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कुख्यात वाल्मिकी गैंग के दो बदमाश गिरफ्तार

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  • करोड़ो की संपत्ति एवं पार्किंगो को कब्जाने में थे सक्रिय
  • प्रवीण वाल्मिकी गैंग अब तक कर चुका है कई हत्याये

देहरादून। कुख्यात प्रवीण वाल्मिकी गैंग के एक पार्षद सहित दो बदमाशों को एसटीएफ द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी दोनो बदमाश करोड़ों की सम्पत्ति व पार्किगों को कब्जाने में सक्रिय थे। वाल्मिकी गैंग अब तक कई हत्या की घटनाओं को अंजाम दे चुका है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा जानकारी देते हुए बताया गया कि पिछले कुछ माह पहले एसटीएफ को सूचना मिली कि प्रवीण वाल्मीकी जो कि पूर्व में कुख्यात सुनील राठी गैंग का सदस्य रह चुका है और हरिद्वार में कई प्रकार के संगीन अपराधों जैसे हत्या, रंगदारी आदि को घटित कर चुका है और वह वर्तमान में सितारगंज जेल में रहते हुए भी अपने गुर्गाे के माध्यम से हरिद्वार में पार्किंग के ठेके के अलावा लोगों को डरा धमकाकर उनकी बेशकीमती जमीनों को अवैध रुप से विक्रय कर रहा है और भारी मात्रा में इस धंधे से पैसे प्राप्त कर रहा है। सूचना पर एसटीएफ द्वारा जांच की गयी तो मामला सत्य पाया गया। जिस पर एसटीएफ द्वारा कार्यवाही करते हुए थाना गंगनहर में गैंगस्टर प्रवीण वाल्मिकी उसके भतीजे पार्षद मनीष बाँलर, पंकज अष्ठवाल आदि 6 लोंगो के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया और बीती देर शाम दबिश देकर मनीष बाँलर और पंकज अष्ठवाल निवासी ग्राम सुनेहरा थाना गंगनहर जनपद हरिद्वार को गिरफ्तार किया गया।
बताया गया कि रुड़की क्षेत्र के ग्राम सुनेहरा निवासी श्याम बिहारी की वर्ष 2014 में मृत्यु हो गई थी जिसकी करोड़ो रुपए की संपत्ति ग्राम सुनेहरा क्षेत्र में स्थित है। श्याम बिहारी की मृत्यु के पश्चात इस संपत्ति की देखभाल उसका छोटा भाई कृष्ण गोपाल कर रहा था वर्ष 2018 में प्रवीण वाल्मीकि गैंग द्वारा इस संपत्ति को कब्जा करने की नियत से उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके पश्चात इस संपत्ति की देखभाल श्याम बिहारी की पत्नी रेखा द्वारा की जाने लगी तो प्रवीण वाल्मीकि द्वारा रेखा को धमकाकर संपत्ति अपने नाम पर करने के लिए दबाव बनाया गया परंतु वह नहीं मानी तो उसके भाई सुभाष पर वर्ष 2019 में अपने भतीजे मनीष बॉलर व उसके साथियों के साथ गोली चलवायी गई जिसमें थाना गंगानगर पर मुकदमा दर्ज किया गया। इन दोनों घटनाओं से रेखा का परिवार डर गया और वह रुड़की क्षेत्र छोड़कर कहीं अज्ञात स्थान पर छिप कर रहने लगे। इसके बाद रेखा व कृष्ण गोपाल की संपत्ति को प्रवीण वाल्मिकी व उसके सदस्यों द्वारा फर्जी रेखा व कृष्ण गोपाल की पत्नी स्नेहलता बनाकर फर्जी पाँवर अटार्नीय तैयार की गई तथा इन सम्पत्तयों को आगे बेचा गया इस काम में मनीष बाँलर का सहयोगी पंकज अष्टवाल था जिसने रेखा की फर्जी पावर अटार्नी अपने नाम करवाकर करोंड़ो मूल्य की सम्पत्ति को खुर्द बुर्द कर आगे बेचा।
वर्ष 2022 में हरिद्वार जेल में प्रवीण वाल्मीकि और सुनील राठी दोनो जनपद हरिद्वार कारागार में नियुक्त थे। इसी जेल में जानसठ मुजफ्फरनगर का रहने वाला संदीप कुमार एरोन नाम का व्यक्ति भी बंद था जिसकी करीब 3ः30 करोड रुपए की संपत्ति कनखल क्षेत्र में स्थित थी जिस पर उस दौरान कब्जे का विवाद चल रहा था। प्रवीण वाल्मीकि द्वारा अपने भतीजे मनीष बॉलर और संजय चांदना को जेल में मिलाई के दौरान बताया कि एरोन की संपत्ति से कब्जा हटना है और यह संपत्ति के लिए एरोन को केवल 50—60 लाख रुपए ही देने है। इसके बाद मनीष बॉलर व संजय चांदना द्वारा जनवरी 2023 में जब एरोन जेल से छूट के आता है उक्त संपत्ति का एक एग्रीमेंट बिना कोई पैसे दिए अपने नाम पर कर देते हैं। परंतु इसके बाद उक्त संपत्ति के बारे में एक अन्य अपराधी आशीष शर्मा/ टुली जो कि महंत हत्या के केस में हरिद्वार जेल में गया था सुनील राठी को जानकारी देता है तो सुनील राठी द्वारा प्रवीण वाल्मीकि को धमका कर मनीष बॉलर और संजय चांदना की नाम के एग्रीमेंट को खत्म करवा दिया गया।
इस मामले में अभी तक वाल्मिकी गैंग के 2 सदस्य मनीष बाँलर एवं पंकज अष्टवाल को गिरफ्तार किया गया है। जिनसे पूछताछ में फर्जी रेखा व संलिप्त सदस्यों की जानकारी प्राप्त हुई है जिनकी शीघ्र गिरफ्तारी की जायेगी।

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