नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस 2025 के मौके पर लाल क़िले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका और वहां की नीतियों को लेकर कड़ा संदेश दिया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने विशेष तौर पर अमेरिकी टैरिफ नीतियों और उससे जुड़े प्रभावों का जिक्र करते हुए पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट कहा, भारत के किसान, मछुआरे और पशुपालकों से जुड़ी किसी भी अहितकारी नीति के आगे मोदी दीवार बनकर खड़ा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों से जुड़े किसी भी मुद्दे पर समझौता स्वीकार नहीं करेगा। मोदी के इस बयान को अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के कृषि और ग्रामीण हितों की रक्षा के प्रति उनके अडिग रुख के तौर पर देखा जा रहा है।
पीएम नरेंद्र मोदी के इस भाषण को अमेरिका को एक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने हाल ही में भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया। अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र में अपनी पहुंच बनाने की कोशिश के तहत ट्रेड डील पर आगे बढ़ना चाहता था। हालांकि, भारत ने इस डील से स्पष्ट तौर पर इनकार कर दिया। इससे बौखलाए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने की घोषणा कर दी। अमेरिका की इस टैरिफ धमकी के बावजूद भारत अभी भी अपने फैसले पर अडिग है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल क़िले से अपने संबोधन में कहा कि, देश के किसानों का सामर्थ्य पहले से कहीं ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने बताया कि पिछले साल हमारे किसानों ने अनाज उत्पादन में सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए। आज भारत दूध और दाल उत्पादन में दुनिया में नंबर वन है, जबकि मछली उत्पादन में दूसरा स्थान हासिल कर चुका है। इसी तरह, चावल, गेहूं, फल और सब्ज़ियों के उत्पादन में भी भारत दुनिया में दूसरे नंबर पर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत की अर्थव्यवस्था की तारीफ़ कर रही है। महंगाई नियंत्रण में है, विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत है और ग्लोबल रेटिंग एजेंसियां लगातार भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना कर रही हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था पर दुनिया का भरोसा लगातार बढ़ रहा है, और हमारी सरकार यह सुनिश्चित करने में लगी है कि इस विकास का लाभ गरीबों, किसानों, महिलाओं और मध्यमवर्ग तक पहुंचे। पीएम मोदी ने कहा कि देश में नए-नए सेक्टर में रोजगार और निवेश के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं, जिससे भारत की अर्थव्यवस्था और भी सशक्त हो रही है।




