अल्मोड़ा हादसे से राज्य के लोग गमगीनः धामी
अनेक सवालों से घिरी हुई है सरकार
परिवहन अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति
देहरादून। अल्मोड़ा में बीते कल हुए भीषण सड़क हादसे को लेकर पूरे राज्य के लोग गमजदा हैं। त्योहारों की खुशी का माहौल काफुर हो चुका है जिनके अपने इस हादसे का शिकार हुए हैं वही नहीं उन तमाम गांवों और बस्तियों में दुख की लहर है जहां इनका घर परिवार रहता है, नाते रिश्तेदार रहते हैं। 36 लोगों की संख्या कोई कम नहीं होती है वहीं अभी दो दर्जन से भी अधिक लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि वह खुद इस हादसे से अत्यंत दुखी हैं। उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में पीड़ित लोगों के साथ सरकार खड़ी है एक मासूम बच्ची जो इस हादसे में घायल हुई है उसने अपने माता—पिता को खो दिया है। उन्होंने उस बच्ची का सारा खर्च सरकार द्वारा उठाए जाने की बात भी कही है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि अब 9 नवंबर को राज्य स्थापना दिवस भी अत्यंत सादगी से मनाने का फैसला सरकार ने लिया है। स्थापना दिवस में इस तरह का कोई रंगारंग कार्यक्रम आयोजित नहीं किया जाएगा।
उधर इस हादसे के बाद सरकार तमाम तरह के सवालों से घिरी हुई है। राज्य की सड़कों की बदहाली से लेकर इन सड़कों पर चलने वाले आउट डेटिंग वाहन तथा वाहनों की फिटनेस जांच करने वाले आरटीओ दफ्तर और उनके अधिकारियों व कर्मचारियों की कार्यप्रणाली जैसे तमाम ऐसे सवाल है जो बार—बार उठाये जा रहे हैं। राज्य परिवहन के सभी जिला कार्यालयों में इस हादसे के बाद हड़कंम मचा हुआ है जो कि काम के समय सोए रहते हैं और हादसों के बाद जिनकी नींद टूटती है।



