- प्रतिनिधि मंडल ने की पंचायतीराज सचिव से वार्ता
देहरादून। जिला पंचायत अध्यक्षों को पंचायतों का प्रशासक नियुक्त किये जाने का मामला अब सरकार के गले की फंास बनता जा रहा है। ब्लाक प्रमुख और प्रधान अब स्वंय को प्रशासक नियुक्त करने की मांग पर अड़े हुए है। ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने आज पचंायती राज विभाग के सचिव से मिलकर उनके सामने अपना पक्ष रखा जिस पर उन्हे उचित कार्यवाही करने का आश्वासन भी दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि ग्राम पचंायतो का कार्यकाल बीते 27 नवम्बर को समाप्त होने के बाद सरकार द्वारा 12 जिलों के पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त कर दिया गया था। सरकार के इस फैसले से आहत ब्लाक अध्यक्ष व ग्राम प्रधानों के एक प्रतिनिधि मंडल ने अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए अपने—अपने क्षेत्र का प्रशासक नियुक्त करने की मांग को लेकर कल मंगलवार को मुख्यमत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की थी। सीएम धामी ने ही उनसे पंचायती राज सचिव चन्द्रेश राज से मिलने को कहा था।
ब्लाक प्रमुख संघ के अध्यक्ष महेन्द्र सिंह के नेतृत्व में आज ब्लाक प्रमुख और ग्राम प्रधानों का एक प्रतिनिधि मंडल सचिव चन्द्रेश राज से मिलकर उनके सामने अपना पक्ष रखा और अपने आप को प्रशासक नियुक्त करने की मांग की। महेन्द्र सिंह का कहना है कि इस मुद्दे पर उनकी लम्बी और सकारात्मक वार्ता हुई है तथा इन बातों के दौरान पंचायती राज एक्ट पर भी चर्चा हुई है। उन्होने कहा कि बातचीत सकारात्मक माहौल मे हुई है। तथा उन्हे उम्मीद है कि जल्द ही उन्हे कोई अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। उनके बयान का अर्थ है कि ब्लाक प्रमुखाें और ग्राम प्रधानों को भी उनके क्षेत्र का प्रशासक नियुक्त किया जा सकता है।
यहंा यह भी उल्लेखनीय है कि जिला पचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त किये जाने के बाद ब्लाक प्रमुख तथा ग्राम प्रधानो मेंं भारी नाराजगी है। तथा वह स्वंय को भी प्रशासक बनाने की मांग कर रहे है। जिसे लेकर घमासान मचा हुआ है। इस मुद्दे पर असमंजस में फंसी सरकार आगे क्या फैसला लेती है अलग बात है। लेकिन वह एक भूल सुुधार के लिए क्या एक और गलत फैसला करने जा रही है। क्योकि विपक्ष इसे लेकर पहले ही विरोध कर रहा है।



