- मुख्यमंत्री ने कहा शहादत पर प्रदेशवासियों को गर्व
- शहीदों के परिवारों के सम्मान का रखा हमेशा ख्याल
देहरादून। कारगिल विजय दिवस की 26वीं वर्षगांठ पर आज प्रदेशवासियों ने अपने शहीद सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके बलिदान को याद किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गांधी पार्क स्थित शहीद स्थल जाकर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और कहा कि प्रदेश के लोग उनके बलिदान पर सदैव गर्व करते रहेंगे।
मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड का इतिहास बलिदान का इतिहास है। प्रदेश के लोगों ने देश की सुरक्षा के लिए कभी अपने प्राणों की चिंता नहीं की है। उनकी शहादत प्रदेश वासियों को हमेशा गौरवान्तित करती रहेगी। उन्होंने कहा कि अब समय नहीं रहा है जब हमारी सेना को दुश्मन के हमले का जवाब देने के लिए अधिकारियों और सरकार के आदेशों का इंतजार करना पड़ता है था अब अगर दुश्मन द्वारा गोली चलाई जाती है तो हमारे वीर जवानों द्वारा उनका तुरंत करारा जवाब दिया जाता है।
उन्होंने कहा कि हमारी सेना द्वारा बीते समय में पाकिस्तान के खिलाफ एयर स्ट्राइक और ऑपरेशन सिंदूर के जरिए करारा जवाब देकर यह साफ कर दिया गया है कि अब यह पहले वाला भारत नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन वीर सपूतों के कारण हमारी सीमाएं सुरक्षित हैं उनके परिवारों की सुरक्षा भी सरकारों की जिम्मेदारी है। हमारी सरकार द्वारा सैनिकों व शहीदों के सम्मान में कोई कमी नहीं रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि कारगिल का युद्ध अत्यंत ही कठिन परिस्थितियों में लड़ा गया था दुश्मन ऊंची पहाड़ियों पर डेरा जमाये हुए था लेकिन हमारे वीर जवानों ने उन्हें वहां भी परास्त कर दिखाया था लेकिन इसकी बड़ी कीमत हमें चुकानी पड़ी थी देश के 527 सैनिकों को अपने प्राणों की आहुति देनी पड़ी थी जिसमें से 75 अकेले उत्तराखंड से थे। उन्होंने कहा कि हमें इन वीर सपूतों की शहादत पर गर्व है उधर आज पूरे देश के साथ राज्य के अन्य तमाम जनपदों जिसमें टिहरी, पौड़ी, अल्मोड़ा सहित अनेक जगहों पर शहीदों को भावपूर्ण श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने शहीदों के परिजनों को भी सम्मानित किया। कार्यक्रम में मंत्री और विधायकों के साथ अनेक गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।




