April 30, 2026कैबिनेट बैठक:सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट ब्रीफिंग में दी जानकारी उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मिली मंजूरी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के हितों से जुड़े प्रस्तावों पर हुई चर्चा देहरादून। पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित उत्तराखंड मंत्रिमंडल की अहम बैठक में 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।सचिव मुख्यमंत्री शैलेश बगोली ने कैबिनेट ब्रीफिंग में जानकारी देते हुए बताया कि उत्तराखंड मोटरयान संशोधन नियमावली 2026 को मंजूरी। प्रवर्तन अधिकारी भी वर्दी पहनेंगे। वहीं शहरी विकास कुंभ मेला के लिए कार्यों की स्वीकृति आसान होगी। एक करोड़ तक के मेला अधिकारी, 5 करोड़ तक के मंडलायुक्त और बाकी शासन से स्वीकृत होंगे। इसके साथ ही आबकारी नीति में व्यय दर 6 प्रतिशत निर्धारित की गई थी, जिसके अनुरूप वाणिज्य कर विभाग ने अपनी नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी।उन्होंने बताया कि उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी देते हुए वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दी गई है। साथ ही जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को भी सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।अल्पसंख्यक मामलों में उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित हो चुका है। अब कक्षा 1 से 8 तक संचालित 452 मदरसों को जिला स्तर से मान्यता लेने का प्रावधान किया गया है, जबकि 9वीं से 12वीं तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी। इस संबंध में अध्यादेश लाया जाएगा, जिससे 50 हजार से अधिक छात्रों को लाभ मिलेगा।कार्मिक विभाग में प्रतीक्षा सूची की वैधता को लेकर स्पष्ट किया गया है कि यह एक वर्ष तक ही मान्य होगी और इसी अवधि के भीतर चयन होने पर ही उसे वैध माना जाएगा। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करते हुए विशेष शिक्षक शिक्षा नियमावली को मंजूरी दी गई है। साथ ही शैक्षिक संवर्ग के लिए नई सेवा नियमावली भी लागू की गई है, जिससे सहायक अध्यापकों के 62 पदों को नियमित किया जा सकेगा।लोक निर्माण विभाग में 2023 की जेई भर्ती से जुड़े मामलों में दिव्यांग कोटे के 60 खाली पद अन्य श्रेणी से भरे जाने के बाद अब 6 नए पद सृजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।वित्त विभाग में 1 जनवरी 2026 को लिए गए वर्कचार्ज कर्मचारियों के निर्णय पर हाईकोर्ट के स्टे की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई। वहीं निविदा प्रक्रिया में डी श्रेणी के ठेकेदारों के लिए कार्य सीमा बढ़ाकर 1 करोड़ से 1.5 करोड़ रुपये कर दी गई है।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का दायरा बढ़ाते हुए अब 21 अशासकीय कालेजों को भी इसमें शामिल किया गया है, जहां स्थायी प्राचार्य कार्यरत हैं। वन विभाग ने एक नई पहल के तहत वन क्षेत्रों की सीमा पर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की नीति को मंजूरी दी है। इससे स्थानीय लोगों की आय में वृ(ि होगी और मानव-वन्यजीव, विशेषकर हाथियों के साथ होने वाले संघर्ष को कम करने में मदद मिलेगी। इसके लिए वन सीमा मौन पालन, मधुमक्खी आधारित आजीविका एवं मानव-वन्यजीव संघर्ष नियमावली 2026 को भी स्वीकृति प्रदान की गई है। कैबिनेट के प्रमुख फैसले-उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली 2016 में संशोधन को मंजूरी-वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई-वन आरक्षी की आयु सीमा 18 से बढ़ाकर 25 वर्ष की गई।-जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को अब सदस्य के रूप में शामिल किया जाएगा-उत्तराखंड अल्पसंख्यक अधिनियम 2025 पहले ही अधिसूचित किया जा चुका है।-कक्षा 1 से 8 तक के 452 मदरसों को अब जिला स्तर से मान्यता मिलेगी।-कक्षा 9 से 12 तक के लगभग 52 मदरसों को उत्तराखंड बोर्ड से मान्यता लेनी होगी।-प्रतीक्षा सूची अब एक वर्ष तक ही वैध मानी जाएगी।-सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुरूप विशेष शिक्षा शिक्षकों की अर्हता तय करने वाली नियमावली को मंजूरी।-सहायक अध्यापकों के लिए सेवा नियमावली को स्वीकृति।-लोक निर्माण विभाग में हाईकोर्ट के आदेश के संदर्भ में जेई भर्ती से जुड़े मामलों की जानकारी कैबिनेट के संज्ञान में लाई गई।-वन सीमा क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए नई नीति को मंजूरी।
April 30, 2026पीएम मोदी के विजन और सीएम धामी के नेतृत्व की प्रशंसा की श्री केदारनाथ धाम में गूंजा ट्टजय जय केदारा’ रुद्रप्रयाग। प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर ने आज श्री केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दिव्य दर्शन प्राप्त कर विशेष पूजा—अर्चना की। इस दौरान उन्होंने यात्रा हेतु की गई व्यवस्थाओं की खुलकर सराहना करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या के बावजूद यात्रा सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं सुचारू रूप से संचालित हो रही है।कैलाश खेर के मंदिर परिसर में पहुंचने पर जिला प्रशासन, केदार सभा के सदस्यों तथा मंदिर समिति के सदस्यो ने उनका स्वागत किया वहीं श्रद्धालुओं में भी उत्साह का माहौल देखने को मिला। कैलाश खेर ने अपना लोकप्रिय भक्ति गीत ट्टजय जय केदारा’ प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया, जिसमें उपस्थित श्रद्धालु भी भावविभोर होकर शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के विजन एवं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में श्री केदारनाथ धाम की व्यवस्थाओं में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन, पुलिस, तीर्थ पुरोहितों, मंदिर समिति, केदार सभा के सदस्यों से मुलाकात कर यात्रा व्यवस्थाओं की जानकारी ली, तथा यात्रा हेतु की गई बेहतर व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि इतनी अधिक संख्या में श्रद्धालुओं के बावजूद व्यवस्था बनाए रखना प्रशंसनीय है। कैलाश खेर ने उच्च हिमालयी क्षेत्र की विषम परिस्थितियों के बीच भी श्रद्धालुओं की सुगम एवं सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन एवं पुलिस की तत्परता की सराहना की। उन्होंने जिलाधिकारी विशाल मिश्रा सहित जनपद की समस्त प्रशासनिक टीम की प्रशंसा करते हुए कहा कि सभी व्यवस्थाएं सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि बाबा केदार की नगरी में पहुंचकर मन को अद्भुत शांति और ऊर्जा मिलती है।
April 29, 2026कानून से ऊपर कोई नहीं, कार्रवाई होगी कड़ीः डीएम देहरादून। 17 अवैध होमस्टे का पंजीकरण निरस्त कर करते हुए जिला अधिकारी सविन बसंल ने कहा कि कानून से ऊपर कोई नहीं, कार्रवाई कडी होगी।आज यहां जनपद में कानून व्यवस्था सुदृढ़ बनाए रखने तथा आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देशानुसार होमस्टे संचालन की गहन जांच कराई जा रही है। जांच में मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा बड़ी कार्रवाई करते हुए प्रथम चरण में 17 होमस्टे के पंजीकरण निरस्त कर दिए गए हैं। संबंधित होमस्टे को विभागीय वेबसाइट से भी विलोपित किया जाएगा। जिले में होटल रूप में शहरी धनाडय अमीरों के होमस्टे पर डीएम ने कार्रवाई का डंडा चला दिया है। इसी क्रम में जिला प्रशासन ने प्रथम चरण में 17 होमस्टे का पंजीकरण निरस्त करते हुए पर्यटन वेबसाइट से विलोपित की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने ऑपरेशन सफाई शुरू करते हुए प्रथम चरण में 17 अवैध होमस्टे का पंजीकरण कर दिया है तथा आगे भी कार्रवाई गतिमान रहेगी। विगत कई माह से शहर में बढती आपराधिक घटना नशे एवं ओवर स्पीड में वाहन चलाना अदि घटनाएं बढी है। जिसका एक बडेघ् कारण में से एक होमस्टे में रात भर नियम विस्द्ध बार संचालन आदि निकल कर सामने आए है, जहां लाउड डीेजे नशा अय्याशी के अड्डे बन रहे होमस्टे में उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के ठहरने से आमजन की जान का खतरा बना हुआ है वहीं जिला प्रशासन इस हरकत को कतई बर्दाश्त न करते हुए सख्त प्रभावी एक्शन का मन बना चुका है। होमस्टे होटल में निर्धारित प्रक्रिया पालन किए बिना पर्यटक एवं उपद्रवी प्रवृत्ति के लोग ठहराए जा रहे है। होमस्टे भी लीज पर संचालित हो रहे है जो जिले की कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बन रहे है। उपद्रवी प्रवृत्ति के व्यक्तियों द्वारा शहर में हुड़दंग मचाने तथा नशे की हालत में ओवर स्पीड, पिस्टल तमचों से फायरिंग की घटनाएं भी सामने आ रही है। जिलाधिकारी ने महज 07 दिनों में मजिस्टे्रट की 05 टीमें बनाकर इस भारी अव्यवस्था के छिपे कारक को बाहर निकाल दिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि होमस्टे योजना का मूल उद्देश्य स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक व्यंजनों के प्रचार—प्रसार तथा स्थानीय निवासियों की आय में वृद्धि करना है, किंतु निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे का उपयोग होटल अथवा व्यावसायिक प्रतिष्ठान की भांति किया जाना पाया गया, जिससे अव्यवस्था एवं कानून—व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सहसपुर एवं रायपुर विकासखंड के नगरीय क्षेत्रों में पंजीकृत होमस्टे की जांच हेतु क्षेत्रवार समितियों का गठन किया गया। समितियों द्वारा निरीक्षण उपरांत 17 होमस्टे ऐसे पाए गए जो उत्तराखण्ड गृह आवास (होमस्टे) नियमावली के प्रावधानों के अनुरूप संचालित नहीं हो रहे थे। इन सभी के पंजीकरण निरस्त करने की संस्तुति की गई, जिसे स्वीकार करते हुए प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। निरीक्षण के दौरान कई होमस्टे में रसोई की व्यवस्था नहीं पाई गई। अग्निशमन उपकरण अनुपलब्ध या उनकी वैधता समाप्त पाई गई। होमस्टे का उपयोग बारात घर एवं व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था। कई स्थानों पर स्वामी का निवास नहीं पाया गया तथा इकाइयों को लीज/किराये पर संचालित किया जा रहा था। निर्धारित क्षमता से अधिक कमरों का संचालन किया जा रहा था। विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना (सी—फॉर्म) उपलब्ध नहीं कराई गई। कुछ होमस्टे पंजीकृत होने के बावजूद संचालित नहीं पाए गए। निरीक्षण के दौरान निरंजनपुर स्थित एक होमस्टे में विदेशी नागरिकों के ठहराव की सूचना नियमानुसार उपलब्ध नहीं कराई गई तथा अग्निशमन उपकरण की वैधता समाप्त पाई गई। बल्लूपुर क्षेत्र में पंजीकरण से अधिक कमरों का संचालन किया जाना पाया गया। कुछ होमस्टे में स्वामी के स्थान पर अन्य व्यक्तियों द्वारा व्यावसायिक रूप से संचालन किया जा रहा था। मसूरी क्षेत्र में एक होमस्टे का स्वामित्व विक्रय किया जाना तथा अन्य का नवीनीकरण न कराया जाना पाया गया। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं कि जनपद में संचालित सभी होमस्टे संचालक नियमावली का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करें। भविष्य में भी इस प्रकार की जांच अभियान जारी रहेगा तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
April 29, 2026देहरादून। प्रदेश में चारधाम यात्रा सुचारु रूप से संचालित हो रही है। राज्य सरकार द्वारा यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं, ताकि श्रद्धालु निश्चिंत होकर सुरक्षित एवं सुगम रूप से दर्शन कर सकें।चारधाम यात्रा के दौरान यात्रियों, श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए चारधाम यात्रा मार्गों सहित प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर पेयजल, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं, स्वच्छता, पार्किंग एवं यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया गया है।राज्य सरकार ने यात्रा व्यवस्थाओं के संबंध में भ्रामक जानकारी प्रसारित करने वालों तथा गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं, ताकि यात्रा की पवित्रता एवं व्यवस्थाएं बनी रहें।राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार चारधाम कपाट खुलने से 28 अप्रैल, 2026 की सांय 7:00 बजे तक मात्र दस दिनों में कुल 04 लाख 08 हजार 401 श्रद्धालु चारधाम में दर्शन हेतु पहुंचे हैं।धामवार विवरण इस प्रकार है— श्री बद्रीनाथ धाम: कपाट उद्घाटन के छह दिनों में 84,942 श्रद्धालु पहुंचे। श्री केदारनाथ धाम: सात दिनों में 2,07,452 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। यमुनोत्री धाम: दस दिनों में 57,794 श्रद्धालु पहुंचे। गंगोत्री धाम: दस दिनों में 57,863 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके अतिरिक्त गौमुख में अब तक 440 यात्री पहुंचे हैं। वर्तमान यात्रा सीजन में अब तक कुल 64,115 वाहन यात्रियों को लेकर चारधाम पहुंचे हैं। राज्य सरकार द्वारा सभी संबंधित विभागों के समन्वय से यात्रा को सुरक्षित, सुगम एवं व्यवस्थित बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
April 29, 2026निर्माण कार्यों के शासनादेश के विलम्ब पर मुख्य सचिव ने जताई नाराजगी देहरादून। मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन ने बुधवार को सचिवालय में कुम्भ मेला – 2027 की तैयारियों के सम्बन्ध में सम्बन्धित विभागों एवं अधिकारियों के साथ बैठक ली। सर्वप्रथम मुख्य सचिव ने कुम्भ मेले से संबंधित निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न निर्माण कार्यों के शासनादेश जारी ना होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आपत्तियों का निराकरण कर अगले 3 दिनों में शासनादेश जारी किए जाने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि कुंभ मेले के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि आबंटन की प्रक्रिया तत्काल शुरू कर ली जाए। उन्होंने कहा कि विभागों और संस्थानों को आबंटित होने वाली भूमि को 30 जून तक आबंटित कर दिया जाए। उन्होंने आयुक्त गढ़वाल को भूमि अधिग्रहण एवं आवंटन प्रक्रिया कुम्भ मास्टर प्लान में शामिल किए जाने के निर्देश दिए।मुख्य सचिव ने कहा कि निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा मेला क्षेत्र के अंतर्गत अपने कार्यालयों को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी आवश्यक तैनातियां शीघ्र से शीघ्र सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने अनिवार्य रूप से कराये जाने वाले अस्थायी प्रकृति के कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र से शीघ्र शुरू किए जाने की बात कही।मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला क्षेत्र के लिए रेलवे एवं सड़क मार्ग यातायात प्लान तैयार कर फाईनल किए जाने हेतु मेलाधिकारी कुम्भ, आईजी कुम्भ और डीआरएम मुरादाबाद को शीघ्र बैठक कर सभी बुनियादी आवश्यकताएं सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हरिद्वार, नजीबाबाद और मैंगलोर की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एनएचएआई एवं लोक निर्माण विभाग के स्तर से होने वाले स्पर्र और जंक्शंस का निर्माण और मरम्मत कार्य शीघ्र पूर्ण कराया लिया जाए। उन्होंने कुम्भ क्षेत्र के आसपास के जनपदों में भी ट्रैफिक प्लान और पार्किंग सुविधाओं का विस्तार किए जाने के निर्देश जिलाधिकारियों को दिए।मुख्य सचिव ने आकस्मिक यातायात प्लान भी तैयार रखे जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रवेश करने वाले स्थानों पर भी पार्किंग, रुकने, खाने एवं शौचालयों की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। कुम्भ मेला क्षेत्र में चिह्नित पार्किंग स्थलों में भी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।मुख्य सचिव ने पूरे कुम्भ क्षेत्र के लिए सैनिटेशन का डेडिकेटेड प्लान तैयार किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कुम्भ मेले के दौरान देश विदेश से लाखों-करोड़ों की संख्या में श्रद्धालु सम्मिलित होते हैं। इस लिए कुम्भ क्षेत्र में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखे जाने के लिए विशेष सैनिटेशन प्लान शीघ्र तैयार किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने उपयुक्त मात्रा में पर्यटक सूचना केंद्रों की स्थापना किए जाने पर भी जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो और समय पर उचित जानकारी मिल सके।मुख्य सचिव ने कुम्भ मेला के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश की विभिन्न लोक कलाओं के निपुण कलाकारों को इससे अपनी संस्कृति देश विदेश तक पहुंचाने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की अत्यधिक भीड़ के कारण महत्त्वपूर्ण दिवसों को छोड़कर प्रत्येक दिवस ऐसे पौराणिक, ऐतिहासिक एवं लोक संस्कृति से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।इस अवसर पर सचिव श्री नितेश कुमार झा, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, श्री बृजेश कुमार संत, श्री विनय शंकर पाण्डेय, श्री श्रीधर बाबू अद्दांकी, श्री रणवीर सिंह चौहान, मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका, आईजी कुम्भ श्री योगेन्द्र सिंह रावत एवं रेलवे डिवीजन मुरादाबाद से वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
April 29, 2026जिस घर से बारात जानी थी वहंा से उठे दो जनाजे उधमसिंहनगर। सितारगंज क्षेत्र में तेज रफ्तार के कहर ने एक हँसते—खेलते परिवार की खुशियों को उम्र भर के गम में बदल दिया है। किच्छा हाईवे पर एक अनियंत्रित कार ने सड़क किनारे खड़े ई—रिक्शा को भीषण टक्कर मार दी, जिससे दो सगी बहनों की मौत हो गयी। जबकि पांच लोग गम्भीर रूप से घायल हुए है। बताया जा रहा है कि आज जिस घर से आज भाई की बारात प्रस्थान करनी थी, वहाँ अब जनाजे उठाये जा रहे है।जानकारी के अनुसार, सितारगंज के नया गांव निवासी 22 वर्षीय हिना पुत्री रईस अहमद और उनकी बड़ी बहन 25 वर्षीय निशा पत्नी तौफीक अहमद, अपनी ममेरी बहन रूबी के साथ बीते रोज भाई के निकाह की खरीदारी करने सितारगंज बाजार गई थीं। शॉपिंग के उपरांत तीनों बहनें ई—रिक्शा से वापस घर लौट रही थीं। नया गांव के समीप हाईवे किनारे जब वे रिक्शा से उतरकर चालक को किराया दे रही थीं, तभी सितारगंज की ओर से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने ओवरटेक करने के प्रयास में नियंत्रण खो दिया और ई—रिक्शा सहित खड़ी बहनों को जोरदार टक्कर मार दी।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भयानक थी कि ई—रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और वहां खड़ी बहनें कई फीट दूर जाकर गिरीं। दुर्घटना में तीनों बहनों सहित कुल सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय नागरिकों ने सभी को तत्काल चिकित्सालय पहुँचाया। उप जिला चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर भेज दिया गया। बताया जा रहा है कि उपचार के दौरान हिना ने दम तोड़ दिया, जबकि निशा की मृत्यु रुद्रपुर के एक निजी चिकित्सालय में हुई। ममेरी बहन रूबी का उपचार अभी भी जारी है।इस दुर्घटना ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है। घर में भाई के निकाह की तैयारियां चरम पर थीं और आज बारात जानी तय थी, किंतु बहनों की मृत्यु के समाचार ने खुशियों को चीख—पुकार में बदल दिया। माता—पिता बेसुध हैं और गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है। दुर्घटना में घायल अन्य चार यात्रियो रामकुमार गुप्ता, राजेश्वरी गुप्ता, डालचंद कश्यप और प्रेमपाल गंगवार का भी निजी चिकित्सालयों में उपचार चल रहा है। प्रशासन और पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए दोनों वाहनों को अपने अधिकार में ले लिया है। शवों का पंचनामा भर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।