Home News Posts उत्तराखंड अंतरिम आरक्षण पर छिड़ी जंग

अंतरिम आरक्षण पर छिड़ी जंग

0
1219
  • प्रीतम सिंह की चुनौतीः चुनावी भ्रष्टाचार का करेंगे भंडाफोड़
  • मेरे बेटे को अध्यक्ष बनने से रोकने के लिए किया गया षड्यंत्र

देहरादून। उत्तराखंड शासन द्वारा जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए उन सभी 12 जिलों की अंतरिम आरक्षण सूची जारी कर दी गई है। शासन ने साथ ही इस पर आपत्तियों को दर्ज कराने और सुनवाई की तिथि भी तय कर दी इसके बाद 6 अगस्त को अंतिम सूची जारी करने को कहा गया है। लेकिन इसकी अंतरिम सूची जारी होते ही कांग्रेस ने इस पर घोर आपत्ति भी जताई है और इसे भाजपा का चुनावी भ्रष्टाचार करार देते हुए चुनौती दी है कि वह प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस चुनावी भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करेंगे।
उल्लेखनीय है कि 24—28 जुलाई को दो चरणों में हुए मतदान के बाद बीते कल तक सभी चुनाव परिणाम आ चुके हैं। दरअसल आरक्षण रोस्टर की खामियों को लेकर चुनाव से पूर्व भी काफी बवाल हुआ था। अब जिला पंचायत अध्यक्ष के पदों पर होने वाले चुनाव के लिए अंतरिम सूची जारी होते ही इस पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने कल ही आपत्ति जताई थी और कहा था कि शासन प्रशासन अपनी सुविधानुसार काम कर रहा है। चुनाव परिणाम पूर्व ही उसे जिला पंचायत अध्यक्षों के आरक्षण की सूची जारी करनी चाहिए थी।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रीतम सिंह द्वारा इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा गया है कि सरकार ने उनके बेटे अभिषेक सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष बनने से रोकने के लिए देहरादून जिला पंचायत अध्यक्ष सीट को फिर महिलाओं के लिए आरक्षित किया गया है इस सीट पर पहले महिला का आरक्षण किया गया था। इससे पूर्व विधायक मुन्ना सिंह चौहान की पत्नी जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी है जो इस साल भी चुनाव जीतकर आई है।
प्रीतम सिंह ने सरकार पर चुनावी भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा गया है कि इस चुनाव में शुरू से ही भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा है। मनमाने तरीके से नामांकन पत्र रद्द किए जाने आरक्षण और नाम रद्द करने को लेकर तमाम मामले अदालत तक गए हैं। उन्होंने कहा है कि वह सरकार के इस चुनावी भ्रष्टाचार का भंडाफोड़ करने के लिए जल्द ही पत्रकार वार्ता करेंगे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here