- कल आ सकता है सुप्रीम कोर्ट का फैसला
- मुख्यमंत्री बोले सभी तैयारी कर ली हैं
- कानून व्यवस्था बनाए रखना जरूरी है
देहरादून। उत्तराखंड के बहुचर्चित बनभूलपूरा दंगा कांड पर चल रही सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही पूरी हो चुकी है कल इस मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना सकता है। जिसके मद्देनजर शासन प्रशासन चौकन्ना है।
उल्लेखनीय है कि विगत वर्ष हल्द्वानी के भूलपुरा में रेलवे की जमीन से हाई कोर्ट के आदेश पर की जाने वाली अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही के दौरान व्यापक स्तर पर हिंसा और आगजनी की घटनाएं हुई थी। जिसमें दंगाइयों ने पुलिस थाने—चौकी तक को फूंक डाला था और कई लोगों की मौत भी हो गई थी। पुलिस द्वारा इस मामले में सैकड़ो लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी जिसकी सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में चल रही है।
रेलवे के 29 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जे का यह मामला अति गंभीर इसलिए भी बन गया था क्योंकि इस जमीन पर जिसका क्षेत्रफल 29 एकड़ है। यहां न सिर्फ 4365 भवनाें का निर्माण किया जा चुका है। अपितु इस पर स्कूल—मदरसे और कई धार्मिक स्थलों का भी निर्माण किया जा चुका है। इतने बड़े भूभाग पर यह अतिक्रमण रातों—रात नहीं हुआ है। यहां रहने वाले लोगों के पास राशन कार्डों से लेकर आधार कार्ड, बिजली पानी के बिलों सहित तमाम ऐसे दस्तावेज है जो इस बात का सबूत है कि वह लंबे अरसे से यहां रह रहे हैं। जिनके आधार पर ही वह कई बार अदालत से राहत पा चुके हैं।
रेलवे की इस जमीन पर किए गए अतिक्रमण पर सुप्रीम कोर्ट द्वारा कल क्या फैसला सुनाया जाता है यह तो फैसले के बाद ही पता चल सकेगा लेकिन फैसले के बाद कानून व्यवस्था की कोई समस्या न खड़ी हो इसे लेकर शासन प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। जिलाधिकारी व एसएसपी द्वारा स्थानीय लोगों के साथ वार्ता तो की ही गई है साथ ही पुलिस फोर्स की तैनाती से लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम भी किए गए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि बनभूलपुरा का मामला अदालत में है। कानून व्यवस्था चाक चौबंद है। उनका कहना है कि बनभूलपुरा रेलवे के मुख्य पड़ाव के मद्देनजर ही नहीं पहाड़ और मैदान का मुख्य केंद्र बिंदु है। उनका कहना है कि न्यायपालिका का आदेश सबको मान्य होना ही चाहिए उन्होंने साथ ही कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अभी से तैयारी कर ली गई है।




