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राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा माध्यम है जो युवाओं को उनके सामाजिक सरोकारों से परिचित कराता है : प्रो. उभान

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रुद्रपुर । सरदार भगत सिंह राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय,रुद्रपुर की राष्ट्रीय सेवा योजना की तीनों इकाइयों का सात दिवसीय विशेष शिविर राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय, पत्थरचट्टा, रुद्रपुर में संचालित हो रहा है। शिविर के चौथे दिन शिविरार्थियों के दिन की शुरुआत लक्ष्य गीत,संकल्प गीत और राष्ट्रगान के पश्चात योग क्रियाओं के साथ हुई ।
सुबह के नाश्ते के पश्चात आज सांस्कृतिक प्रतियोगिता सत्र में शिविरार्थियों द्वारा विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। प्रतियोगिताओं के परिणाम शिविर के समापन समारोह में घोषित किए जाएंगे और विजेताओं को महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा । इस सांस्कृतिक प्रतियोगिता सत्र में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर राजेश कुमार उभान तथा जिला युवा अधिकारी श्री आशीष पाल उपस्थित रहे । शिविरार्थियों को सम्बोधित करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.राजेश कुमार उभान ने कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना एक ऐसा माध्यम है जो युवाओं को उनके सामाजिक सरोकारों से परिचित कराता है । कहा कि यह शिविर विद्यार्थियों को सामाजिक महत्व के विभिन्न मुद्दों के प्रति जागरूक और संवेदनशील बनाने और जीवन की विभिन्न आकस्मिकताओं के सापेक्ष प्रशिक्षित करने के उद्देश्य से आयोजित किये जाते है ।जिला युवा अधिकारी आशीष पाल ने शिविरार्थियों को विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट में युवाओं की सहभागिता के सम्बन्ध में विस्तार से बताया । आपने बताया कि विद्यार्थी किस तरह से एक राष्ट्र एक चुनाव जैसे राष्ट्रीय महत्व के विषय में अपने विचारों को उच्च स्तर तक पहुँचा सकता है ।
बौद्धिक सत्र में महाविद्यालय की समाजशास्त्र विभाग प्रभारी प्रो.हेमलता सैनी ने ‘पितृसत्ता और कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न’ विषय पर बोलते हुए कहा कि तमाम विकास और आधुनिकताओं के बावजूद आज भी समाज में स्त्रियों को कार्यस्थल पर बहुत से भेदभाव का सामना करना पड़ता है। आपने कहा कि अगर हमें समाज को सचमुच आगे ले जाना है तो पितृसत्तात्मक सोच के दकियानूसी दायरे से बाहर निकलना होगा । इतिहास विभाग प्रभारी डॉ.अपर्णा सिंह ने ‘स्त्री के लिए बाहर की दुनिया और पितृसत्ता’ विषय पर बोलते हुए कहा कि आदिकाल से भारतीय समाज एक पुरुषवादी समाज रहा है । आज समाज में इतनी तरक्की के बावजूद स्त्रियों के लिए बाहर की दुनिया में तमाम तरह की बाधाएं खड़ी की जाती हैं ।
बौद्धिक सत्र का संचालन बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा दिया ने किया । दिया के द्वारा बौद्धिक सत्र के दोनों ही सत्रों का विषय प्रवर्तन किया गया ।
इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रोफेसर रवीन्द्र कुमार सैनी एवं राष्ट्रीय सेवा योजना की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. अलंकृता सिंह, डॉ. शिल्पी अग्रवाल एवम शिविर के स्वयंसेवी मौजूद रहे ।

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