- पुलिस स्मृति दिवस पर शहीदों को दी श्रद्धांजलि
- पुलिस को आधुनिक तकनीक से लैस करने की जरूरत
देहरादून। अपराधों की प्रवृत्ति में हो रहे बदलाव के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली में बदलाव और पुलिस का आधुनिक तकनीक से लैस होना बहुत जरूरी है। वर्तमान दौर में बढ़ते साइबर क्राइम और नशा तस्करी पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
यह बात आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पुलिस लाइन में आयोजित पुलिस स्मृति कार्यक्रम में परेड की सलामी लेने के बाद अपने संबोधन में कहीं। उन्होंने कहा कि राज्य की पुलिस सिर्फ कानून व्यवस्था को बनाए रखने तक ही सीमित नहीं है। प्राकृतिक आपदाओं से लेकर अन्य तमाम सामाजिक सुरक्षा के कामों में भी उसका असाधारण योगदान रहता है। राज्य में आने वाले सभी विशिष्ट लोगों की सुरक्षा से लेकर चार धाम यात्रियों व पर्यटकों की सुरक्षा में उसका महत्वपूर्ण योगदान रहता है। उत्तराखंड के लिए उनकी सेवाएं इसलिए भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि हमारी सीमाएं अन्य देशों के साथ जुड़ी हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के दौर में साइबर क्राइम और नशा सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है। नशे से हमारे युवाओं और बच्चों का भविष्य चौपट हो रहा है जबकि साइबर क्राइम से पार पाना कड़ी चुनौती बना हुआ है। डिजिटल अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस को भी तमाम तरह के तकनीकी ज्ञान से लैस किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मुझे बताया गया है कि पुलिस ने महिला अपराधों में 90 फीसदी मामलों का अनावरण किया है तथा 65 फीसदी मामलों में अपराधियों को जेल भेजा गया है।
उन्होंने इसके साथ ही पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए किए जाने वाले कामों तथा उन्हें आवासीय सुविधा देने के बारे में भी जानकारी दी तथा कहा है कि हमारी सरकार पुलिस कर्मियों के कल्याण तथा कार्य क्षमता में सुधार के लिए कई तरह के प्रयास कर रही है जिससे पुलिस अपना काम और बेहतर तरीके से कर सके। इस अवसर पर डीजीपी सहित तमाम पुलिस अधिकारी भी मौजूद रहे।





