Home News Posts उत्तराखंड उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में संशोधन अध्यादेश लागू

उत्तराखण्ड में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में संशोधन अध्यादेश लागू

0
184

देहरादून। उत्तराखण्ड सरकार द्वारा समान नागरिक संहिता, उत्तराखण्ड, 2024 में आवश्यक संशोधनों हेतु समान नागरिक संहिता (संशोधन) अध्यादेश, 2026 को राज्यपाल की स्वीकृति के उपरांत लागू कर दिया गया है। यह अध्यादेश संविधान के अनुच्छेद 213 के अंतर्गत राज्यपाल उत्तराखण्ड लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.) द्वारा जारी किया गया है तथा यह तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है।
अध्यादेश के माध्यम से संहिता के विभिन्न प्रावधानों में प्रक्रियात्मक, प्रशासनिक एवं दंडात्मक सुधार किए गए हैं, जिससे समान नागरिक संहिता के प्रभावी, पारदर्शी एवं सुचारु क्रियान्वयन को सुनिश्चित किया जा सके।
जारी किये गये नये अध्यादेश में अब आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 के स्थान पर अब भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 तथा दंडात्मक प्रावधानों के लिए भारतीय न्याय संहिता, 2023 को लागू किया गया है। वहीं धारा 12 के अंतर्गत ट्टट्टसचिव’’ के स्थान पर ट्टट्टअपर सचिव’’ को सक्षम प्राधिकारी नामित किया गया है। उप—पंजीयक द्वारा निर्धारित समय—सीमा में कार्यवाही न किए जाने की स्थिति में प्रकरण स्वतः पंजीयक एवं पंजीयक जनरल को अग्रेषित किए जाने का प्रावधान किया गया है साथ ही उप—पंजीयक पर लगाए गए दंड के विरुद्ध अपील का अधिकार प्रदान किया गया है तथा दंड की वसूली भू—राजस्व की भांति किए जाने का प्रावधान जोड़ा गया है। नये अध्यादेश में विवाह के समय पहचान से संबंधित गलत प्रस्तुति को विवाह निरस्तीकरण का आधार बनाया गया है वहीं विवाह एवं लिव—इन संबंधों में बल, दबाव, धोखाधड़ी अथवा विधि—विरुद्ध कृत्यों के लिए कठोर दंडात्मक प्रावधान सुनिश्चित किए गए हैं। लिव—इन संबंध की समाप्ति पर पंजीयक द्वारा समाप्ति प्रमाण पत्र जारी किए जाने का प्रावधान किया गया है। अनुसूची—2 में ट्टट्टविधवा’’ शब्द के स्थान पर ट्टट्टजीवनसाथी’’ शब्द का प्रतिस्थापन किया गया है। विवाह, तलाक, लिव—इन संबंध एवं उत्तराधिकार से संबंधित पंजीकरण को निरस्त करने की शक्ति पंजीयक जनरल को प्रदान की गई है। सरकार द्वारा कहा गया है कि इन संशोधनों का उद्देश्य समान नागरिक संहिता के प्रावधानों को अधिक स्पष्ट, प्रभावी एवं व्यावहारिक बनाना, प्रशासनिक दक्षता को सुदृढ़ करना तथा नागरिकों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here