तो करा दिया लेकिन तब तक भाजपा का खजाना इतना संवर्ध हो चुका था कि उसे कोई अब हरा नहीं सकता है। इन तमाम लूट और भ्रष्टाचार की घटनाओं और उदाहरण के बाद जो एक नया लूट का मामला प्रकाश में आया है वह और भी अधिक हैरान करने वाला है जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और प्रधानमंत्री मोदी सीधे तौर पर शामिल है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से लेकर स्वच्छ भारत और किसान सेवा जैसी पांच सरकारी योजनाओं को लेकर पैसे की उगाही की गई। इन योजनाओं में पैसा दान करने वाले यही समझते रहे कि वह राष्ट्र और समाज कल्याण के लिए दान कर रहे हैं और उनके पैसे का उपयोग अच्छे कामों के लिए किया जा रहा है लेकिन अब आरटीआई में मिली सूचनाओं से पता चल रहा है कि यह पैसा तो भाजपा के पार्टी फंड में जा रहा था। नरेंद्र मोदी.इन पर लिंक कर लिया गया यह चंदा कितना लिया गया है इसका अभी पूरा ब्यौरा सामने नहीं आया है लेकिन जेपी नड्डा और पीएम मोदी ने पहले इस फंड में एक—एक हजार रुपए डालकर इसकी शुरुआत की। यह एक ऐसा अपराधिक मामला है। चेन्नई के एक टीवी चैनल के पत्रकार अरविंद ने इसकी पूरी जानकारी आरटीआई के माध्यम से जुटाई है। सरकारी योजनाओं के नाम पर पार्टी फंड के लिए धन उगाही का यह धंधा एक गंभीर आर्थिक अपराध ही नहीं बीजेपी की उस विचारधारा का घोतक है कि वह करती क्या है? और दिखावा क्या करती है। बीते कुछ समय में भाजपा और उसके तमाम शीर्ष नेताओं के कारनामों को लेकर पूरा सोशल मीडिया भरा पड़ा है। बात चाहे संसदीय कार्रवाई की हो या फिर सत्ता की तानाशाही और कार्य प्रणाली की जैसे परत दर परत सच्चाई लोगों के सामने आती जा रही है भाजपा के खिलाफ लोगों का गुस्सा भी बढ़ता जा रहा है इस बात को अब भाजपा के नेता भी महसूस करने लगे हैं कि जिस दिन सत्ता से बेदखल हो गए उसके बाद उनका क्या होगा यही कारण है कि वह हर कीमत पर सत्ता में बने रहने के लिए सभी सीमाएं लांघते जा रहे हैं लेकिन न तो उनकी यह सोच सही है और न रास्ता सही है।

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